छोटे भाई शिवम सोनकर को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में पीएचडी प्रवेश प्राप्त होने की खबर गर्व और खुशी से भर देने वाली है।
यह सिर्फ़ एक शैक्षणिक उपलब्धि नहीं, बल्कि एक ऐसे युवा की जीत है जिसने अन्याय का डटकर सामना किया और हार नहीं मानी।
शिवम आपको दिल से बधाई, और भविष्य के लिए ढेरों मंगलकामनाएँ। : माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष @BhimArmyChief नगीना से लोकप्रिय सासंद भाई चन्द्रशेखर आजाद जी।
आज ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में मेरे जनसभा कार्यक्रम के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के गुंडों ने संगठित तरीके से जानलेवा हमला किया। लगभग 250 के झुंड में आए इन असामाजिक तत्वों ने कार्यक्रम स्थल पर पथराव किया, हिंसा फैलाई, हमारे कार्यकर्ताओं पर हमला किया और दर्जनों वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। यह हमला सिर्फ मुझ पर नहीं, बल्कि लोकतंत्र, संविधान और सामाजिक न्याय की आवाज को कुचलने का एक षड्यंत्र है।
यह घटना साफ दर्शाती है कि संघ परिवार के संगठनों को सत्ता का खुला संरक्षण प्राप्त है। यह वही ताकतें हैं जो बहुजन आंदोलन, दलित-पिछड़े समाज और संवैधानिक अधिकारों के लिए उठने वाली हर आवाज को हिंसा और गुंडागर्दी से दबाने की कोशिश करती हैं। लेकिन हम साफ कर देना चाहते हैं - हम डरने वाले नहीं हैं, हम झुकने वाले नहीं हैं!
मैं @CMO_Odisha व @DGPOdisha से मांग करता हूँ कि इस हमले के सभी दोषियों को अविलंब गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई हो।
हमारा संघर्ष संविधान और लोकतंत्र की रक्षा का है, और यह किसी भी कीमत पर जारी रहेगा। जो सोचते हैं कि हम पर हमले कर हमारी आवाज दबा देंगे, वे यह जान लें—हमारे कदम रुके नहीं हैं, रुकेंगे नहीं!
Humble tributes to the architect of Indian Constitution, Bharat Ratna awardee Dr #BRAmbedkar on his birth anniversary. He was a visionary leader who worked towards the upliftment of the underprivileged and marginalised. Let's strive to uphold his ideals of equality and justice as we work towards a brighter, more inclusive future for all.
"सामाजिक परिवर्तन और आर्थिक मुक्ति" के आंदोलन में अपने सभी सम्मानित साथियों से आर्थिक सहयोग की अपील करता हूं।
जय भीम, जय भारत, जय मंडल, जय जोहार, जय संविधान।
जनता का जनता द्वारा जनता के लिए शासन लोकतंत्र है और देश में इन्ही अधिकांश लोगों एवम् सभी राष्ट्रीय दलों (सत्तारूढ़ दल बीजेपी को छोड़) को ईवीएम मशीनों द्वारा चुनाव करवाने की व्यवस्था को लेकर संशय है!
चुनाव आयोग इस संशय को दूर नहीं कर पाया है। निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव लोकतंत्र का आधार हैं। यदि देश के नागरिकों को बैलेट पेपर से चुनाव करवाने में ज्यादा भरोसा है तो चुनाव आयोग को क्या आपत्ति है? जब नागरिक बैलट पेपर से चुनाव को ज्यादा विश्वसनीय मानते हैं तो चुनाव आयोग बैलट पेपर से चुनाव करवाए।
भाजपा के द्वारा ही ईवीएम मशीनों पर उंगली उठाने की शुरुआत हुई लेकिन आज भाजपा ईवीएम की सबसे बड़ी पैरोकार है। इससे ईवीएम पर शक और पुख्ता हो जाता है।
सारे विश्व में अधिकांश लोकतांत्रिक और विकसित देशों में भी बैलट पेपर से ही चुनाव होते हैं। वहां कोई उंगली नहीं उठाता। यदि चुनावी व्यवस्था पर ही संशय पैदा हो जाए तो कैसा लोकतंत्र?
मेरी चुनाव आयोग से अपील है कि लोगों की आकांक्षाओं और चुनावी व्यवस्था पर विश्वास को पुनर्स्थापित करने के लिए बैलट पेपर से ही चुनाव करवाए जाएं। भाजपा को भी आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
#Ban_EVM_Save_Democracy
#Ban_EVM_Save_Democracy
अपने लिये सब जीते है दुसरो के लिए जीना, लक्ष्य जब तक पूरा ना हो जाएं अपने कार्य को जारी रखने की प्रेरणा देने वाली।
भारत की प्रथम शिक्षिका, मनुवाद के खिलाफ ताउम्र संघर्षरत रहीं क्रान्तिज्योति माता सावित्री बाई फुले जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन।