It's not always the one who gives you butterflies,
it's the one who teaches your heart to breathe.
They may not have perfect words,
but they have perfect timing to stay, to hold, to understand.
Real love is not about fireworks every day,
it's about the quiet light that never goes out.
Choose the one who brings peace to your storm,
and stays …..when the butterflies have learned to rest.✨♥️
#રાધાસ્વરા
मुझे तुमसे प्रेम करने का अधिकार तो नहीं है,
लेकिन मैं प्रेम की उपस्थिति बनकर रहूंगी।
अगर तुम्हें कोई आपत्ति नहीं है, तो
"सुनो ना, खडूस
मैं हमेशा तुम्हारी ही रहूंगी....🦋
@Di__sha1
सुनो...
तुम्हारी ख़ामोशी को
मैं हर रात चुपके से पढ़ती हूँ,
चाँद की रौशनी में
सिर्फ़ और सिर्फ़
तुम्हारा ही अक्स ढूँढती हूँ...
हवा से तुम्हारी ख़ुशबू पूछकर,
हर रात मैं
अपनी तकिए पर
कुछ ख़्वाब सहेजती हूँ....
फ़ासले चाहे जितने भी हो दरमियाँ,
मोहब्बत फिर भी तुम्हीं तक पहुँचती है।
- पौलोमी
सुनो मेरी लाडली..
जब मैं तुमसे मिलने आऊँगा,तो सिर्फ मिलने नहीं,तुम्हें महसूस करने आऊँगा.तुम्हारी आँखों में अपने लिए
वो सुकून ढूँढूँगा,जो इस भागती
दुनिया में कहीं नहीं मिला तुम्हें बाहों में भरकर यूँ थाम लूँगा,जैसे बरसों की अधूरी दुआ पूरी हो गई हो।
उस पल न कोई शोर होगा, न कोई फासला,बस तुम,
मैं और हमारे दिलों की धड़कनें होंगी!
और जब वक्त हमें जुदा करने की कोशिश करेगा,तो मैं उस पल को अपनी यादों में हमेशा के लिए कैद कर लूँगा,ताकि तुम्हारी खुशबू,तुम्हारा एहसास, हर साँस के साथ मेरे पास रहे...❤️🧡
उसने कहा था ,
मैं तुम्हें छोड़कर नहीं जाऊँगी---
खैर छोड़ो कोई बात नहीं..!
उसने कहा था ,
मैं सिर्फ और सिर्फ तुम्हारी हूँ---
खैर छोड़ो कोई बात नहीं..!
उसने कहा था ,
अब और आँसू नहीं आने देंगे ---
खैर छोड़ो कोई बात नहीं..!
उसने कहा था ,
मोहब्बत है तुमसे , इसे निभाना---
खैर छोड़ो कोई बात नहीं..!
उसने कहा था ,
बस तुम , और तुम , सिर्फ तुम ,
मैं ये पूछना भूल गया इतने तुम क्यों..?
खैर उसने सिर्फ कहा था ,
कहने में क्या जाता है , कौन सा निभाना है..!
खैर छोड़ो कोई बात नहीं..!
#सागर
🪷
सालों से पी रहे हैं,
फिर भी हर रोज नई लगती है...!!🍵
❤️
चाय तुम्हारी यादों की तरह,
हर घूंट में ताज़ा लगती है...!!🍵
*शुभ प्रभात मित्रों 🍵 👈😊*
#अतरंगी_वीणा
जब मैं अंतिम कविता लिखूंगी...
ईश्वर को पाषाण लिखूंगी
रिश्तों को बेड़ियां लिखूंगी
प्रेम/दोस्ती को पाखंड लिखूंगी
सुख को भ्रम लिखूंगी
दुख को सत्य लिखूंगी
और तुम्हें पीड़ा लिखूंगी...
🖤
शाम ढलती रही,
और मैं देर तक उसे देखता रहा।
शायद इसलिए नहीं कि शाम ख़ूबसूरत थी,
बल्कि इसलिए कि उसमें
मुझे अपना-सा कुछ दिखाई दे रहा था।
हम सब भी तो ऐसे ही हैं—
कुछ छोड़ना चाहते हैं,
कुछ बचाए रखना चाहते हैं।
कभी किसी इंसान से दूर जाना चाहते हैं,
फिर उसी की एक आवाज़ के लिए
पूरी रात इंतज़ार करते हैं।
कभी सब कुछ छोड़कर
कहीं दूर निकल जाना चाहते हैं,
फिर अपने ही कमरे में लौटकर
सुकून ढूँढ़ते हैं।
हम चाहते हैं कि कोई हमें समझे,
बिना हमें बार-बार समझाए।
कोई पूछे—
“तुम सच में ठीक हो?”
