भारत में कुछ ऐसे लोग हो गए हैं जिनको सुबह शाम उठते बैठते नहाते धोते भगवान का नाम लेते समय भी केवल नरेंद्र मोदी दिखाई देते हैं सुनाई देते हैं देख ना उनका कमाल देखिए जब राम मंदिर आंदोलन चल रहा था या राम मंदिर कहो या राष्ट्र मंदिर बन रहा था उसमें विपक्ष ने किसी ने भाग नहीं दिया और जोरदार विरोध किया लेकिन आज स्थिति देखी मोदी का नाम लेते-लेते श्री राम श्री राम श्री राम करने लगे यह ताकतवर ठीक व्यक्ति विशेष में
भारत में कुछ ऐसे लोग हो गए हैं जिनको सुबह शाम उठते बैठते नहाते धोते भगवान का नाम लेते समय भी केवल नरेंद्र मोदी दिखाई देते हैं सुनाई देते हैं देख ना उनका कमाल देखिए जब राम मंदिर आंदोलन चल रहा था या राम मंदिर कहो या राष्ट्र मंदिर बन रहा था उसमें विपक्ष ने किसी ने भाग नहीं दिया और जोरदार विरोध किया लेकिन आज स्थिति देखी मोदी का नाम लेते-लेते श्री राम श्री राम श्री राम करने लगे यह ताकतवर ठीक व्यक्ति विशेष में
जी भाई साहब यह विरोध 2014 से नहीं 2002 में जब मुख्यमंत्री गुजरात के बने इस समय से चल रहा है जितनी मुख्यमंत्री के रूप में पुलिस मुख्यालय में उनकी पेशी और टॉर्चर शायद किसी मुख्यमंत्री का हुआ होगा लेकिन एक भी भाजपा कार्यकर्ता में गुजरात में रोड पर उतरकर हाय हल्ला नहीं किया यह एक उनके मुख्यमंत्री का दौर था करते-करते चुनाव में नहीं हरा सके 2014 में प्रधानमंत्री बन गए और उसके बाद आज तक इलेक्शन में मुकाबला नहीं कर सकते इसलिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जाते हैं नोटबंदी से लेकर अभी पिछले दिनों वोट चोरी पर बम परमाणु बम हाइड्रोजन बम फोड़ने और उसके बाद भी पश्चिम बंगाल का रिजल्ट बिहार का रिजल्ट अब उनको कोई ना कोई तो बहाना चाहिए ना इसलिए दिल्ली में कल जो राज्य का माहौल हुआ उसमें छात्र ना के बराबर थे मैं किसी कल कम से पहाड़गंज गया था जब वहां पर देखा तो उसमें छात्र कम और लोग ज्यादा थे एक दो लोगों से बात भी की वह वही है जिनको मोदी पसंद नहीं है आप पसंद ना पसंद तो लोकतंत्र में चुनाव से निकलेगी ना चुनाव में वह हार नहीं पा रहे इसलिए अब वह कोई मौका नहीं चूसते उसमें कुछ पत्रकार कुछ बुद्धिजीवी कुछ किसान के नाम पर फिक्स लोग हैं जो कहीं भी आंदोलन होगा मोदी के खिलाफ वह वही पहुंच जाएंगे बस इतना ही कहना है
जी भाई साहब यह विरोध 2014 से नहीं 2002 में जब मुख्यमंत्री गुजरात के बने इस समय से चल रहा है जितनी मुख्यमंत्री के रूप में पुलिस मुख्यालय में उनकी पेशी और टॉर्चर शायद किसी मुख्यमंत्री का हुआ होगा लेकिन एक भी भाजपा कार्यकर्ता में गुजरात में रोड पर उतरकर हाय हल्ला नहीं किया यह एक उनके मुख्यमंत्री का दौर था करते-करते चुनाव में नहीं हरा सके 2014 में प्रधानमंत्री बन गए और उसके बाद आज तक इलेक्शन में मुकाबला नहीं कर सकते इसलिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जाते हैं नोटबंदी से लेकर अभी पिछले दिनों वोट चोरी पर बम परमाणु बम हाइड्रोजन बम फोड़ने और उसके बाद भी पश्चिम बंगाल का रिजल्ट बिहार का रिजल्ट अब उनको कोई ना कोई तो बहाना चाहिए ना इसलिए दिल्ली में कल जो राज्य का