काशी में नया इंटरनेशन क्रिकेट स्टेडियम
चंद्रमा के आकार का स्टेडियम, त्रिशूल की तरह लाइट्स और डमरू की तरह कंमेट्री बॉक्स
ज़ाहिर है, कुछ लोगों को ये अखरेगा, पर अब जो है, सो है
शिव शंभू 🔱
पूरा देश एक बार फिर राहुल गांधी की उस सस्ती और ध्यान भटकाने वाली राजनीति का गवाह बन रहा है, जिसका प्रदर्शन उन्होंने आज संसद मार्ग थाने के बाहर किया। यह सबने देखा है। राहुल गांधी का आज का यह धरना न तो छात्रों के लिए है और न ही न्याय के लिए। यह कांग्रेस पार्टी की राजनीतिक हताशा और राहुल गांधी की फुटेज पाने की बेचैनी का प्रतीक है।
पूरा देश जानता है कि 20 जुलाई की घटना को लेकर सर्वोच्च न्यायालय पहले ही संज्ञान ले चुका है और एक पूर्व जज की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय उच्च-स्तरीय समिति का गठन भी किया गया है।
जब देश की सबसे बड़ी अदालत इस मामले की जांच कर रही है, तो आज थाने के बाहर कैमरों के सामने बैठकर राहुल गांधी क्या साबित करना चाहते हैं? क्या नेता प्रतिपक्ष को देश की न्यायपालिका पर विश्वास नहीं है?
- श्री @JPNadda
कल कांग्रेस पार्टी की कार्यसमिति ने एक आश्चर्यजनक और देशविरोधी फैसला लिया है। उन्होंने अपनी पार्टी के 1937 के Resolution को फॉलो करते हुए महान वंदे मातरम् गीत के दो ही छंद गाने का फैसला लिया है।
मैं पूरे देश को याद दिलाना चाहता हूं, 1937 में कांग्रेस पार्टी ने मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए वंदे मातरम् के दो टुकड़े कर देश के विभाजन की नींव डाली थी और वहीं से द्वि-राष्ट्र सिद्धांत को ताकत मिली थी। अंततोगत्वा देश का विभाजन हुआ और पाकिस्तान का जन्म हुआ।
आज जब उस ऐतिहासिक गलती को वंदे मातरम् गीत के प्राकट्य के 150वें साल में सुधार कर बंकिम बाबू की इस अमर कृति को पूरा गीत गाकर राष्ट्रीय एकात्मता को सुदृढ़ करने का प्रयास किया गया है, और सभी सरकारी कार्यक्रमों में इसे पूर्ण रूप से गाने का निर्णय किया गया है और इस निर्णय को कानूनी जामा भी पहनाया गया है।
इसी की अवहेलना करने का निर्णय कांग्रेस ने कल किया है। कांग्रेस का यह निर्णय केवल और केवल इनकी घोर तुष्टिकरण की नीति की पुष्टि करता है। वोट बैंक के लिए इन्होंने न सिर्फ बंकिम बाबू की इस अमर कृति का अपमान किया, बल्कि उन लाखों शहीदों का भी अपमान किया, जो वंदे मातरम् का नारा लगाते हुए देश की आजादी के लिए फांसी पर चढ़ गए।
आज कांग्रेस पार्टी 1937 के अपनी पार्टी के Resolution को मान रही है और पार्लियामेंट के एक्ट को नकार रही है। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी फिर एक बार तुष्टिकरण की राजनीति को पुरजोर तरीके से आगे बढ़ा रही है।
- श्री @AmitShah
राहुल गांधी संसद में और देश के नरेटिव में हर दिन अपना गोलपोस्ट चेंज कर रहे हैं। उनका उद्देश्य संवाद करना नहीं है, बल्कि अराजकता फैलाना है। उनका कोई भी इरादा हाउस को न चलने देने का है, वह नहीं चाहते कि हाउस चले। और इसलिए पिछले 15 दिनों से वो हाउस को, सदन को बाधित कर रहे हैं।
राहुल गांधी चर्चा से मत भागना, सदन के अंदर हम हर विषय पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं और आपको मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
उनको झारखंड में छात्रों की आवाज सुनाई नहीं दे रही है क्या? डबल स्टैंडर्ड राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी अपनाती है, उनका कोई इरादा नहीं है सदन ठीक ढंग से चले। इसमें अराजकता पैदा करना, नकारात्मक राजनीति लाना, गैर-जिम्मेदाराना विपक्ष की भूमिका निभाना, यही वो करते रहे हैं।
#राहुल_भागना_नहीं
आज राज्य सभा में सार्वजनिक परीक्षा अनुचित साधन रोकथाम अधिनियम पर मेरा पूर्ण वक्तव्य।
My Full Speech in Rajya Sabha today on Public Exam unfair means prevention Bill today.
https://t.co/2q86Y5qa4y
संभु मंत्र मोहि द्विजबर दीन्हा। सुभ उपदेस बिबिधि बिधि कीन्हा॥
जपउँ मंत्र सिव मंदिर जाई। हृदयँ दंभ अहमिति अधिकाई॥
श्रीरामचरित मानस उत्तरकांड
जय श्री राम जय श्री सियाराम🙏🙏
आपका दिन शुभ एवं मंगलमय हो