“सोनम वांगचुक की ऑक्सीजन, पल्स रेट, ब्लड प्रेशर सब टनाटन है, तबीयत एकदम झकास है”
~ डॉ अक्षय कुमार, AIIMS
सोनम को बीस दिनों में कोई फ़र्क़ ही नहीं पड़ा जबकि बीस दिन भूखे रह कर तो गांधी ने भी उपवास तोड़ दिया था (1943)
सोनम वांगचुक तो महायोगी निकले 😎
इंस्पेक्टर शिवानी चौधरी ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा कि,
"सोनम वांगचुक ने खुद हमें फोन किया था, क्योंकि उन्हें चिकित्सा सहायता की आवश्यकता थी। आज सुबह जब वे उठे तो उन्होंने देखा कि अभिजीत और सौरभ दोनों ही वहां नहीं थे। पिछले कई दिनों से वे देख रहे थे कि वे दोपहर तक विरोध प्रदर्शन में नहीं आते थे। उन्हें पता चला कि वे एक 5 सितारा अपार्टमेंट में रह रहे हैं। उन्हें बहुत बुरा लगा कि वे विरोध प्रदर्शन के नाम पर मौज-मस्ती कर रहे थे और वे यहां भूखे मर रहे थे।"
"हम उसकी अनुमति के बिना उसे कभी नहीं ले जाते। अब कॉकरोचों के नेता हताश हैं और जरूरत से ज्यादा प्रतिक्रिया दे रहे हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि सोनम वांगचुक इस बात का खुलासा कर देंगे और इससे उनकी छवि खराब होगी।"
साभार
जिस अपार्टमेंट में अभिजीत दिपके रह रहे थे, उसके मालिक ने एक बड़ा खुलासा किया है
मालिक - मेरा अपार्टमेंट जंतर-मंतर से सिर्फ़ 100 मीटर दूर है। यह 3 BHK है। मैंने एक कमरा रोशन कुमार को दिया था। पिछले दो हफ़्तों से मैं देख रहा था कि मेरे अपार्टमेंट में कई लोग आ रहे हैं, लेकिन मुझे दखल देने की कोई ज़रूरत नहीं लगी, इसलिए मैंने उन्हें कभी नहीं रोका।
फिर पिछले हफ़्ते मुझे पता चला कि अभिजीत दिपके अपने पाँच-छह दोस्तों के साथ यहाँ आ रहे हैं। मैंने पुलिस को इस बारे में बताया, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। मैंने पुलिस को इसलिए बताया क्योंकि मैं नहीं चाहता था कि CJP की वजह से यहाँ कोई गड़बड़ हो।
रिपोर्टर - क्या आपको डर नहीं लगा? CJP के विरोध प्रदर्शन में गुंडे भी शामिल होते हैं।
मालिक - मैं एक जाट परिवार से हूँ। मुझे परवाह नहीं है कि यह किस तरह का विरोध प्रदर्शन है।
अभिजीत दिपके आज विरोध प्रदर्शन वाली जगह के आस-पास भी नहीं थे। पुलिस ने मुझे फिर से फ़ोन किया और पता पूछा। मैंने उन्हें पता बता दिया और फिर उन्हें अभिजीत दिपके और उनके सभी दोस्त यहाँ मिले।
आज जब मैंने फ़्लैट देखा, तो मुझे वहाँ बहुत सारी बीयर की बोतलें मिलीं जहाँ वे रह रहे थे।
यह कैसा विरोध प्रदर्शन है, जहाँ सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर हैं और CJP के ये सभी सदस्य बीयर का मज़ा ले रहे हैं?
ये खबर बताती है के भारत का मुस्लिम बांग्लादेशी मुस्लिम को बसाने के लिए किस हद तक जाता है और भारत का हिंदू ? हिंदू आपस में जाति के नाम पर घृणा की लड़ाई में व्यस्त है ।
कितने दिनों तक ये देश बचा रहेगा ?
