Thats the irony of Singapore of Haryana millenium city #Gurgaon#Gurugram. @DHBVNL infrastructure fails you every summer. A 220KVA transformer blasted and the glitzy city went dark. Rapid metro stopped and the commuters had to walk on tracks. #Viral
🔥 Maj Harshit bleeds for India, yet fights a lonely war for his sister Twisha, lost to dowry murder. The system is failing him.
Veterans Vardi Foundation is standing with him.
Our soldiers bleed for the nation, but where is the nation for them?
@SamSiff "why motherinlaw Demeaning the image mental health is some thing which is very personal..sorry for loss of both sides but.. weather its men or women each life is important
@ranvijaylive seen her walking in that saddest cctv footage of Twisha This women was just roaming here and there without any concern not showed a simple caring jesture for twisha
इस स्टोरी को ही गोदी चैनल दस दिन रिपोर्ट कर दें। सारी एजेंसियाँ हरकत में आ जाए। ऐसा होगा नहीं । प्रधानमंत्री आम जनता से पैसा बचाने की अपील कर रहे हैं और पचास अफ़सर 3200 करोड़ ज़मीन के धंधे से बना रहे हैं। बाद में इसी टाइप के अफ़सर लोकतंत्र की हत्या की सुपारी लेकर सरकार के काम आते हैं। अगर देश में राष्ट्रवाद और धर्म की लहर चल रही है तो इन अफ़सरों के आँगन में नैतिकता की बूंदा बांदी भी नहीं हुई क्या ?
आपका नाम राजू नारायणस्वामी है।
1991 में आपने UPSC में AIR 1 हासिल की थी। पूरे देश में पहला स्थान।
आप IIT मद्रास से कंप्यूटर साइंस ग्रेजुएट थे। MIT ने स्कॉलरशिप ऑफर की। लेकिन आपने ठुकरा दी। आपने कहा — IIT की पढ़ाई गरीब भारतीयों के टैक्स से हुई है, अब देश को लौटाना मेरा कर्तव्य है।
फिर आपने IAS जॉइन किया।
पहली पोस्टिंग में एक बिल्डर धान के खेत को भरना चाहता था। 60 गरीब परिवारों ने कहा इससे उनका इलाका डूब जाएगा। आपने अनुमति नहीं दी। आपका ट्रांसफर हो गया।
केरल के PWD मंत्री के बच्चों के अवैध जमीन सौदे उजागर किए। मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा। आपका ट्रांसफर हो गया।
Coconut Development Board में भ्रष्टाचार पकड़ा। अफसर सस्पेंड हुए। आपका ट्रांसफर हो गया।
सिविल सप्लाई विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। जांच पूरी होने से पहले हटा दिए गए।
34 साल की सेवा में 32 ट्रांसफर।
एक बार आपने सरकार को चिट्ठी लिखकर पूछा “जब मुझे कोई काम ही नहीं दिया जा रहा, तो मुझे वेतन क्यों दिया जा रहा है?”
