चंद्रशेखर रावण को अनुमति ना मिलना भाजपा सर��ार की मिलीभगत है। सरकार को लगता है कि वो ये सब दिखा कर RHA वालों को यह दिखा देंगे कि देखो हमने इन्हें भी अनुमति नहीं दी। बिना अनुमति भी वो आएँगे, और हम चाहते हैं कि वो उसी रूप में आएँ जिसके लिए वो जाने जाते हैं।
मैं रावण का विरो��ी हूँ, मुझे वह व्यक्ति और नेता, दोनों ही स्थिति में, बिल्कुल भी पसंद नहीं, फिर भी प्रदर्शन उसका संवैधानिक अधिकार है। सरकार को हर प्रदर्शन को अनुमति देनी चाहिए, या दो-तिहाई बहुमत से 'प्रदर्शन के मौलिक अधिकार' को संविधान से हटा देना चाहिए।
सरकार संभवतः भूल गई है कि 8 मार्च को मुझे और अन्य लोगों को कई स्थानों पर अवैध रूप से हाउस अरेस्ट किया था। कुछ दिन बाद ही स्वामी प्रसाद मौर्य को प्रो-UGC प्रदर्शन ���ी अनुमति दी गई थी उसी जंतर मंतर पर। पटना में भी प्रो-UGC रैली की अनुमति दी गई थी।
इसलिए, यह पैंतरेबाज़ी बंद करो। चंद्रशेखर रावण को दल-बल के साथ प्रदर्शन की अनुमति मिलनी चाहिए। आपका ही पाला हुआ है, करने दीजिए ना! प्लीज़... पीलीज!
बेचारा चटुआ सेल! आधा दिन भी नाच न सका और ABVP ने अगले ही दिन IIT बॉम्बे के प्रोफेसर के मोदी एक्ट में फँसने पर हग दिया।
नियति देखो! हमने तो केवल UGC से आरंभ किया था, पर NEET, CBSE सब होता चला गया। मोदी एक्ट में भी अब संशोधन नहीं, इसको हटाना ही एकमात्र ���िकल्प होना चाहिए।
ये लोग अवसर मिलते ही देश बेच देंगे। ये सावरकर, विवेकानंद को बेसमेंट के कोने में रख कर अम्बेडकर-फुले पर नाच रहे हैं। इनका मंत्री युवाओं को ‘चैलेंज’ दे रहा है इनोवेट करने को।
चार पैसे के लिए ये भी कुछ दिन में दलित-दलित का बाजा बजाने लगेंगे। आरक्षण पर दर्शन लिख��े वाले पद पाते ही पलटी मार चुके हैं। ये शीघ्र ही अपने बिचला नाम फुले कर लेंगे। देखते जाइए।
While “cockroaches” are adding to the mess, the real Gen-Z are cleaning up! But I hope the local administrations and municipalities make sure these places remain clean!
It’s the least they can do! @PMOIndia@moefcc
You are spreading fake news and doing character assassination of a decorated Indian Air Force veteran Air Marshal Jeetendra Mishra, CEO of Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust.
You are doing this on behalf of Pak ISI.
Why haven’t you deleted the post and apologised to him yet ?
@ayodhya_police@RamJanmbumi
स्कूल की एक छोटी बच्ची ने अभिजीत दिपके को उनके “बोस्टन डिग्री” वाले दावे पर पूरी तरह फंसा दिया
बच्ची बहुत विनम्रता से पूछती है: “सर, मैं आपकी बहुत प्रशंसा करती हूं। मेरा सपना भी बोस्टन जाकर पढ़ाई करने का है, ठीक वैसे ही जैसे आपने की। थोड़ा गाइड कर दीजिए — आपने ठीक कौन सा कॉलेज किया था? आपका बैच कौन सा था? एडमिशन कै���े लिया था? कैंपस लाइफ कैसी थी?”
