TSUNAMI AT THE BOXOFFICE – 'HANUMAN ANSH' ALL SET TO HIT CENTURY THIS WEEKEND... #HanumanAnsh is clearly not in the mood to slow down anytime soon... The film is competing with #Dhurandhar in Weekend 5... Unbelievable, but true!
Since its release, the film has braved the #Hollywood giant #SpiderMan, the #Hindi biggies #Batwara1947 and #Awarapan2, the PAN-Indian spectacle #Toxic, and now #MirzapurTheMovie, which has opened to a thunderous response.
Yet, #HanumanAnsh continues to go from strength to strength with each passing day... Expect bigger numbers on Saturday and Sunday.
⭐ #HanumanAnsh [Week 5] Fri 8.75 cr. Total: ₹ 78 cr.
Official Nett BOC | #India biz | #Boxoffice
Note: Numbers may increase/decrease *marginally*.
#WATCH | Delhi: Prime Minister Narendra Modi traveled by the Delhi Metro today as he headed to Shri Ram College of Commerce (SRCC) to participate in the college's centenary celebrations.
(Source: DD)
सुप्रीम कोर्ट का यह क्लिप धारा 370 पर सुनवाई के दौरान का है
आर्टिकल 370 पर सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ वकील राकेश द्विवेदी ने इतिहास का वो पन्ना पलट दिया कि सभी जज चुपचाप सुनते रह गए,
उन्होंने नेहरू का नाम तो नहीं लिया लेकिन नेहरू के नीचता और नेहरू की गद्दारी की पूरी कहानी सुप्रीम कोर्ट के खंडपीठ के सामने बयां कर दी वह भी तथ्यों के साथ
फिर भी कांग्रेसी चमचे कहेंगे नेहरू तो आधुनिक भारत के निर्माता थे
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील राकेश द्विवेदी अपनी दलील में कहते हैं, 'हम सच्चाई के बारे में बात नहीं करना चाहते हैं। सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर कौन था, औचिनलेक। भारत के तीनों जनरल ब्रिटिश थे। पाकिस्तान के तीनों जनरल ब्रिटिश थे। यह युद्ध (कश्मीर पर पाकिस्तान की तरफ से हमला) क्या था? चर्चिल ने ही तय किया था कि भारत का विभाजन होगा। यह जियो-पॉलिटिक्स का खेल था सब। यह युद्ध एक ब्रिटिश युद्ध था। उन्होंने दोनों तरफ से इसकी तैयारी की थी। हमलावर कहां से आए थे? उत्तर पश्चिम सीमांत प्रांत (NWFP) से। दो कार्यकालों के बाद मिस्टर कनिंघम, जो उत्तर पश्चिम सीमांत प्रांत के गवर्नर रह चुके थे, उन्हें जुलाई में वापस बुलाया गया। चुनाव से ठीक पहले।'
द्विवेदी ने उस वक्त की परिस्थियों को बताते हुए आगे कहा, 'हमलावरों को प्रशिक्षित किया गया, सेना के हथियारों के साथ ट्रकों पर भेजा गया। पाकिस्तान की सेना भारत से अभी-अभी अलग हुई थी। और सबसे बड़ा, सबसे स्पष्ट उदाहरण है, कौन लड़ रहा था? आज पीओके क्या है? पीओके का दो-तिहाई हिस्सा गिलगित-बााल्टिस्तान है। और वहां किसने युद्ध लड़ा? हमलावरों ने नहीं। यह मेजर ब्राउन था। वहां का एजेंट कौन था? उन्हें कनिंघम ने ठीक उसी जुलाई में दोबारा पोस्ट किया था। उन्होंने महाराजा (हरि सिंह) के सभी फोर्सेज को मार डाला। अंसार अहमद वहां तैनात थे और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। और उन्होंने चार दिनों में पाकिस्तान का झंडा लहराया और उन्होंने इसे कनिंघम को सौंप दिया। उन्होंने पाकिस्तान की सेना आलम के पास भेजी और उन्होंने गिलगित-बल्तिस्तान पर कब्जा कर लिया। पाकिस्तान के साथ युद्ध कहाँ है? यह ब्रिटिश है। लेकिन अगर हम इन सब से आंखें मूंद लेते हैं।'
वो कहते हैं, 'भला ये हमलावरों का युद्ध है? हमलावर अपने आप श्रीनगर तक नहीं आ सकते थे। युद्ध लगभग कारादु और कारगिल से लेकर लेह के करीब तक पहुंच गया था। तो यह एक अलग तरह का युद्ध था, लेकिन कोई नहीं कह सकता था क्योंकि माउंटबेटन वहां गवर्नर जनरल के रूप में थे। पता नहीं हमारे नेताओं ने ऐसा क्यों किया? जिन्ना ने तो साफ कहा, मैं किसी भी ब्रिटिश गवर्नर-जनरल को स्वीकार नहीं करूंगा। लेकिन हमारे यहां कहा गया, नहीं, हमें गवर्नर जनरल स्वीकार हैं। तो यह युद्ध क्या है? यही नहीं, जब युद्ध शुरू हुआ, तो उन्होंने (नेहरू सरकार ने) एक डिफेंस कमिटी का गठन किया और माउंटबेटन को इसका अध्यक्ष बनाया दिया। तो यह एक गजब की स्थिति है, लेकिन माउंटबेटन डिफेंस कमिटी के अध्यक्ष हैं।'