2025 में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी Chief Secretary पदोन्नति की याचिका खारिज कर दी।
AIR 1 होने के बावजूद।
30 साल की ईमानदार सेवा के बावजूद।
उन्होंने 34 किताबें भी लिखीं। साहित्य अकादमी पुरस्कार जीता। कानून में PhD की।
MIT उन्हें अमेरिका देना चाहता था।
उन्होंने भारत के लोगों को चुना।
लेकिन भारत की व्यवस्था ने उन्हें 34 साल तक सिर्फ एक संदेश दिया
“ईमानदारी की कीमत सब कुछ खोकर चुकानी पड़ती है।”
और उन्होंने हर बार वो कीमत चुकाई।
ऐसी कहानियों के लिए फॉलो करें, जिन्हें भारत की सुर्खियाँ कभी जगह नहीं देतीं।
इनका नाम प्रतीक्षा तोंडवलकर है।
1964 में पुणे के एक अनुसूचित जाति परिवार में जन्म हुआ।
जब वो सातवीं कक्षा में थीं, उनके पिता ने पढ़ाई छुड़ाकर शादी कराने का फैसला कर लिया।
उनकी टीचर ने बहुत समझाया। यहाँ तक कहा कि पढ़ाई का खर्च वो खुद उठाएँगी।
लेकिन पिता नहीं माने।
17 साल की उम्र में उनकी शादी हो गई।
उनके पति सदाशिव कडू मुंबई में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की एक शाखा में बुकबाइंडर थे।
20 साल की उम्र में सड़क हादसे में पति की मौत हो गई।
गोद में दो साल का बेटा था।
न पढ़ाई, न नौकरी, न सहारा।
पति के बैंक में अपने हक़ के पैसे लेने पहुँचीं तो बैंक से कहा
“कोई भी काम दे दीजिए मुझे बेटे को पालना है।”
बैंक ने उन्हें झाड़ू पकड़ा दी।
वो फर्श साफ करती थीं।
फर्नीचर की धूल साफ करती थीं।
टॉयलेट तक साफ करती थीं।
महीने की तनख्वाह थी सिर्फ 65 रुपये।
एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था
“जब मेरा बेटा बिस्कुट माँगता था, तो मैं बस से एक स्टॉप पहले उतर जाती थी ताकि किराये के पैसे बचाकर उसके लिए बिस्कुट खरीद सकूँ।”
दिन में नौकरी।
रात में विक्रोली के नाइट कॉलेज में पढ़ाई।
पहले दसवीं फर्स्ट डिवीजन से पास की।
फिर बारहवीं।
फिर साइकोलॉजी में डिग्री ली।
बैंक के कई सहकर्मी खाली समय में उन्हें पढ़ाते भी थे।
घर वाले दूसरी शादी का दबाव डालते रहे।
लेकिन उन्होंने कहा
“डिग्री पूरी किए बिना शादी नहीं करूँगी।”
धीरे-धीरे प्रमोशन मिलने लगे।
स्वीपर से मैसेंजर बनीं।
फिर क्लर्क।
1993 में दूसरी शादी हुई।
उनके पति प्रमोद तोंडवलकर ने उन्हें बैंकिंग ऑफिसर एग्जाम देने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने परीक्षा पास कर ली।
फिर वो ट्रेनी ऑफिसर से Scale-4 अधिकारी बनीं।
फिर Chief General Manager।
और 2022 में वही महिला
State Bank of India की Assistant General Manager बनीं।
जिस बैंक में कभी वो 65 रुपये महीने पर टॉयलेट साफ करती थीं…
उसी बैंक ने 40 साल बाद उन्हें अपने सबसे बड़े मैनेजमेंट सम्मान से नवाज़ा।
ऐसी कहानियाँ भारत को याद रखनी चाहिए।
प्रणय रॉय जी की ये तस्वीर काफी कुछ बयां कर रही।
एक समय ये अपनी पत्नी राधिका रॉय के साथ NDTV के सह-संस्थापक और देश के बड़े पत्रकारों में गिने जाते थे।
फिर समय बदला, NDTV दूसरे हाथों में चला गया।
76 साल के प्रणय रॉय आज भी बिना किसी सेटअप और बिना किसी दिखावे के पश्चिम बंगाल चुनाव में रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
और ये रिपोर्टिंग भी ऐसी स्थिति में जहां वो खुद एक हाथ में माइक पकड़े हैं, और दूसरे हाथ से अपनी मोबाइल से वीडियो बना रहे।
ऐसी उम्र में जमीनी पत्रकारिता करना आसान नहीं है इसके लिए आपके अंदर जज्बा और काम के प्रति ईमानदारी भी होनी चाहिए।
BREAKING ⚠️
2 India-flagged LPG tanker ships, Shivalik & Nandadevi, have crossed the Strait of Hormuz today and are headed towards India. (file pics)