अभिजीत दिपके का जवाब सुनिए: “वहां का माहौल बहुत अलग है। आपको बहुत सारी किताबें पढ़नी पड़ती हैं और रिसर्च पर फोकस करना होता है।”
बच्ची फिर से सटीक सवाल करती है: “सर, मुझे आपके स्पेसिफिक बैच और एप्लिकेशन प्रोसेस के बारे में जानना था।”
इस पर द��पके और भी अस्पष्ट हो जाते हैं: “देखो, मैंने काफी पहले किया था। वहां के एडमिशन के नियम भी बदलते रहते हैं। तुम उनकी वेबसाइट देख लो, सारी जानकारी वहीं मिल जाएगी।”
पूरे वीडियो में साफ दिखता है कि वो सवाल से बच रहे हैं। न कॉलेज का नाम बता पाए, न बैच, न एडमिशन प्रोसेस, न कैंपस का कोई ठोस अनुभव। सिर्फ सामान्य बातें और वेबसाइट देखने की सलाह।
खुद की डिग्री के बारे में इतने साधारण सवालों पर पसीना छूट जाना और घुमा-फिराकर जवाब देना, यही नकली बौद्धिकता है।
एक स्कूल की बच्ची ने वो काम कर दिया जो बड़े-बड़े इंटरव्यूअर नहीं कर पाए।
अभिनव पांडे नामक भिखमंगा जब लल्लनटॉप से निकाला गया था लात मारकर
तो इसने अपना youtube चैनल बनाया
जिसके लिए ये भ���ख मांग रहा था फॉलोवर्स बढ़ाने के लिए
तब ब्राह्मणों ने बड़ा दिल दिखाकर इस खूब सपोर्ट किया
लेकिन ये तो गद्दार निकला
ब्राह्मणों को गाली देने वाली लड़की का समर्थन कर रहा
Yesterday, CJP Saurav Das & Ranka spread fake news about BJP spokesperson Gaurav Bhatia.
Today, CJP founder Abhijeet Dipke spread fake news about new CEO of the Ram Mandir Trust, Jitendra Mishra who is a retd IAF officer also.
CJP was against BJP but now they have become against Sanatan & even Indian Armed Forces 💔
दक्ष चौधरी भाई ने बिल्कुल सही बोला, जब निशु आज़ाद हिंदू नहीं है तो एससी/एसटी एक्ट कैसे लगा सकती है?
जबकि निशु आज़ाद ने ख़ुद बोला है वो हिंदू नहीं है, वो कन्वर्ट हो चुकी हैं!
Tere jaise brahmins pe sharam hai.
I have huge respects for dalit influencers who even after achieving so much fame and success never stop raising their voice for their community
Yaha general category mai tere jaise gawar bhare pade hai jinko intellectual dikhna hai
Easy, Saurav. Perhaps start with your own identity before offering lessons to the Republic. Governments are elected at the ballot box, not on the streets. The next general election will decide who governs this country and not street violence, intimidation, or the chaos you and your minions have orchestrated. Also Saurav, if you do plan to contest in the elections, just make sure you’ve sorted out the ‘father’s name’ column by then.
Blurred the faces so nobody could recognise that they were her neighbours, but forgot to blur the bread in their hands and caught red handed.
Gajab level ke fraud hain ye cartoons. And the worst part is, many people are actually believing this nonsense.
Low-IQ idiots. 🤦🏻♂️
अभिनव अरोड़ा को स्कूल भेजने की सलाह देने वाली लिबरल लॉबी निशु को पढ़ने-लिखने की सलाह क्यों नहीं दे रही? एक भी व्यक्ति ने कहा कि निशु बेटा यह एक्टिविज़्म अभी अपने बाप को करने दो, तुम स्कूल जाओ और पढ़ो-लिख��?
मैं इसको गाली दूँगा तो लोग बोलते है गाली मत दो ?
इस भड़वे दलाल को ये पता नहीं है के जय श्री राम राजनीतिक नारा नहीं है ।
त्रेता युग से जय श्री राम चलता आ रहा है ।
बीजेपी जब नहीं थी तब भी फ़��ल्में आई थी और जय श्री राम ही बोला जाता था ।
मेरे नाना जी राम लीला में सुग्रीव बनते थे और हज़ारों वर्षों से राम लीला है जय श्री राम ही बोला जाता है ।
पैसे के लिए पत्रकारिता के आड़ में चैनल चलाने के परेशानी यही के बैलेंस करना पड़ता है ।
जय श्री राम कभी भी राजनीतिक नारा नहीं था न है ।
जय भीम राजनीतिक नारा है इसका इतिहास अंबेडकर के बाद से शुरू होता है ।
Recent UP Police data shows Yadavs, an OBC community, were the largest group booked under SC/ST Act. So, on what basis OBC reservation justified?
So-called journalists need to study data before making lazy assumptions.
@SachdevaAmita@Nishuazad11 Great. Get her booked in as many cases as required by law. We will raise a fund, if need be. If the war has to be fought like this, we will fight it the way they want.
The Police has taken the Complaint in Nishu Azad and Sanjay Azad case but FIR has not been filed
Seems like Courts have to be approached to file the FIR
The government is playing it dirty by filing an FIR Against Swatantra Bhardwaj but refusing to do the same against Nishu Azad!