@indiantweeter Teri behen jab kisi obc ya scst ladke ko mana kar de baat karne se, phir oo lagayega act phir teri behen jayegi ghar aur jeewan me kuch nhi ukhad payegi.
कुछ सच ऐसे होते हैं, जिनके ऊपर भ्रम का आवरण चढ़ा दिया जाता है। ऐसा ही एक सच ये है कि न तो रोहित वेमुला दलित था और न ही उसकी माँ राधिका दलित समाज में आती हैं।
ये मैं नहीं कह रहा हूँ। गुंटूर की जिलास्तरीय स्क्रूटनी कमिटी ने ये पाया था कि माँ-बेटे ने फर्जीवाड़ा करके SC का सर्टिफिकेट प्राप्त किया था। ये दोनों वड्डेरा जाति से आते थे, जो आंध्र प्रदेश/तेलंगाना में OBC में आती है।
एक और सच ये है कि रोहित वेमुला के आत्महत्या का कारण शैक्षणिक परिसर में हुआ जातिगत भेदभाव नहीं, बल्कि उसकी व्यक्तिगत परेशानियाँ थीं जिनके कारण वो अवसाद में था। ये भी मैं नहीं कह रहा हूँ, ये शिक्षा मंत्रालय (तब HRD) द्वारा गठित रूपनवाल आयोग ने पाया था।
तीसरा सच ये है कि रोहित वेमुला की आत्महत्या में जिन्हें आरोपित बनाया गया था, जिनके ख़िलाफ़ कोई सबूत नहीं मिले। ये भी मैं थोड़े न कह रहा हूँ। ये तेलंगाना पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट में लिखा हुआ है। तेलंगाना हाईकोर्ट ने भी माना कि सबूत नहीं मिले हैं, आत्महत्या के पीछे कई कारण हो सकते हैं।
मीडिया कुछ और चलाता है, जाँच में कुछ और निकलता है। नैरेटिव जाँच के आधार पर नहीं, मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर गढ़े जाते हैं। बाद में यही नैरेटिव नीति-निर्माण की प्रक्रिया को दिशानिर्देशित करते हैं। फिर जो भी नियम या क़ानून बनकर आता है, वो तथ्यों पर आधारित न होकर उन्हींलोगों के लेखों पर आधारित होता है जो मन ही मन कह रहे होते हैं कि सरकार तो तुम्हारी है पर सिस्टम हमारा है। UGC के ताज़ा नियमों को भी इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जाना चाहिए।
• अजीत डोभाल के बेटे ने USA में पढ़ाई की।
• राजीव गांधी के बेटे ने USA में पढ़ाई की।
• राजनाथ सिंह के बेटे ने UK में पढ़ाई की।
• एस. जयशंकर के बेटे ने USA में पढ़ाई की।
• निशिकांत दुबे के बेटे ने UK में पढ़ाई की।
• मनमोहन सिंह की बेटी ने USA में पढ़ाई की।
• प्रियंका गांधी की बेटी ने UK में पढ़ाई की।
लगभग 90% सांसदों और विधायकों के बच्चे टैक्सपेयर्स के पैसे पर विदेश में पढ़ते हैं।
वहीं, काबिल भारतीय भारत की टॉप यूनिवर्सिटीज़ में एडमिशन पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
यही विडंबना है कि इनको UGC, SC, ST, ACT और आरक्षण से कोई फर्क नहीं पड़ता है और लगातर अपने ही समाज के विरोध में कानून बनाकर खड़े करके भारत के सामान्य वर्ग के गरीब लोगों की ह*त्याएं कर रहे हैं।
UGC से मेरा ये सवाल है कि कोई जाति अगर एक राज्य में OBC है और दूसरे में जनरल कैटेगरी में आती है, तो ये मानकर चला जाना चाहिए कि उसी जाति के साथ देश के एक हिस्से में भेदभाव होगा और दूसरे में नहीं?
ये तो स्वयं में ही एक Discrimination है। दूसती बात, अगर OBC/SC/ST को आप एक ही कैटेगरी में रखकर देख रहे हो फिर तीन वर्गों की आवश्यकता ही क्यों है? आपने तो इसे स्वाभाविक मान लिया है कि इन तीनों के साथ भेदभाव होगा और GC वाले भेदभाव करेंगे। फिर इन तीनों को मिलाकर एक ही कैटेगरी कर देते, जब भेदभाव को लेकर ये एक ही समूह के रूप में देखे जा रहे हैं। अलग से वर्गीकरण क्यों?