वरिष्ठ वकील आगे कहते हैं, 'ऑचिनलेक सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर हैं। सभी जनरल ब्रिटिश हैं और एक ब्रिटिशर विद्रोह कर रहा है और जब वह इंग्लैंड लौटता है तो उसे ब्रिटिश साम्राज्य का पदक दिया जाता है। तो यह युद्ध की स्थिति नहीं है। इसलिए जब आप संविधान और 370 को पढ़ते हैं, तो कृपया इन बातों को ध्यान में रखें कि हमारे नेता किन परिस्थितियों में आगे बढ़ रहे थे। हमारी हमलावरों को पीछे धकेलने और अपनी जमीन वापस पाने की चाहत ही नहीं थी। उन्होंने एक समय पर जानबूझकर युद्ध को रोक दिया और संयुक्त राष्ट्र चले गए क्योंकि अगर हम मीरपुर तक और पीछे चले गए होते तो वह गिलगित-बल्तिस्तान से कनेक्शन टूट जाता।'
राकेश द्विवेदी ने अपनी बहस जारी रखते हुए कहा, 'ये सभी सच्चे तथ्य हैं। कोई भी इसे नकार नहीं सकता। और संयुक्त राष्ट्र क्या था? वही शक्ति जो जियो पॉलिटिक्स की वजह से भारत का विभाजन करना चाहती थी, अमेरिका और ब्रिटेन, उन्हें मध्यस्थ बनाया गया था। सौभाग्य से, पाकिस्तान ने पीओके खाली करने से इनकार कर दिया। इसलिए वह प्रस्ताव खत्म हो गया है। संयुक्त राष्ट्र के बारे में बात करने की कोई जरूरत नहीं है, लेकिन उस समय 370 के निर्माण में स्थिति की गंभीरता को देखें।'
#TeachersDay is about appreciating the strong contribution of teachers to our society. It is also a day to pay homage to Dr. S. Radhakrishnan.
Here is what happened when the National Teachers' Awards winners were invited to 7, LKM yesterday….
Not a single Pakistani channel is showing the steady stream of coffins containing dead soldiers flowing out of Balochistan, including the Ziarat Cross attack.
मथुरा श्री कृष्ण जन्मभूमि के पक्षकार मनीष यादव ने अखिलेश यादव को 2 साल पहले चिट्ठी लिखा था... कहा था आप हमारा समर्थन करें आप मथुरा क्यों नहीं आते?
अखिलेश यादव न कभी श्री कृष्ण मंदिर गये, ना ही मनीष यादव के पत्र का उत्तर दिया?
पश्चिम बंगाल सरकार का ऐतिहासिक फैसला।
पद्म भूषण मिथुन चक्रवर्ती को राज्य का सांस्कृतिक सलाहकार नियुक्त किया गया।
जब लोग बीजेपी का मज़ाक उड़ाते थे, तब मिथुन दा और विश्वजीत चटर्जी ने खुलकर साथ दिया था।
लड़के का नाम --अरमान मलिक
सनातनी बहन रिद्धिमा शर्मा की मोदी जी के साथ अश्लील फोटो बनाई
मीडिया मे दिखाया , लेकिन कोई FIR नहीं होगी
जबकि @zoo_bear ने स्वतंत्र भारद्वाज की AI फोटो पर कारवाई की मांग तुरंत कर दी
@DelhiPolice कारवाई होगी क्या ?🤔
अभी कुछ दिन पहले जंतर मंतर पर मोदी जी की 13वीं का समोसा बांटने वाली निशु आजाद का बाप जब कह रहा था कि अगर पुलिस नहीं आती तो मैं तुझे यानी स्वतंत्र भारद्वाज को पीट-पीट कर मार देता
और खुद वह कह रहा था कि तू देख ले कि वहां मेरे साथ आए लोगों ने तेरी क्या हालत कर देती और अगर 1 मिनट और पुलिस नहीं आती तो तू जिंदा नहीं बचता
तब निशु आजाद के पिता पर के इस बयान पर किसी ने कोई हंगामा नहीं किया
वही स्वतंत्र भारद्वाज जो एक बड़बोला शेखी बघारने वाला लड़का एक पॉडकास्ट में शेखी बघारने लगा तब राहुल गांधी से लेकर पूरा विपक्ष उसके बाद बोलेपन को मुद्दा बना लिए
जबकि वीडियो में साफ दिख रहा है की निशु का पिता स्वतंत्र भारद्वाज का मोब लिंचिंग करने पर तुले हुए थे
Jhooth Ki Goonj is getting BIGGER. Much bigger. 👀
We fact-checked the present.
Now, we’re opening the archives.
The past is about to catch up. 🔥
Stay tuned. ⏳
बाबा बागेश्वर पश्चिम बंगाल पहुंचे।
एक समय ममता बनर्जी ने उन्हें बंगाल आने की अनुमति नहीं दी थी।
तब बाबा ने कहा था — जब तक दीदी हैं, हम नहीं आएंगे। जिस दिन दादा सत्ता में आएंगे, उसी दिन आएंगे।
और आज मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने बाबा से आशीर्वाद लिया।
कर्म का चक्र पूरा हुआ। 🚩 अकड़ ठिकाने आ गई @MamataOfficial जी?