RHA रिज़र्वेशन रिफ़ॉर्म मूवमेंट' आरक्षण सुधार आंदोलन ने सरकार के सामने अपनी 8 मांगें रखी है।
ये रही सभी 8 मांगें। 👇
1. जनरल कैटेगरी के लिए राष्ट्रीय आयोग जनरल कैटेगरी का प्रतिनिधित्व करने और उनके समाधान के लिए एक राष्ट्रीय आयोग (NCGC) का गठन किया जाए।
2. SC/ST में क्रीमी लेयर: SC/ST आरक्षण में 'क्रीमी लेयर' का प्रावधान लागू किया जाए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आरक्षण का लाभ हर समुदाय तक पहुँचे।
3. एक परिवार, एक आरक्षण, एक बार: लाभों के समान वितरण के लिए 'एक परिवार, एक आरक्षण' और 'एक बार आरक्षण' का सिद्धांत लागू किया जाए।
4. न्यूनतम कट-ऑफ मार्क्स अनिवार्य किए जाएं और यह सुनिश्चित हो, कि ओपन कैटेगरी के लिए सीटें उपलब्ध रहें।
5. आरक्षण के 75 वर्षों की समीक्षा करते हुए एक 'श्वेत पत्र' (White Paper) जारी किया जाए, जिसमें यह देखा जाए कि किन समुदायों को कितना लाभ मिला है और क्या उद्देश्य पूरे हुए हैं। समय-समय पर समीक्षा के साथ 'सनसेट क्लॉज़' (एक निश्चित समय के बाद समीक्षा/समाप्ति का नियम) लागू किया जाए।
6. प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण पर कोई चर्चा नहीं: प्राइवेट सेक्टर में कोई आरक्षण नहीं होना चाहिए; प्राइवेट सेक्टर में रोज़गार योग्यता और क्षमता पर आधारित है
7. UGC के इक्विटी नियमों (Equity Regulations) को वापस लिया जाए या जनरल कैटेगरी (GCs) को भी उनके दायरे में शामिल किया जाए।
8. SC/ST एक्ट की समीक्षा और दुरुपयोग से बचाव: SC/ST एक्ट की समीक्षा की जाए, जिसमें अनिवार्य प्रारंभिक जांच, कम गंभीर आरोपों में ज़मानत, और झूठे मामलों व इस एक्ट का दुरुपयोग करने वाले पर कठोर कार्रवाई हों।
🎯कैसे फसाया जा रहा है सवर्णो को
अब कोई भी व्यक्ति SC/ST समुदाय का आपके यहाँ कोई चीज लेने आए और आपने मना कर दिया तो वो ये कहते हुए की अपने उसे जातिगत गाली दी और सामान देने से मना किया आप पर SC/ST एक्ट लगवा देगा
आप किसी रस्ते पर चल रहे हैं और आपसे आगे कोई SC/ST समुदाय की लड़की या महिला चल रही है, आप भले कुछ न करिये हॉर्न बजने को भी वो पीछा करना गलत इरादे से कहकर आप पर SC/ST एक्ट लगवा सकती है
आप के घर काम वाली बाई किसी भी समय आप पर बुरी नजर रखने इज्जत पर हाथ डालने की FIR लिखा सकती है पत्नी समेत
आपके ऑफिस में काम करने वाली महिला या लड़की आप पर बुरी नजर और सोने के बदले प्रमोशन का वादा किया ऐसा कहकर आप पर शोषण की FIR लिखा सकती है
दोSCST समुदाय के लोग दारु पीकर आपके घर के बाहर लड़ाई करे और आप उन्हें वहाँ से हटने को कहे तो आप परFIR लिखी जा सकती है
कैसे बचोगे मेरे भाइयों
पूर्ण बहिष्कार इस एक्ट का इतना जरूरी है जिसको शायद पूरी किताब लिख कर भी नहीं समझाया जा सकेगा
पूर्ण बहिष्कार - पूर्ण प्रतिकार
इस समय देश में इसकी सख्त ज़रूरत है
1. ब्राह्मण संरक्षण एक्ट
2. सवर्ण आयोग का गठन
3. ईशनिंदा कानून
4. सामान्य वर्ग के छात्रों को छात्रवृत्ति
5. SC/ST एक्ट को खत्म करो
6. मंदिर विप्र पुजारी भत्ता
7. UGC Rollback, EWS सरलीकरण
8.गौहत्या प्रतिबंध कानून
क्या आप इन मांगों से सहमत है?
अब ये लड़ाई केवल यूजीसी रोलबैक की नहीं एससी एसटी रोल बैक , आरक्षण रिफार्म की है , संवाद से सहमति यही हमारा मार्ग होगा जल्द हमें अनुमति मिलेगी और हम जंतर मंतर पर सभी लोग बैठ कर इसकी शुरुआत करेंगे ।
हमारी मांग -:
1- एससी एसटी वापस लीजिए
2- आरक्षण रिफार्म हो
3-यूजीसी रोल बैक हो
आज अजीत भाई को हम सब के समर्थन की जरूरत है।
क्या देश में मौलिक अधिकार “जाति विशेष” तक सीमित है।
ब्राह्मण लड़कियों के बारे में अभद्र टिप्पणियों पर कभी FIR क्यों नहीं होती ?