और हमारे “हाँ” पर यक़ीन न करे।
हम चाहते हैं थोड़ा पैसा,
थोड़ी मोहब्बत,
थोड़ी आज़ादी,
और इतनी-सी ज़िंदगी
जिसमें रात को सोते वक़्त
अपने आप से शर्मिंदा न होना पड़े।
शायद इसलिए ये पंछी
मुझे हमेशा अच्छे लगते हैं—
उन्हें पता है कि उड़ना है,
और हम आज तक तय नहीं कर पाए
कि हमें उड़ना है,
या बस कोई ऐसा ठिकाना चाहिए—
जहाँ लौटकर दिल को कुछ साबित न करना पड़े।
— @MarjeeShayar
#ढलती_शाम #दिल_की_बात
Dear special
मुझे तुमसे प्रेम है।
लेकिन इस प्रेम की सबसे बड़ी
खुबसुरती तुम्हें पाना नहीं, तुम्हारा
सुकून बनना है।
तुम्हें बदलना नहीं चाहता, क्योंकि
जिस से मैं प्यार करता हूं,वह तुम
हो... तुम्हारा को बदला हुआ रूप नहीं।
जीवन में एक बार प्रेम ज़रूर करना,पर ऐसा नहीं जो सिर्फ़ छू कर निकल जाए, ऐसा करना जो रूह में बस जाए।
ऐसा प्रेम करना कि वर्षों बाद भी जब समय तुम्हारे चेहरे पर अपनी लकीरें खींच चुकी हो,जब तुम्हारी हथेलियों में जवानी की नर्मी न रही हो, जब दुनिया तुम्हें व्यावहारिक, समझदार और सुलझा हुआ कहने लगी हो, तब अगर कोई तुम्हारे सामने बैठ कर धीरे से पूछे - प्रेम क्या है?
……. तो तुम एक पल के लिए चुप हो जाओ।तुम्हारे अधरों पर शब्द आकर ठहर जाएँ।तुम्हें कोई परिभाषा याद न आए, कोई शायरी याद न आए, किसी किताब की कोई पंक्ति याद न आए।
बस एक चेहरा याद आए…. एक ही चेहरा।जिसकी आँखों में तुमने पहली बार खुद को पूरा देखा था। जिसकी मुस्कान में तुम्हें लगा था कि दुनिया अभी भी सुंदर है और उस एक चेहरे की रोशनी तुम्हारी थकी हुई आँखों में फिर से उतर आए, वैसे ही जैसे बरसों पहले उतरी थी, बिना पूछे, बिना दस्तक दिए।
बस एक नाम की आहट तुम्हारे सीने में लहर बन कर उठे।वो नाम जो तुमने हजारों बार लिया होगा, पर आज भी जब याद आता है तो दिल उसी पुरानी बेक़रारी से धड़क उठता है।
भीड़ भरी दुनिया में, शोर से भरे बाज़ार में, हज़ारों चेहरों और हज़ारों आवाज़ों के बीच तुम्हें सिर्फ एक आवाज़ की स्मृति छू जाए।वो आवाज़ जो अब तुम्हारे पास नहीं है, पर तुम्हारे भीतर आज भी कहीं बहुत गहरे, बहुत साफ़ सुनाई देती है।
प्रेम शायद पा लेना नहीं है, प्रेम खो कर भी न खोना है।प्रेम साथ चलना नहीं, साथ न होकर भी साथ होना है। प्रेम वो नहीं जो हाथ पकड़ कर हर वक़्त साथ चले प्रेम वो है जो हाथ छूट जाने के बाद भी तुम्हें भीड़ में अकेला न होने दे।
…… तो जीवन में एक बार प्रेम ज़रूर करना।ऐसा प्रेम करना कि वो व्यक्ति तुम्हारी ज़िंदगी में रहे न रहे, तुम्हारी कहानी में रहे न रहे, पर उसकी स्मृति तुम्हारे पूरे जीवन की सबसे सच्ची, सबसे लंबी और सबसे खूबसूरत कविता बन जाए।ऐसी कविता जिसका कोई अंत न हो।ऐसी कविता जिसे तुम हर रात सोने से पहले पढ़ो,और हर बार लगे कि ये पहली बार पढ़ी है।✨❤️
#રાધાસ્વરા
#बज़्म