थानों में न्याय नहीं मिले तो मजबूरी में मुख्यालय आना पड़ता है...उदयपुर में बुजुर्ग महिला एसपी कार्यालय में पहुंचने का संघर्ष करतीं हुईं...
@RajPoliceHelp
'अगर ज्यादा निवेदन करोगे तो FIR ठोंक दूँगी. समझ में आया. ज्यादा मत बोलों, माहौल मत खराब करों.'
कोचिंग सेंटर सील करने पहुंची मेरठ विकास प्राधिकरण की प्रवर्तन अधिकारी निकिता सिंह ने ये धमकी इमारत के मालिक को सीलिंग न करने की रिक्वेस्ट पर दी.
करौली में एक युवक को खेत में घेरकर बुरी तरह पीटा जा रहा है।लाठियों से मारना,घसीटना ये कोई न्याय नहीं,ये हिंसा है।चाहे कोई भी वजह हो, कानून अपने हाथ में लेने का किसी को अधिकार नहीं।करौली पुलिस और राजस्थान प्रशासन से अपील: इस वीडियो का संज्ञान लें, दोषियों को तुरंत गिरफ्तार करें।
भीड़तंत्र नहीं, कानून का राज चलेगा! 🇮🇳
#Karauli #RajasthanPolice #StopMobViolence #RuleOfLaw
THIS IS TEACHERS HOLDING THE MIC NOW 🔥
ANJANA: YouTube teachers chase fake views and talk nonsense.
B.M SIR 🎯: These are the same YouTube teachers who raise NEET, NET, Lekhpal and SI paper leak issues.
ANJANA: Teachers should only teach.
B.M SIR ⚡️: Exactly. Raising paper leaks was your job. If you did it, teachers wouldn’t have to.
ANJANA: They do it for views.
B.M SIR 🔥: Teachers teach poor students from villages at tiny fees. They face lathis for students, but they don’t sell their conscience.
अब ये मोहतरमा शिक्षकों को समझाएंगी कि उन्हें क्या आता है क्या नहीं,
हमें कितने कौड़ी का ज्ञान है यह हमसे जुड़े हमारे लाखों छात्र, युवा और उनके माता-पिता बखूबी जानते हैं पर आपको लगता पत्रकारिता का कौड़ी भर ज्ञान नहीं है इसीलिए आप पेपर लीक, बेरोजगारी, महंगाई, गरीबी, खस्ताहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की बात नहीं करती आप बात करती हैं झालमुड़ी के इतिहास की, मेलोडी टॉफी के मिठास की,
आपको शर्म आनी चाहिए देश के शिक्षकों के बारे में कुछ भी बोलने से पहले।
#youtubeteachers #students #news #indianmedia #exams
हमारे विवेक सर का भावुक अपील 😢🙏
हमारी बात मुख्यमंत्री महोदय तक पहुंचाए सब लोग
उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी जब बच्चे पढ़ेंगे लिखेंगे नहीं तो आगे कैसे बढ़ेंगे ?, और बच्चो को पढ़ाने वाले अध्यापकों का घर कैसे चलेगा ?, आपसे आग्रह है कोचिंग को बंद न कराए , यही एग्जामपुर है जिसके कारण आपके यूपी पुलिस में लाखों बच्चे पिछले 10 वर्षों ए चयनित होकर गए है,
मतलब यह कोचिंग उत्तर प्रदेश की रीढ़ की हड्डी है इसे न तोडिए साहेब 🙏, और प्रयागराज प्रशासन को आदेशित करे इस कोचिंग को बहाल करने के लिए और बच्चो की पुलिस की परीक्षा 8,9,10 जून को है बच्चो को रिविजन भी कराना है, बच्चे घबराए हुए है आपसे भावुक अपील
@myogiadityanath@CMOfficeUP@UPTakOfficial@aajtak@kmrvivek14@exampuroficial
मुजफ्फरपुर: नाबालिग बेटी के अपहरण के 10 दिन बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से पीड़ित परिवार का आक्रोश फूट पड़ा। मुशहरी थाना क्षेत्र में बेटी की बरामदगी की मांग को लेकर पिता थाने के सामने सड़क पर लेट गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया। #Muzaffarpur#BiharNews #KidnappingCase #PoliceAction #BreakingNews
ऐसे वीडियो देखकर कौन माँ-बाप अपने बच्चों को बाहर हॉस्टल में रहने के लिए छोड़ेगा
वीडियो को शेयर करें ताकि इन सभी बच्चों के परिवार तक ये वीडियो पहुंच सके …
गुजरात पुलिस कृपया मामले में संज्ञान ले
📍वीडियो बनते देख आरोप लगा दिए योगी जी को गाली दोगे📍
👉🏾 यूपी पुलिस के जवान ट्रक चालक को मारते पीटते रिक्शा में बैठाकर थाने ले जाने का प्रयास कर रहे थे एक व्यक्ति वीडियो बना रहा था, तभी ट्रक चालक ने कहा वीडियो बनाते रहना।
👉🏾 इतने में पुलिस वाले चौंक जैसे गए कुछ देर शांत खड़े रहे, जैसे कुछ सोंच रहे हों, और फिर अचानक योगी जी को गाली दोगे कहते हुए मारते हुए वीडियो का पैटर्न ही बदल दिए।
👉🏾 स्थानीय लोगों के अनुसार यह पुलिस कर्मी ट्रक चालक से कुछ मांग रहे थे न देने पर गालियां देने लगे तभी ड्राइवर ने भी गाली देदी, फिर क्या पुलिस वाले ड्राइवर को नीचे उतारकर रिक्शा में बैठाकर थाने ले जाने का प्रयास करने लगे।
👉🏾 मामला मुख्यमंत्री कार्यक्रम के दौरान मऊ जनपद के घोसी स्थित माझावर मोड़ के पास का है।
ये गौरव त्रिपाठी है इन्होंने 4 साल पहले कानपुर देहात के विकास भवन में अफसरों को एक कार्यक्रम में 500 लांच पैकट दिए थे लेकिन भुगतान अभी तक न हुआ अफसरों ने लंच के बाद डिनर ब्रेकफास्ट सब कर लिया लेकिन गौरव को लंच पैकेट के रुपए अभी तक नहीं मिले गौरव अफसरों के चक्कर लगा लगा थक हार गए और फ़िर उन्होंने कल विकास भवन में आत्मदाह का फैसला कर लिया गौरव का मानना था कि मैं आत्मदाह कर लूंगा तो शायद अधिकारियों की आँख खुल जाए और अन्य लोगों को समय से इंसाफ मिल सके, आत्मदाह की सूचना पर ज़िला मुख्यालय में हड़कप मच गया पुलिस मौके पर पहुंची और गौरव को समझाया विभागीय अधिकारियों द्वारा जल्द भुगतान का आश्वासन मिला लेकिन पैसा फ़िर भी न मिला, गौरव अपनी पीड़ा बताते बताते रो पड़े है ये सिर्फ एक गौरव की कहानी नहीं है अफसरों की मनमानी की वजह से न जाने कितने लोगों को दफ्तरों की चौखट के बाहर रोते देख है
@CMOfficeUP@DMKanpurDehat@myogiadityanath@spgoyal@sanjaychapps1@sanjayjourno@MamtaTripathi80@yadavakhilesh
मेरी निजी राय है कि
सरकारी विभाग भ्रष्टाचार की जननी है
50 हज़ार से लेकर 1.50 लाख पगार लेने वाले अधिकारियों को 100/200/500 घुस लेते समय शर्म तक नहीं आती है
सिस्टम देश को दीमक की तरह खोखला कर रहा है