झारखंड में विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्रों के ख़िलाफ़ बल का इस्तेमाल ग़लत है।
छात्रों को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार है और बातचीत से ही समाधान निकल सकता है।
झारखंड सरकार को इन छात्रों की बात सुननी चाहिए और हर समस्या का तुरंत समाधान करना चाहिए।
The use of force against students protesting in Jharkhand is wrong.
Students have a right to peaceful protest, and only dialogue can yield solutions.
The Jharkhand government must continue to hear these students out and resolve their issues immediately.
एक तरफ चीनी के दाम सात साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकार की E20 नीति खेती को ‘खाद्य से ईंधन’ की ओर धकेल रही है। गन्ने और मक्के जैसी फसलों के एथेनॉल उत्पादन में बढ़ते इस्तेमाल से खेती के स्वरूप, भूजल, किसानों की आय और देश की खाद्य सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जब आम आदमी महंगी चीनी खरीदने को मजबूर है, तब सरकार को जवाब देना चाहिए कि किसान की फसल की प्राथमिकता देश की खाद्य जरूरत है या एथेनॉल उत्पादन? केवल एथेनॉल के लक्ष्य पूरे करने के लिए किसान, उपभोक्ता और खाद्य सुरक्षा के हितों से समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।
एथेनॉल जरूरी है तो ऐसी फसलों और तकनीक को बढ़ावा दिया जाए, जिससे खाद्य सुरक्षा और पर्यावरण से समझौता किए बिना देश की ऊर्जा जरूरतें पूरी हों। साथ ही, किसानों की फसल का लाभ केवल उद्योगों और ईंधन अर्थव्यवस्था तक सीमित न रहे, बल्कि उसका उचित लाभ किसान तक पहुंचे।
पर इन सबसे बड़ा सवाल यह है कि संबंधित मंत्री इन गंभीर मुद्दों पर कुछ बोलते ही नहीं हैं? जवाब दूसरे मंत्री देते हैं और जब उनसे भी जवाब नहीं बनता तो कह दिया जाता है कि “यह मेरा मंत्रालय नहीं है।” आखिर जनता अपने सवालों का जवाब किससे मांगे?
माननीय प्रधानमंत्री @narendramodi जी, सरकार को जवाबदेही से बचने की राजनीति बंद करनी होगी। संबंधित मंत्री सामने आकर स्पष्ट जवाब दें और E20 नीति की व्यापक समीक्षा करें।
ईंधन की जरूरत पूरी करने के लिए देश की थाली, किसान की आय, भूजल और खाद्य सुरक्षा की कीमत नहीं चुकाई जा सकती।
@mygovindia@nitin_gadkari@HardeepSPuri@ChouhanShivraj
The world claims it has evolved but when it comes to women, the cruelty is still running on the same outdated software.
Remembering her on her birth Anniversary. ✊️
स्पेशल कम्पोनेंट प्लान के अंतर्गत बनाए गए मेडिकल कॉलेज में विशेष SC ST की सीट खत्म कर दी गई।
इसका भाई चंद्र शेखर ने संज्ञान लिया ।
मुख्यमंत्री को लेटर लिखा और छात्रों से मुलाकात की।
जिसे इतिहास ने सिर्फ “बैंडिट क्वीन” कहकर छोटा करने की कोशिश की, उसकी जिंदगी में छिपे सामाजिक अन्याय के सवालों को भी पढ़ना जरूरी है।
फूलन देवी का जीवन बताता है कि जब व्यवस्था कमजोरों को न्याय देने में असफल होती है, तो संघर्ष जन्म लेता है।
#फूलन देवी जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि।
एससी एसटी आरक्षण कैटगरी में क्रीमी लेयर नही होना चाहिए.
भूतपूर्व चीफ जस्टिस बीआर गवाई ने अपने आसपास के सवर्ण लॉबी को न्यूट्राल बनकर खुश करने के लिए एससी एससी आरक्षण में क्रीमी लेयर जोड़ने की वकालत की थी.
सुप्रीम कोर्ट में अक्सर एक पारसी जज होता है. भारत में पारसी समाज की लाखों करोड़ों की संपत्ति है. उनके मौलिक अधिकारों के खिलाफ आज तक किसी पारसी जज ने फैसला नही दिया.
बहुजन समाज की विडंबना है कि समाज का ही व्यक्ति समाज के खिलाफ फैसला सुनाता है. जो बीज बीआर गवाई बो कर गए और उसी को बुनियाद बनाकर एससी एसटी आरक्षण में क्रीमी लेयर जोड़ने की बहस कर रहे हैं.
भारत का राष्ट्रीय मुद्दा सवर्ण जातियों का ओवर रिप्रजेंटेशन है. प्राइवेट सेक्टर की व्हाइट कॉलर की 80% नौकरियां बिना किसी लिखित परीक्षा के इंटरव्यू और जाति बिरादरी के सहारे बांटी जा रही है. इस पर आरएसएस या आरक्षण विरोधी संगठनों का मुंह नही खुलता.
आदिवासी होना पिछड़ापन नहीं, एक पहचान है। 🌿
जिस समाज ने सदियों से जंगल, जमीन और प्रकृति को बचाकर रखा, आज उसी के अधिकारों पर सबसे ज्यादा सवाल उठते हैं।
आदिवासी समाज को सिर्फ वोट बैंक या सरकारी योजनाओं के लाभार्थी के रूप में देखने के बजाय उसके जल, जंगल, जमीन, संस्कृति और
संवैधानिक अधिकारों को समझना जरूरी है।
विकास जरूरी है, लेकिन ऐसा विकास नहीं जिसमें आदिवासी अपनी जमीन खो दे, अपनी संस्कृति खो दे और अपने ही क्षेत्र में बेगाना हो जाए।
आदिवासी समाज को दया नहीं, सम्मान और अपने अधिकार चाहिए।
जल, जंगल, जमीन पर अधिकार ही आदिवासी
JPSC और JSSC CGL को रद्द कर री-एग्ज़ाम के लिए झारखंड में आंदोलनरत भूख हड़ताल पर बैठे @DevendraNathMa9 समेत हबीबा, सबित, रुपेश कुमार और अन्य साथियों के संघर्ष से बहुत हिम्मत मिलती है।
आंदोलनकारियों को समर्थन और जोहार!
Our delegation reached Ranchi and met the protesting students today.
We have extended our full support to them. The leadership too will reach there very soon. To the students in Jharkhand—keep fighting, the entire country is with you!
@Cockroachisback
"मैं ब्राह्मण हूं और मुझे अपनी जाति पर घिन आती है। मैं guilty हूं कि हमारे पूर्वजों ने छुआछूत किया"
झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान ब्राह्मण समाज की एक छात्रा का यह बयान काफी चर्चाओं में है। आपका इसपर क्या विचार है...??👇🏻