20 जुलाई को हुए कॉकरोच जनता पार्टी के संसद चलो मार्च पर चप्पल पहनकर, बिना वर्दी के एक व्यक्ति प्रदर्शनकारियों पर डंडे भांज रहा था.
लल्लनटॉप के पत्रकार अभिलाष ने सवाल किया तो केवल सवाल पूछने की वजह से ही रिपोर्टर को लाठी मार दी गई.
इसके बाद पुलिस ने भी लाठी मारने वाले का बचाव किया और बदतमीज़ी करते हुए माइक जमीन पर फेंक दिया.
@DelhiPolice
CJP | Delhi Police | Reporter
@VoiceOfBrahmins 101% मंदिरो पर ब्राह्मणो का कब्जा हे
मंदिरो की चोरी लूटमार कोन कर रहा हे
मंदिरो में चडाबा सर्व समाज देता हे
चडाबे पर कब्जा एक समाज का होता हे
Wish गुरु को विश्वविद्यालय में पढ़ते हुए छात्रों से डर लगता है।
इसलिए यूनिवर्सिटी ही गिरा दो जैसे विदेशी आक्रांताओ ने नालंदा को गिराया था ठीक वैसे ही देशी आक्रांता जौहर विश्वविद्यालय गिरा रहे हैं!
आज़म ख़ान से चिढ़ और दुश्मनी देश के भविष्य यानी छात्रों निकाल रहे हैं भाजपा वाले।
“जिसने श्रद्धा से दान नहीं दिया उनका पैसा चोरी हुआ”
~यूपी विधानसभा स्पीकर सतीश महाना
मतलब चोर ग़लत नहीं है, दान देने वाले ने अपराध किया है?!?
यह कहने के लिए कितनी थेथरई, कितनी बेशर्मी चाहिए होती है?
TV डिबेट में एक BJP नेता ने पुजारी राममूर्ति को चप्पलों से पीट दिया
▪️पुजारी राममूर्ति ने राम मंदिर के चढ़ावा चोरी पर सवाल उठाया था
▪️पुजारी ने हनुमान जी की वेशभूषा में एक व्यक्ति को BJP अध्यक्ष नितिन नबीन के जुलूस में नचवाने पर आपत्ति की थी
यह है हिंदुओं और ढोंगियों में अंतर
सुप्रीम कोर्ट में प्रबल प्रताप पिटीशनर-इन-पर्सन, यानी खुद अपना केस लड़ रहे थे,
उन्होंने इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक ऑर्डर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में Special Leave Petition दायर की थी,
वे लखनऊ के ACP विकास नागर और Duplex Technologies के खिलाफ FIR दर्ज कराने की मांग कर रहे थे, आरोप था कि ये लोग देश भर में साइबर क्राइम सिंडिकेट चला रहे हैं,
सुनवाई के दौरान प्रबल प्रताप ने जज से कहां मै आदेश करता हूं कि आप FIR दर्ज करने का आदेश दें,
तभी हैरानी जताते हुए जज ने पूछा आप मुझे आदेश दे रहे हैं?
फ्रस्ट्रेशन में वकील प्रबल प्रताप ने 155 पन्नों की फाइल को हवा में उड़ा दिया और CJI पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया,
ऐसे वकील क्या कोई केस जीतेंगे जिन्हें न अदालत से बात करने की तमीज़ हो और न ही न्यायालय की गरिमा का सम्मान करना आता हो,