@INCIndia सबसे बड़ा विकास काल तो तब था जब 1 रुपए का 16 किलो गेहूं आता था। कुछ तो विवेक से समीक्षा करें। 2 साल से फ्री राशन और फ्री वेक्सिनेसन की चर्चा में कुछ लोग दिव्यांग क्यों हो जाते हैं।
@SachinM27738766@Indersinghsjp पाठ्यक्रम आधारित निर्मित पुस्तकें कक्षा स्तर के अनुसार बनें और पढ़ाई जाएं। प्रवचन और भाषण , प्रलाप और सांप्रदायिक विवाद के वाहक बनते हैं।
@saudansinghbjp@nitin_gadkari भाई साहब , आपके वक्तव्य कौशल और कार्य कौशल में जो साम्य है , आपका जो उदात्त चिंतन है। वह सभी देशवासियों में ऊर्जा जा संचार करता है। कब वह समय मिलेगा कि आपसे प्रत्यक्ष भेंट होगी । आपको हमारे आदर्शों के विचारों का स्पर्श सदैव होता रहे । ऐसी शुभकामनाएं।
@AshwiniUpadhyay समलैंगिकता समाज के कुछ सिरफिरे लोगों की एक विकृत मानसिकता का परिचायक विषय है। हमें सोसल मंच पर कुछ और समाज हितेषी विषयों पर चर्चा करना चाहिए। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सरोकार समाज को वैचारिक रूप से समृद्ध बनाने से हो न कि ऐसे फैशन जागृत करने से। (ये मेरे निजी विचार हैं)