📢📢 सूचना📢📢
जो अभ्यर्थी नगरीय मे चयनित हो जाएगा उसके बाद वो ग्रामीण मे चयन लेने के बाद भी नियुक्ति नहीं ले पाएगा क्योंकि पूर्व में (69k) ऐसा करने वालों को नियुक्ति नहीं दी गयी है।
क्योंकि घर के नजदीक आने के लिए छात्र अमूमन ऐसा करते हैं।
एक ही विभाग में डबल नियुक्ति ❌❌
मध्यप्रदेश प्रदेश की डरपोक सरकार ने मोहन यादव पर बने कंटेंट को रिपोर्ट करवाया है,वीडियो 1 मिलियन क्रॉस कर चुका था,
उसपर 18+ वाला टैग भी लग गया है, मोहन यादव की सरकार है या फिर तानाशाही है
देश ने कभी सुना था..
जिस उपराष्ट्रपति ( धनकड़ )को हटाने के लिए संसद की मुहर लगनी चाहिए वो अचानक अस्वस्थ हो जाये और इस्तीफ़ा दें दे…जबकि वो आज भी स्वस्थ है ।
@yadavakhilesh@samajwadiparty@mediacellsp@SpNewsPortal@SamajwadiParty_@SP_Prahari महोदय आप फिर से उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने का कार्य करेंगे और जिला बुलंदशहर को मेट्रो देने का कार्य भी करेंगे ।
जिला बुलंदशहर अपने विकास के सपने सिर्फ़ मोदी जी के अच्छे दिन आने की तरह देख रहा है बाकी बुलंदशहर बदहाली के दिन देख रहा है।।
@yadavakhilesh@samajwadiparty@mediacellsp@SpNewsPortal@SamajwadiParty_@SP_Prahari करेंगे,ऐसा मेरी प्रार्थना ओर आग्रह है आपसे।
मैं आज इसी लेपटॉप पर भारत vs वेस्टइंडीज का मैच देख रहा हूं। मेरे नजदीकी अनूपशहर विधायक आपकी लेपटॉप योजना का मजाक उड़ा रहे थे तो मैने वीडियो शेयर करके उन्हें दिखा दिया है कि जब 4g नहीं था तब ये बेहतर लैपटॉप उत्तर प्रदेश में बांटे गए थे
अकबर, बाबर, हुमायूँ, शाहजहां, गाजी, मस्जिद, पाकिस्तान, औरंगजेब इत्यादि का नाम 24 घंटे बस यही सब सोचते हैं?
दिमाग है या कचरे का डब्बा?
भोगी जी का अब्बा टब्बा चब्बा?
@manojmuntashir
मानसिक रोगी अक्सर परिजन ओर डॉक्टर को पहले मारते हैं वैसा ही स्थिति वर्तमान में एक मानसिक रोगी की है जो पागल हो चुका है।खुद की मति चौपट हो गई है ओर भाजपा की दलाली मोटे दाम पर कर रहा है
🚨 यूपी 11508 प्राथमिक शिक्षक भर्ती (विज्ञापन 05/2026) पूर्णतः असंवैधानिक है, इसे तत्काल रद्द कर नया विज्ञापन जारी करें🙏
1️⃣ वैधानिक नियमों की सर्वोच्चता (Supremacy of Statutory Rules)
इलाहाबाद हाईकोर्ट का स्थापित नियम है कि कोई भी विज्ञापन वैधानिक सेवा नियमावली का अतिक्रमण नहीं कर सकता। 1981 की नियमावली में आज भी 40% एकेडमिक मेरिट का नियम लागू है। विज्ञापन से नियम बदलना अवैध है।
2️⃣ अधिकारतीत कृत्य (Ultra Vires)
यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) केवल एक परीक्षा कराने वाली संस्था (Recruiting Agency) है, कोई विधायिका नहीं। मेरिट का गुणांक तय करना कैबिनेट और सेवा नियमावली का काम है, आयोग का नहीं। यह आयोग के अधिकार क्षेत्र से बाहर (Ultra Vires) है।
3️⃣ बिना 26वें संशोधन के शून्य प्रभाव
वर्ष 2018 में जब सुपर टीईटी लाया गया था, तब सरकार ने बाकायदा नियमावली में 22वां संशोधन पारित किया था। अब 100% लिखित परीक्षा करने के लिए कैबिनेट से 26वां संशोधन क्यों नहीं लाया गया? बिना संशोधन यह विज्ञापन शून्य (Void) है।
4️⃣ सुप्रीम कोर्ट के परमादेश (Mandamus) की अवमानना
राम शरण मौर्य (2020) केस में सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षामित्रों को आगामी भर्ती में वेटेज देने का आदेश दिया था। विज्ञापन 05/2026 में 1.42 लाख शिक्षामित्रों का भारांक (Weightage) शून्य करना सीधे तौर पर Contempt of Court है।
5️⃣ अनुच्छेद 14 का उल्लंघन (Manifest Arbitrariness)