एक मुस्लिम महिला ने एक हिंदू लड़की का नहाते हुए वीडियो चुपके से रिकॉर्ड किया और कथित तौर पर उसे अनस खान नाम के एक व्यक्ति के साथ शेयर किया। उस व्यक्ति पर आरोप है कि उसने उस वीडियो का इस्तेमाल करके लड़की को ब्लैकमेल किया, ₹35,000 की मांग की, उसे एक होटल ले गया और उस पर धर्म बदलने का दबाव बनाने की कोशिश की, जिसमें कथित तौर पर उसे बीफ़ (गोमांस) खाने के लिए मजबूर करने की कोशिश भी शामिल थी।
बाद में लड़की ने मदद के लिए बजरंग दल के सदस्यों से संपर्क किया, जिसके बाद उन्होंने कथित तौर पर आरोपी का सामना किया और आगे की कार्रवाई से पहले उसे पकड़ लिया।
अविमुक्तेश्वरानंद को राजभर की सलाह-
कुर्ता पजामा सिलाकर सपा का झंडा गाड़ी पर लगा लें!
वो खुलकर सपा के लिए बैटिंग करें, शंकराचार्य का काम राजनीति करना नहीं है... धर्म का प्रचार प्रसार करना है।
इसी वाराणसी में सपा की सरकार में पिटवा दिये थे!
आखिर ये 'अभिजीत दीपके'
नाम का रहस्य है क्या? 🤔
मतलब, देश सच में जानना चाहता है, कि ये महाशय असल में हैं कौन?
क्या ये कोई आम 'स्टूडेंट' हैं, या फिर रातों-रात अवतरित हुए कोई स्वयंभू 'छात्र नेता'?
हैरानी तो इस बात की है कि विदेश की शानदार हवा खाने और वहां की सुख-सुविधाएं भोगने के बाद, अचानक इन्हें हमारे देश की इतनी याद क्यों सताने लगी?
क्या वहां इनकी 'क्रांति' को कोई भाव नहीं मिला, जो फ्लाइट पकड़कर सीधे यहां 'अराजकता' का रायता फैलाने आ गए हैं?
लगता है आजकल विदेशों से आकर भारत में मुफ्त का ज्ञान बांटना और माहौल खराब करना एक नया स्टार्टअप बन गया है।
भई, अगर इतनी ही समाज सेवा और क्रांति का शौक था, तो वहीं कर लेते! हमारे शांत देश में आकर बेवजह का ड्रामा क्यों?
क्या आपको भी लगता है कि ये 'विदेशी इम्पोर्ट' वाले नेता सिर्फ सुर्खियां बटोरने आते हैं?
झारखंड की महिला होमगार्ड तनख्वाह के लिए AGM अस्पताल में फफक कर रोने लगी।
बीते 5 महीने से वेतन का इंतजार, ऊपर से गंभीर बीमारी का बोझ, ऐसे मामलों पर कड़ा कानून होना चाहिये!
क्या सरकारों को सिस्टम को यह अधिकार है, कि सेलरी ही रोक दो, @HemantSorenJMM जी कुछ करिये 🙏
दो नाव में लगभग 500 रोहिंग्या डूब गये ..
कहने के लिए 57 मुल्क हैं लेकिन केवल जिहाद करने के लिए, काफिरों को मारने के लिए, बम बांधकर उड़ने के लिए..
बकचोडी करने के लिए पूरा उम्मा है।
पर एक रोटी के लिए दर-दर भटकते हैं।
कोई इस्लामिक मुल्क इन्हें शरण देना तो दूर, मुंह में मूtता तक नहीं।
मैंने कल ही लिखा था कि जंतर-मंतर को पूरा गुंडागर्दी का अखाड़ा बना दिया है इन सबने
इनको अपने पसंद का पत्रकार चाहिए, अपने पसंद का नेता चाहिए, एक भी सवाल पूछो तो गुंडागर्दी पर उतर जाते हैं ये सब….मारपीट करने लगते हैं।