तीसरा सवाल, JNU वगैरह में 'ब्राह्मणों वापस जाओ' किस्म के जो नारे दीवारों पर चिपका दिए जाते हैं, या फिर 'ब्राह्मणवाद' के ख़िलाफ़ जो नारे लगते हैं उसे भेदभाव के अंतर्गत क्यों नहीं गिना जाना चाहिए। ये तो स्पष्ट है कि कोई 'जाटववाद' या 'यादववाद' को गाली देगा तो इसे भेदभाव के अंतर्गत गिना जाएगा, फिर उस इलीट वर्ग को भी पकड़िए जिसने 'ब्राह्मणवाद' को गाली दिए जाने का सामान्यीकरण किया है।
चौथा सवाल - अबतक जो भी चिंताएँ ज़ाहिर की गई हैं उनपर एक भी आधिकारिक स्पष्टीकरण क्यों नहीं आया है?
UGC के नए निर्देश , सबका साथ , सबका विकास और सबका विश्वास की कसौटी का खुला उल्लंघन करते हैं ---- राष्ट्र के युवाओं को भेदभाव मुक्त व्यवस्था चाहिए --- यही आज के समय की राष्ट्रवाणी है , जिसे सुना जाना चाहिए -----
हमें जाति के आधार पर कौन बांटता है?
हमें भाषा के आधार पर कौन बांटता है?
हमें क्षेत्र के आधार पर कौन बांटता है?
हमें पंथ के आधार पर कौन बांटता है?
प्रश्न अनेक लेकिन सबका उत्तर एक-
वोटजीवी नोटजीवी सत्ताजीवी नेता
जागो तो एक बार हिंदू जागो तो
दलगुलामी छोड़कर सच बोलो तो
अपनी एकल पहचान हिंदू है उसमे जाट समुदाय से आता हूँ।
जाट UP में OBC और सेंटर में जनरल कास्ट है।
ऐसे ही यूपी में गुर्जर और यादव भी OBC में आते है।
बाक़ी देश का पता नहीं पर इन तीनो कास्ट का कम से कम UP में तो शोषण नहीं हो सकता, उल्टा सामाजिक रूप से डोमिनेन्स कहूँ तो शायद अतिशयोक्ति नहीं होगी.
वैसे अपन संघी रहे तो सबके साथ मिलकर चलते थे, पर उल्टा हमने देखा है की कॉलेजेस में बेचारे जनरल कास्ट मित्र ही अपने से थोड़ा हिचकते थे कि जाट आदमी है थोड़ा एग्रेसिव होगा😄
अब हम UGC के नए रूल के अनुसार अपने गुप्ता जी और शर्मा जी पर सामाजिक शोषण की शिकायत कर सकेंगे।
मतलब सोचने में भी फनी है। कोई अच्छा तर्क लाइये सरकार।
उदयपुर से करनी सेना महिपाल सिंह मकराना बोले कि रविन्द्र सिंह भाटी साधारण परिवार से आने वाले शिक्षित विधायक हैं... अगर पढ़े लिखे राजनीति में आ गए तो राजनीति ही बदल जाएगी...
भाजपा इनको रोकने के लिए जी जान से मेहनत कर रही हैं... बाकी सीटें तो और भी बहुत हैं...
बटेंगे तो घटेंगे और घटेंगे तो कटेंगे,
एक हैं तो सेफ हैं, बंट गए तो अनसेफ हैं,
इसलिए जाति, भाषा, क्षेत्र, पंथ के आधार पर बने सभी कानूनों को समाप्त करना चाहिए
और ‘एक देश एक विधान’ लागू करना चाहिए
@narendramodi@AmitShah
करनी सेना राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने यूजीसी रेगुलेशन नियमों के खिलाफ आवाज उठाई....
बोले - आरक्षण क्या कम था जो यूजीसी नए नियमों का जहर बच्चों के भविष्य में घोला जा रहा हैं...
यह मेरे बच्चों के भविष्य का सवाल हैं.. मैं अपनी आवाज बुलंद करता हूँ...
@mahipalmakrana_
#ShameOnUGC
सब चाहते हैं ब्रेन ड्रेन ना हो लेकिन ‘व्यवस्था’ एक वर्ग के लिए ‘ड्रेनेज’ समान ना हो यह ज़िम्मेदारी तो सरकार की ही है।
बराबरी के नाम पर जिरह से पहले ही एक छात्र को घोषित ‘विक्टिम’और एक छात्र को घोषित ‘कल्प्रिट’ समझ कर इक्विटी की बात करना अन्याय है ।
#ShameOnUGC
@PutinPandit @SanjayA14915481@ErDurgeshPande7 Bhai koi bhi act aaye ek time ke baad sab khtm hoga, ek baar desh me civil war hoga phir ye Africa bn jayega. Har koi apna apna fayda dekhega.