बिना किसी विधिक प्रक्रिया (संशोधन) का पालन किए, अचानक एक प्रशासनिक विज्ञापन के जरिए एकेडमिक मेरिट समाप्त कर देना संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत प्रकट स्वेच्छाचारिता है।
6️⃣ वैध अपेक्षा के सिद्धांत (Doctrine of Legitimate Expectation) का हनन
BTC/D.El.Ed अभ्यर्थियों ने 1981 की नियमावली (जिसमें एकेडमिक मेरिट है) के आधार पर प्रशिक्षण लिया था। खेल के बीच में बिना नियम बदले खेल के नियम (विज्ञापन के जरिए) बदलना असंवैधानिक है।
7️⃣ अधिनियम 2023 की धारा 30 की गलत व्याख्या
आयोग का यह सोचना कि नए अधिनियम के आने से पुरानी नियमावली 1981 स्वतः रद्द हो गई, विधिक रूप से गलत है। जनरल क्लॉजेज एक्ट के तहत जब तक नियमावली 1981 के परिशिष्ट (Appendix I) को स्पष्ट रूप से विलोपित (Repeal) नहीं किया जाता, वह कानूनी रूप से लागू रहेगा।
8️⃣ भर्ती पर स्टे (Stay) निश्चित
इन 7 विधिक त्रुटियों के कारण, अनुच्छेद 226 के तहत हाईकोर्ट में पहली रिट याचिका (Writ Petition) दायर होते ही इस भर्ती पर प्रथम दृष्टया (Prima Facie) रोक (Stay Order) लग जाएगी और 11508 पद मुकदमों में फंस जाएगा।
यह विज्ञापन विधिक रूप से शून्य (Void ab initio) है, महोदय कृपया संज्ञान लें और अविलंब विज्ञापन रद्द करे ताकि लाखों युवाओं व शिक्षामित्रों का भविष्य कोर्ट-कचहरी में दुबारा ना फंसे🙏
@myogiadityanath@CMOfficeUP@UPGovt@basicshiksha_up@upesscprayagraj@PrashantK_IPS90@thisissanjubjp
"इनके कॉरपोरेटर BLO के साथ बैठकर तय करते हैं कि किसका नाम कटे, किसे नोटिस जाए"
◆ राज्यसभा के सांसद कपिल सिब्बल ने कहा
@KapilSibal | #KapilSibal | Kapil Sibal | Gyanesh Kumar | #GyaneshKumar
बाबा जी ने 3 बेटियां होने पर फ़रियादी को पुत्र प्राप्ति का योग बताया,
लेकिन फिर चौथी पुत्री ही हो गई।
बाबा जी सिर्फ़ कह ही सकते हैं,
बाबा जी भ्रूण में घुस के लिंग थोड़ी बदल सकते हैं🤡
लेकिन फ़रियादी ने बाबा जी की शिकायत कर दी।
क्यूँकि फ़रियादी 15 बार दरबार में जा चुका था।
उसके बाद पर्चा भी वायरल कर दिया।
बाबाजी ग़लत होते हैं तो मुझे बहुत बुरा लगता है।
आपको क्या लगता है, ज्ञानेश भाई जाएँगे?
विपक्ष तो अड़ा है, पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) को हटाना बच्चों का खेल नहीं।
संसद में 2/3 बहुमत से पहले जुडिसियल कमेटी (SC जज, HC चीफ जस्टिस और एक कानूनविद) की जांच से गुजरना पड़ता है।
भाई जी, ऐसे ही नहीं चौड़े हुये घूमते।
सांसद तो सब बनते हैं
विधायक तो सब बनते हैं
मंत्री तो सब बनते हैं
लेकिन सवाल पूछने और काम करने का अंदाज किसी भी नेता का राहुल गांधी जी के जैसा नहीं होगा ये जहां भी जाते हैं कुछ अलग अंदाज में रहते हैं।
दो दिवसीय दौरे पर अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली पहुंचे राहुल गांधी जी DISHA की बैठक में जब सामने बैठीं DM से समस्याओं पर जवाब मांगना शुरू किए तो
सबसे पहले उन्होंने अपने फोन में कैप्चर वो फोटो दिखाई जो सड़कों पर गड्ढों वाली थी।
साथ ही वहां पर अन्य लोगों की समस्याओं को सुनकर उन्हें मदद का भरोसा भी दिलाया। लेकिन
विपक्ष इसे TRP का खेल बता रहा है जो खुद TRP के Trap में फंसा हुआ है।
•.मुझे लगता है कि अब BBC का नाम बदलकर “मोदी और ज्ञानेश कुमार का Nightmare” कर देना चाहिए
•भाई ने अकेले ही 5,500 करोड़ के पार्टी चंदा घोटाले को बेनकाब कर दिया 😭
•ज्ञानेश कुमार, अगर ज़रा-सी भी शर्म बाकी है, तो अपने पद से इस्तीफा दे दीजिए।