A Chinese man dressed up as a pregnant woman and strolled through the streets of India.
He was harassed, stalked, touched, and chased by Indian men. 🤡🤡
What a bunch of assholes.
Absolutely shameful.
BJP Bengal leader Suvendu Adhikari claims the TMC purchased 750 fake fingers to cast multiple votes tomorrow. To prove his point, He shows a downloaded image of Silicone Finger from Google. 🤣
Daksh Chaudhary and his goons brutally be@t up a Muslim youth in Karol Bagh on false charges of cow smuggling.
Hello @DelhiPolice will you stop this hooliganism or remain spectator?
उत्तराखंड में मुसलमानों के साथ जो कुछ हो रहा, उससे सभी अंजान हैं, उत्तराखंड से लौटी फैक्ट फाइंडिंग टीम की सदस्य सृष्टि जायसवाल ने बड़ा खुलासा किया है, बोली- मैं हिंदू हूँ, लेकिन उत्तराखंड में मुसलमानों के साथ हो रहें ज़ुल्म पर मुझे दुख होता है…
In 2014 @himantabiswa once attacked @narendramodi by saying 'Muslim's blood flows in water pipe of Gujarat (refering to 2002 Gujarat Riots). We don’t ask votes on the lines of Hindu-Muslim'. And now this 🤮🤡
एक मुस्लिम युवती बुर्क़ा में है, एक आदमी पीछे आता है, जय श्रीराम के नारे लगाता है, युवती वीडियो बना लेती है, वीडियो मुंबई के घाटकोपर का बताया जा रहा है। बताइए भक्त इसे कैसे डिफेंड करेंगे?
ये सूरज पटेल है। बजरंग दल का कार्यकर्ता है। रामपुर में एक थाने में घुसकर पुलिस को धमका रहा है, भद्दी गालियां दे रहा है। पूरे थाने में बस एक पुलिसकर्मी ने इससे सवाल किया कि गाली क्यों दे रहे हो! बाकी सब शांत है। यूपी पुलिस ऐसा अपमान सहेगी? या एक्शन लेगी?
अंग्रेजी लेखक और समाज शास्त्री मैल्कम फीली ने 1979 में एक किताब लिखी। इस किताब का शीर्षक था "द प्रोसेस इज़ द पनिशमेंट" यानी प्रक्रिया ही सज़ा है। अगर एक भारतीय नागरिक के तौर पर आपके अंदर रत्ती भर भी न्यायिक कलेजा है तो आप उन राजनीतिक बंदियों के बारे में ज़रूर सोचेंगे जो बीते पांच वर्ष से भी अधिक समय से जेल में बंद हैं। तब आपको "द प्रोसेस इज़ द पनिशमेंट" का ताजा उदाहरण देखने को मिलेगा।
ज़ोहरान ममदानी के पिता प्रो. महमूद हमदानी मुसलमान हैं. मां मीरा नायर हिन्दू हैं. लेकिन ईसाई बहुल शहर न्यूयॉर्क ने उन्हें अपना मेयर चुना.
उनके पिता और माता दोनों भारत में पैदा हुए और ख़ुद ज़ोहरान युगांडा में, लेकिन उन्हें बाहरी नहीं माना गया.
उनकी पत्नी सीरियन क्रिश्चियन हैं, लेकिन न्यूयॉर्क के ईसाइयों ने उनकी शादी को लव जिहाद नहीं बताया.
न्यूयॉर्क की उदार, सहिष्णु और लोकतंत्र प्रिय जनता को सौ बार सलाम!
ज़ोहरान का भारत से कितना गहरा रिश्ता है, यह जानते हुए भी न्यूयॉर्क में भारतीय और भारतीय मूल के बहुत से लोग उनके ख़िलाफ़ माहौल बना रहे थे. उनपर हज़ार लानत!
न्यूयॉर्क की जनता ने ज़ोहरान ममदानी को जिताकर ट्रंप से ज़्यादा इन नफ़रती चिन्टुओं के मुंह पर तमाचा मारा है.