@NaredaAbhishek अरे दलाल मुंह मत खुला तू खुद rss का एक नंबर का दलाल है पूरा समाज बेच दिया तुमने दलालो rss की चोली उठाओ और आराम करो पहले तू खुद को सुधार उसके बाद उगली उठाना नरेश हाड़ौती का किंग है ओर रहेगा समझा
Pti भर्ती 2022 शुरू मे 461 पदों पर ही होनी थी लेकिन संघर्ष की बदौलत 5000 से ज्यादा पदों पर हुई।
Pti बेरोजगार भाइयों सब एक होकर संघर्ष करोगे तो जीत अवश्य मिलेगी।
Pti भर्ती समय पर और अच्छे पदों पर होनी चाहिए।
@alokrajRSSB@RajCMO@madandilawar@saten_08@rao_satyendra@JATbera1
जिस जज ने यह बात कही कि CJP प्रवक्ता GenZ नहीं हैं, ये वही जज हैं जिन्होंने उन्नाव केस में बीजेपी नेता कुलदीप सेंगर को ज़मानत दी थी
आज भारत में न्यायपालिका की क्या हालत है, यह जानने के लिए बस इतना ही काफ़ी है।
: ध्रुव राठी, ब्लॉगर
सवाल यह है कि राजस्थान की बेटी के साथ हुई बर्बरता पर न्याय कब मिलेगा?
मुख्यमंत्री जी बुराई और अहंकारियों के साथ खड़े होने का आह्वान कर रहे हैं, इसीलिए राजस्थान पुलिस भी बुराई के साथ खड़ी दिखाई दे रही है और राजस्थान की बेटी के साथ हुई बर्बरता के मामले में FIR तक दर्ज नहीं कर रही है।
राजस्थान की बेटी को न्याय मिलने तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी।
बुराई कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, जीत हमेशा सत्य और अच्छाई की ही होती है। भगवान श्रीराम के युग में भी हुई थी और इस युग में भी होगी। 🏹🔥
#HappyDussehra#Vijayadashami
पत्रकारिता' का स्तर देखिए!
इतिहास गवाह है कि जब देश अंग्रेजों से लड़ रहा था, तब कुछ लोग ‘माफीनामे’ सौंपने में व्यस्त थे।
देश की सुरक्षा के लिए हमारी सेना और जवान काफी हैं साहब! लेकिन चैनलों पर ऐसा माहौल बनाया जाता है जैसे लाठी और हाफ पैंट वाले स्वयंसेवक ही देश बचाएंगे।
भाई, बीजेपी जॉइन करने में संकोच है तो RSS ही जॉइन कर लो। जब खुलकर स्वयंसेवकों के साथ खड़े होने की बात कह ही रहे हो, तो फिर पत्रकार कहलाने का मोह क्यों नहीं छोड़ देते? संगठन का प्रचार भी करना है और जनता के सामने निष्पक्ष पत्रकार भी बने रहने का नाम ही तो दोगलापन है!!
सुधीर तुम 2014 तक पहुंचे हो तो 2012 भी चलते है..
100 करोड़ की दलाली, तिहाड की सैर तो याद होगी ही?
और बिल्कुल सत्ता परिवर्तन लोकतांत्रिक चुनाव से ही होगा,
और चुनाव के बाद एंकरों के भेष में निक्कर पहनकर घूम रहे संघियों का अंत रावण के अहंकार की तरह ही होगा।
और तब साहेब-ए-बर्बादी बचाने के लिए मौजूद नही होंगे।
आवाज उठाकर देखो तुम्हारे आसपास सब कुछ बदलने लगेगा..
एक बातचीत में ध्रुव राठी ने शाहरुख खान, आमिर खान, अक्षय कुमार और तमाम दूसरे बड़े सेलिब्रिटीज से ये गंभीर सवाल उठाए।
अगर आप लोगों के अधिकारों के लिए आवाज नहीं उठा सकते, अपने देश के लिए नहीं बोल सकते और आम नागरिकों की समस्याओं के खिलाफ आवाज़ नहीं उठा सकते, तो फिर सेलिब्रिटी होने का मतलब ही क्या है?
क्या शोहरत और पैसा उन लोगों से ज़्यादा महत्वपूर्ण हो गए हैं, जिन्होंने आपको स्टार बनाया?
ध्रुव राठी जैसे करोडों युवाओं को प्रोत्साहित करना हमारा धर्म है, जो रिटायर होने के बाद जेल जाने के डर से मीठी मौत का इंतेजार कर रहे हैं।
हम सबको युवाओं के साथ चार कदम चलना होगा उनका हौसला बढ़ाना होगा नये भारत के लिए।
जयहिंद