पिछले 7 दिनों में ये लगभग 12 वीं घटना है जिसमें पीड़ित दलित महिलाएं और आरोपी जिहादी है।
यहां भी नफीश खान पर दलित महिलाओं को मार पीट रहा है। लेकिन आंबेडकरवादी वोटबैंक की खातिर चुप है।
क्या आंबेडकरवादी इसपर ट्वीट करेंगे ?
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक बड़ी भयावह खबर सामने आ रही है
यहां एक हिंदू महिला जो विधवा थी जिसके पास काफी प्रॉपर्टी थी खेत था जमीन थी उससे राजीव बालियान नामक व्यक्ति मिला जिसने उसे अपने प्रेम जाल में फसाया
महिला ने सोचा चलो यह हमारे धर्म का है हमारे जाति का है महिला ने उससे शादी किया फिर एक दिन वह व्यक्ति उसे यह कहकर कि मेरी श्रद्धा कलियर शरीफ दरगाह में है उसे कलियर शरीफ दरगाह ले गया जहां उसे महिला का धर्मांतरण करवा कर मुस्लिम बना दिया गया
उसके बाद उसे महिला को पता चला कि जिसे वह राजीव बालियान समझ रही थी असल में वह मोहम्मद अशफाक है और वह पहले से शादीशुदा और पांच बच्चों का बाप है वह सिर्फ उसकी प्रॉपर्टी हड़पने के लिए यह पूरा खेल किया है
महिला यह बता रही है कि वह कई और विधवा महिलाओं को प्रॉपर्टी के लिए इसी तरह के जाल में फंसा रखा है
#मुजफ्फरनगर #LoveJihaad #जिहाद #धर्मांतरण
कल दो घटनाएं हुई बिहार के आरा में भारत भूषण तिवारी की पुलिस द्वारा हत्या l
और मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले में 14 गो रक्षकों को मुस्लिम जज तबस्सुम ख़ान द्वारा उम्र क़ैद की सजा हुई ।
सुनिए पूरी बात
एक और दलित युवती जिहादी की हवस का शिकार
आजाद समाज पार्टी मुरादाबाद अध्यक्ष शराफत अली ने 3 साल तक दलित लड़की की अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल कर उसके साथ बलात्कार किया और जातिसूचक टिप्पणी भी।
हर नीला बाज लौंडिया बाज ही निकलता है।
‼️बिग एक्सपोज
भारत में एक सबसे बड़ा झूठा दावा किया जाता है कि अंबेडकर ने दलितों और आदिवासियों को अधिकार दिलाया‼️
पर वास्तविकता ये है कि अंबेडकर दलितों को वोट देने के पक्ष में थे लेकिन आदिवासियों के बारे में उनका विचार यह था
Ambedkar clearly states on Aboriginal Tribes (आदिवासी/जनजाति, आज के Scheduled Tribes):
"The Aboriginal Tribes have not as yet developed any political sense to make the best use of their political opportunities and they may easily become mere instruments in the hands either of a majority or a minority and thereby disturb the balance without doing any good to themselves."
उन्होंने इनको वोट का अधिकार देने या सामान्य राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने से भी इनकार कर दिया।
उनके हिसाब से दलित समझदार है लेकिन आदिवासी नहीं अगर उन्हें कोर्ट का अधिकार मिला तो वह इसका दुरुपयोग कर सकते है
आज उन्हें फालतू में झूठ बोलकर आदिवासियों का भगवान बनाया जा रहा है
।आज Aboriginal Tribes (Scheduled Tribes) में कौन-कौन सी मुख्य जातियां/समुदाय आते है
भारत में 700+ notified Scheduled Tribes हैं (कुल आबादी ~8.6%)। राज्य-wise लिस्ट अलग-अलग है, लेकिन प्रमुख:
भिल (Bhil) - राजस्थान, गुजरात, MP, MH
गोंड (Gond) - MP, MH, छत्तीसगढ़, आंध्र
संthal (Santhal) - झारखंड, ओडिशा, बिहार, WB
मुंडा, ओरांव, हो - झारखंड क्षेत्र
मीणा (Meena) - राजस्थान
पूर्वोत्तर: नागा, मिजो, खासी, बोरो आदि।
अन्य: बैगा, सहारिया, जारावा (अंडमान) आदि।
Ambedkar Dalits के लिए लड़ सकते थे क्योंकि वे "सेंसिबल" मानते थे, लेकिन आदिवासियों को "not developed any political sense" कहकर अलग रखना चाहते थे।
आज के आदिवासियों से प्रश्न है कि क्या वह दलितों से कम परिपक्व थे जो उन्हें उस समय वोट के अधिकार की जरूरतनहीं थी
अंबेडकर कैसे तुम्हारे मसीहा हुए
मसीहा थे या एक शत्रु?
(दोनों स्क्रीनशॉट्स पूरी तरह authentic हैं — Writings & Speeches Vol.1 से।)
कौन है असली अल्पसंख्यक ...😠😠
लद्दाख का 1% हिंदू या 46% मुस्लिम ?
मिजोरम का 2% हिंदू या 88% ईसाई ?
लक्षदीप का 2% हिंदू या 97% मुस्लिम ?
कश्मीर का 4% हिंदू या 95% मुस्लिम ?
नागालैंड का 8% हिंदू या 88% ईसाई ?
मेघालय का 11% हिंदू या 75% ईसाई ?
#Fraud of the secularism in India.
इस घटना के बारे में कोई मीडिया कवरेज नहीं, कोई हो हल्ला नहीं???
अगर आरोपी सवर्ण होता तो human rights से UN तक, सब जगह से रिपोर्ट आ गयी होती कि कैसे भारत में जातिवाद की वजह से हत्याएं होती हैं!!!
है कि नहीं??
वीडियो में साफ देख सकते है कि सरेंडर करने के बाद भी बिहार पुलिस द्वारा भरत भूषण तिवारी को फर्जी एनकांटर में मा र दिया गया । जबकि वो कोई कोई गैंगस्टर या हिस्ट्रीशीटर नहीं था
आख़िर क्यों?
क्या देश में ब्राह्मणों होना गुनाह हो गया है?
UP के पीलीभीत जिले में एक 68 साल के बुजुर्ग मोहम्मद उमर ने अपनी हवस मिटाने के लिए एक 9 साल की मासूम बच्ची को अपना शिकार बना डाला।
महज 24 घंटे के भीतर योगी सरकार ने इसके मकान को मलबे के ढेर कर दिया है। लेकिन ये काफी नहीं है। इस बुड्ढे का एनकाउंटर होना चाहिए।
प्रयागराज में एक लफंगे हिमांशु यादव ने तेली जाति के तीन बुजुर्गों को कुल्हाड़ी से इसलिए काट कर मार डाला कि वह अपनी पोती की शादी इस लफंगे से नहीं करवा रहे थे
एक तथाकथित शोषित वंचित पिछड़े ने एक गरीब सवर्ण परिवार का सामूहिक नरसंहार कर दिया।
अब सोचो ये सब खुलेआम सवर्णों की हत्याएं। कर रहे हैं लेकिन सरकारें इसके बावजूद UGC जैसे सवर्ण विरोधी कानून बना रही है।
मदरसे में छुपा रखी थीं नाबालिग लड़कियां
बहराइच में जब एक मदरसे में छापेमारी हुई तो टॉयलेट में बंद मिली 40 नाबालिग लड़कियां।
यही सब होता है मदरसों में????