ब्राह्मणवाद से आज़ादी मांगने वाले पर भी FIR नहीं होती।
लेकिन अगर कोई पलट कर जवाब दे दे,
तो पूरे समाज की भावना आहत हो जाती है, आख़िर क्यो ? 🤷🏻♂️
कायर और बुजदिल और मुर्दा सवर्ण समाज के नेताओं से बेहतर तो बाबा रामदेव जी निकले हैं, एक बयान में रामदेव जी ने कहा है यदि SC/ST का अपमान संविधान का अपमान है तो ब्राह्मण का भी अपमान संविधान का अपमान है, ब्राह्मण को जो मुंह उठाकर कुछ भी बोल देते हैं गाली देते हैं? या फिर उनकी बहन बेटियों और मांओं के बारे में आपत्तिजनक बातें करते हैं यह भी तो संविधान का अपमान है।
सच बता रहा हूं मेरे मन में इतनी ही बात से बाबा रामदेव जी के प्रति इज्जत बढ़ गई है, बो कहते हैं न कि ब्राह्मण सिर्फ सम्मान का भूखा होता है उसे पद और पैसा नही चाहिए होता है।
जिस बात को बोलने में सवर्ण समाज के सांसदों और विधायकों के पिछवाड़े से धुआं निकलने लगते है वह बात एक यादव समाज का व्यक्ति बोल रहा है, अब समाज के नेताओं का बहिष्कार ही मात्र एक उपाय है।
हमें अजीत भारती जैसे लोगों की आवश्यकता है क्योंकि आज के समय में जैसे को तैसा जवाव देने के लिए @ajeetbharti जैसे लोग ही समाज में होने चाहिए।
अजीत भारती के ऊपर SCSTACT में दिल्ली के नॉर्थ रेवेन्यू में FIR कराने के लिए भीम आर्मी के लोगों के घोड़े छोड़ दिए, खैर शिकायतकर्ता बालकराम बौद्ध हैं अब बौद्ध धर्म का व्यक्ति SCSTACT में मुकदमा कैसे दर्ज करवा सकता है? SCST के लिए हिंदू होना जरुरी है, कोर्ट में यह FIR एक झटके में निपट जाएगी, तुम किसी को मां की बहन की गाली दोगे और अगर तुम्हें कोई प्रतिक्रिया दे दे तो तुम्हारा शोषण हो गया?
हम अजीत भारती जी के साथ पूरी ताकत के साथ हैं, ध्यान रखना घायल शेर का बार दूसरी बार चार गुनी गति से भी ज्यादा तेज होता है।
अगर आपको भी लगता है कि इस क़ानून का दुरुपयोग बंद होना चाहिए तो,
अगले एक घंटे में इस हैशटैग पर कम से कम 10, 000 ट्वीट, अधिक से अधिक कमेंट और RT करें:-
#StopMisuseOfSCSTAct
पहले शिक्षा में आरक्षण दो, तब जनाब पढ़ेंगे..
फिर नौकरी में आरक्षण दो, तब जनाब कमाएँगे..
पदोन्नति में भी आरक्षण दो, तब IAS, PCS और जज बनेंगे।
और उसके बाद कहेंगे “मैं हिंदू नहीं हूँ, मुझे 5,000 साल तक पानी नहीं पीने दिया गया।”
आरक्षण का लाभ जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुँचे, न कि एक ही परिवार को पीढ़ी-दर-पीढ़ी मिलता रहे..
समान अवसर दो, समाज में समानता लाओ...
आओ मिलकर हाथ बढ़ाओ .. भारत को शशक्त बनाओ ✊
🚨🚨जो सवर्ण भाई सहमत हो रिपोस्ट करते चले यही सहयोग है
हमारा सभी सवर्णो का स्पष्ट मत है
1. आरक्षण पूर्णतः समाप्ति हो
2. SCST एक्ट को विधिक उपचार के साथ ही लागु किया जाये
3. UGC को पूर्णतः वापस के
सवर्ण अपनी राजनैतिक पार्टी का निर्माण करे सभी नेतृत्व मिल कर - सबकी पार्टी बने राष्ट्रीय स्तर पर , हर मुद्दे पपर चर्चा हो
उत्तर प्रदेश के चुनाव से प्रारम्भ हो
सवर्णो को विकल्प ना ढूँढना पड़े
मैं व्यक्तिगत तौर पर सबसे पीछे चलने के लिए हर स्तर पर खड़ा हु . स्वामी जी , अजीत भाई, पूनावाला जी , रंगराजन जी , नेहा बहन. अनुराधा दीदी, मिश्रा सर , राज साहेब, मकराना जी, पंकज भाई , सर्वेश भाई और सभी साथी - एकमत से पार्टी बनाये
बैठक बुलाये यही अंतिम उपाय है
आप सभी के उत्तर की आशा है
आशुतोष तिवारी - 9454776020
अपने हिस्से का संघर्ष के लिए तत्पर
हर हर महादेव
समर शेष है - हम देखेंगे
मेरा सभी X साथियों से आग्रह है कि जंतर मंतर पर चल रहे हम सवर्णों के आंदोलन को कोई मैंन स्ट्रीम मीडिया नहीं दिखा रही है।
X पर भी आंदोलन अभी तक ट्रेडिंग में नहीं आया है।
इसलिए आप सभी इस आंदोलन को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग में लाने के लिए लिखना भी शुरू करें।
#UGC_Roll_Back
#जंतर_मंतर