देखिए: कैसे दिल्ली पुलिस ने गाजीपुर की तरफ से आ रहे किसानों को गलत रास्ता लेने दिया और वापस सही रास्ते पर आने से रोका। यह सचमुच सरकार और पुलिस की साजिश थी कि किसानों को गलत रास्ते पर ले जाक��� किसान आंदोलन को बदनाम किया जा सके।
No prison is big enough to contain free speech
स्वतंत्र विचारों को कभी बेड़ियों में नहीं जकड़ा जा सकता।बोल की लब आज़ाद हैं तेरे..!
ਹਿੱਕ ਦੇ ਖੁੱਲ੍ਹੇ ਵਿਚਾਰਾਂ ਨੂੰ ਕਿਹੜੀ ਬੇੜੀ ਅੱਜ ਤਕ ਡੱਕ ਸਕੀ ਹੈ
કોઈ પણ જેલ એટલી મોટી નથી કે મુક્ત વાણી ને રોકી શકે हर भाषा में बलिए। ज़ोर से बलिए।