माहौल हुआ उसमें छात्र ना के बराबर थे मैं किसी कल कम से पहाड़गंज गया था जब वहां पर देखा तो उसमें छात्र कम और लोग ज्यादा थे एक दो लोगों से बात भी की वह वही है जिनको मोदी पसंद नहीं है आप पसंद ना पसंद तो लोकतंत्र में चुनाव से निकलेगी ना चुनाव में वह हार नहीं पा रहे इसलिए अब वह कोई मौका नहीं चूसते उसमें कुछ पत्रकार कुछ बुद्धिजीवी कुछ किसान के नाम पर फिक्स लोग हैं जो कहीं भी आंदोलन होगा मोदी के खिलाफ वह वही पहुंच जाएंगे बस इतना ही कहना है
@ShivamdixitInd यह विद्यार्थी कौन से पेपर की तैयारी कर रहे हैं जो कुर्सियों पर बैठे जो पत्थर फेंक रहे थे वह कौन से पेपर की तैयारी कर रहे थे जो गाना गा रही थी अल्लाह रहेगा तो कौन से पेपर की तैयारी थी डफली बजाकर नारे लगाना वह कौन से कॉलेज में पढ़ाया जाता है यह विद्यार्थी थे या कोई और
@ShivamdixitInd यह विद्यार्थी कौन से पेपर की तैयारी कर रहे हैं जो कुर्सियों पर बैठे जो पत्थर फेंक रहे थे वह कौन से पेपर की तैयारी कर रहे थे जो गाना गा रही थी अल्लाह रहेगा तो कौन से पेपर की तैयारी थी डफली बजाकर नारे लगाना वह कौन से कॉलेज में पढ़ाया जाता है यह विद्यार्थी थे या कोई और
इस डरना प्रदर्शन में एक खास देखने को मिला जो हमेशा से रहते हैं हर आंदोलन वही दिखाई दिए चाहे आरफा खानम हो अजीत अंजुमन हो योगेंद्र यादव हो डफली बजाने वाले बच्चे हो तो फिर नया क्या था दिल्ली को 4 घंटे के लिए दिल्ली में अराजकता का माहौल बन गया लेकिन जिन्होंने तोड़फोड़ की उनकी पुलिस के पास कार्रवाई करने का अधिकार तो बनता है ना और बना भी चाहिए
इस डरना प्रदर्शन में एक खास देखने को मिला जो हमेशा से रहते हैं हर आंदोलन वही दिखाई दिए चाहे आरफा खानम हो अजीत अंजुमन हो योगेंद्र यादव हो डफली बजाने वाले बच्चे हो तो फिर नया क्या था दिल्ली को 4 घंटे के लिए दिल्ली में अराजकता का माहौल बन गया लेकिन जिन्होंने तोड़फोड़ की उनकी पुलिस के पास कार्रवाई करने का अधिकार तो बनता है ना और बना भी चाहिए
कुछ नहीं है योगेंद्र जी सब हालात ठीक है हां कुछ लोग हैं जो हर छोटे से आंदोलन से लेकर के बड़े आंदोलन तक मोदी विरोध कोई भी हो वह उसको बड़े से बाद बात कर ऐसा करते हैं कि मोदी सरकार तो अब गई तब गई और सुनो मोदी सरकार 2047 तक कहीं जाने वाली नहीं है कारण क्या है इसके राज्य में मजदूर से लेकर छात्र व्यापारी महिलाएं सब खुश हैं कोई भी ना खुशी नहीं है हां यह थोड़ा-थोड़ा कभी कोई अमेरिका से आता है भड़काने के लिए कोई किसानों के नाम पर भड़कता है कोई महिला पहलवानों के नाम पर अब छोटी सी गलती राम मंदिर में हुई तो उसको बड़े से बड़ा मुद्दा बना करके पेश किया जा रहा है और मोदी जी परिसीमन बिल पास करवाने की तैयारी कर रहे हैं आपको मोदी जी फंसा देते हैं और सोनम वांगचुक का धरना देना यह कोई मामूली बात नहीं है सबका ध्यान राम मंदिर से हटकर उसे और हो गया और इस बीच में मोदी सरकार क्या कर रही है उसकी जानकारी आपको जब होगी जब परिसीमन बिल पास हो जाएगा
