राजस्थान के FMG इंटर्न्स पिछले 5 दिनों से जयपुर स्थित DME कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण धरने पर बैठे हैं।
विदेश से MBBS की पढ़ाई पूरी कर FMGE उत्तीर्ण करने के बाद ये युवा डॉक्टर राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में अनिवार्य इंटर्नशिप कर रहे हैं और मरीजों की सेवा में जुटे हैं। इसके बावजूद उनके स्टाइपेंड और लंबित भुगतान को लेकर अभी तक स्पष्ट समाधान नहीं हो पाया है।
NMC के CRMI Regulations, 2021 में इंटर्न्स के स्टाइपेंड से संबंधित प्रावधान हैं। FMG इंटर्न्स की मांग स्पष्ट है—उन्हें समान कार्य और समान जिम्मेदारी के अनुरूप लागू स्टाइपेंड एवं लंबित भुगतान का उचित लाभ मिले।
यह किसी विशेष सुविधा की मांग नहीं, बल्कि समान जिम्मेदारी के लिए समान और न्यायसंगत व्यवहार की मांग है।
राजस्थान सरकार से माँग है कि FMG इंटर्न्स की इस समस्या का शीघ्र समाधान करते हुए उन्हें लिखित रूप में स्पष्ट निर्णय दिया जाए, ताकि वे सम्मान और निश्चिंतता के साथ मरीजों की सेवा जारी रख सकें।
@BhajanlalBjp@RajCMO
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राजस्थान में फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट डॉक्टर को Stipend की मांग को लेकर धरने में सम्मिलित हुआ और मांग और हक के लिए सरकार को सुनके उनकी मांगों को पूरा करें। मेडिकल विद्यार्थी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें Stipend से वंचित रखा जाना गंभीर एवं चिंताजनक विषय है।
इस मांग को लेकर यह सभी चिकित्सक राजधानी जयपुर में निदेशालय,चिकित्सा शिक्षा विभाग के बाहर आंदोलित है | आंदोलित चिकित्सकों ने यह भी अवगत करवाया है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा भी समान परिस्थितियों में कार्यरत FMG Interns के साथ समान व्यवहार तथा लंबित Stipend के भुगतान को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं।
जब FMG विद्यार्थी अस्पतालों में अपनी जिम्मेदारियां पूरी कर रहे हैं, तो उनकी मेहनत का सम्मान भी होना चाहिए। समान कार्य के लिए समान व्यवहार हमारा अधिकार है
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राजस्थान के Foreign Medical Graduates (FMG) Interns सरकारी अस्पतालों एवं चिकित्सा संस्थानों में अनिवार्य Internship के दौरान मरीजों की सेवा करते हुए चिकित्सकीय जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें Stipend से वंचित रखा जाना गंभीर एवं चिंताजनक विषय है।
इस मांग को लेकर यह सभी चिकित्सक राजधानी जयपुर में निदेशालय,चिकित्सा शिक्षा विभाग के बाहर आंदोलित है | आंदोलित चिकित्सकों ने यह भी अवगत करवाया है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा भी समान परिस्थितियों में कार्यरत FMG Interns के साथ समान व्यवहार तथा लंबित Stipend के भुगतान को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं। वहीं NMC के CRMI Regulations में भी Interns को संबंधित Institute/University/State द्वारा निर्धारित Stipend दिए जाने का प्रावधान है।
मैं मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp से अपील करता हूं कि FMG Interns के Stipend से जुड़े मामले का तत्काल संज्ञान लेकर पात्र Interns को नियमानुसार Stipend तथा लंबित भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
@RajCMO@RajGovOfficial