कुछ नहीं है योगेंद्र जी सब हालात ठीक है हां कुछ लोग हैं जो हर छोटे से आंदोलन से लेकर के बड़े आंदोलन तक मोदी विरोध कोई भी हो वह उसको बड़े से बाद बात कर ऐसा करते हैं कि मोदी सरकार तो अब गई तब गई और सुनो मोदी सरकार 2047 तक कहीं जाने वाली नहीं है कारण क्या है इसके राज्य में मजदूर से लेकर छात्र व्यापारी महिलाएं सब खुश हैं कोई भी ना खुशी नहीं है हां यह थोड़ा-थोड़ा कभी कोई अमेरिका से आता है भड़काने के लिए कोई किसानों के नाम पर भड़कता है कोई महिला पहलवानों के नाम पर अब छोटी सी गलती राम मंदिर में हुई तो उसको बड़े से बड़ा मुद्दा बना करके पेश किया जा रहा है और मोदी जी परिसीमन बिल पास करवाने की तैयारी कर रहे हैं आपको मोदी जी फंसा देते हैं और सोनम वांगचुक का धरना देना यह कोई मामूली बात नहीं है सबका ध्यान राम मंदिर से हटकर उसे और हो गया और इस बीच में मोदी सरकार क्या कर रही है उसकी जानकारी आपको जब होगी जब परिसीमन बिल पास हो जाएगा
@shoaibJamei भारत जैसे देश में एक दिक्कत हो गई है हर व्यक्ति कोई सी भी जीत या हार को अपने चश्मे से देखने लगे हैं अब फुटबॉल खेल को इसराइल और फिलिपींस से जोड़ना कौन सा तुक है
@shoaibJamei भारत जैसे देश में एक दिक्कत हो गई है हर व्यक्ति कोई सी भी जीत या हार को अपने चश्मे से देखने लगे हैं अब फुटबॉल खेल को इसराइल और फिलिपींस से जोड़ना कौन सा तुक है
इस एक गोल ने स्पेन की पूरी कहानी बदल कर रख दी जहां पर लग रहा था अर्जेंटीना फाइनल जीत जाएगा लेकिन हो गया उल्टा क्योंकि अर्जेंटीना ने तीन मैच पिछले हारे हुए जीते थे तो इसलिए कहा जा रहा था कि अर्जेंटीना ही फाइनल में जीते लेकिन खेल तो खेल होता है और अर्जेंटीना हार गया भारत के लिए सीखी है 140 करोड़ की आबादी में हम लोग 20 प्लेयर फुटबॉल के तैयार नहीं कर पा रहे कारण राजनीति है राशि का भाव है यह कॉन्फिडेंस की कमी है लेकिन ऐसा नहीं है हम अगले फुटबॉल कप में क्वालीफाई कर पाए ऐसा एक बार सोचना चाहिए हमारे यहां बहुत प्रतिभा है बच्चों में और खासकर पश्चिम बंगाल कोलकाता में यहां से शुरुआत की जा सकती है छोटी उम्र के बीच 25 बालक लेकर उनको तैयारी कारण और 4 साल में वह टीम तैयार हो सकती है बस एक बार तय कर ले कि हमने यह काम करना है तो कर लेंगे फीफा वर्ल्ड कप जीतने पर बहुत-बहुत शुभकामनाएं
इस एक गोल ने स्पेन की पूरी कहानी बदल कर रख दी जहां पर लग रहा था अर्जेंटीना फाइनल जीत जाएगा लेकिन हो गया उल्टा क्योंकि अर्जेंटीना ने तीन मैच पिछले हारे हुए जीते थे तो इसलिए कहा जा रहा था कि अर्जेंटीना ही फाइनल में जीते लेकिन खेल तो खेल होता है और अर्जेंटीना हार गया भारत के लिए सीखी है 140 करोड़ की आबादी में हम लोग 20 प्लेयर फुटबॉल के तैयार नहीं कर पा रहे कारण राजनीति है राशि का भाव है यह कॉन्फिडेंस की कमी है लेकिन ऐसा नहीं है हम अगले फुटबॉल कप में क्वालीफाई कर पाए ऐसा एक बार सोचना चाहिए हमारे यहां बहुत प्रतिभा है बच्चों में और खासकर पश्चिम बंगाल कोलकाता में यहां से शुरुआत की जा सकती है छोटी उम्र के बीच 25 बालक लेकर उनको तैयारी कारण और 4 साल में वह टीम तैयार हो सकती है बस एक बार तय कर ले कि हमने यह काम करना है तो कर लेंगे फीफा वर्ल्ड कप जीतने पर बहुत-बहुत शुभकामनाएं