वन विभाग की तानाशाही अब बर्दाश्त नहीं होगी! आदिवासी समाज को उनके हक और जमीन से बेदखल करना घोर अन्याय है।
प्रकृति के असली रक्षक को ही प्रताड़ित किया जा रहा है।
@PMOIndia@AmitShah@RajCMO@moefcc
कृपया तुरंत हस्तक्षेप कर पीड़ित को न्याय दिलाएं। ✊🌿
#लक्ष्मण_खराडीं_को_न्याय_दो
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यह कौन व्यक्ति है जो दिशा बैठक में दो सांसदों के बीच हुई बहस को
जानबूझकर “नक्सलवाद” जैसे शब्दों से जोड़कर
पूरे क्षेत्र के आदिवासी समाज की गरिमा को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है?
आदिवासियों के लोकतांत्रिक सवाल,
योजनाओं की समीक्षा और जनहित की बहस को
उग्रवाद से जोड़ना न सिर्फ़ घटिया सोच है,
बल्कि आदिवासी समाज को अपराधी ठहराने की
खतरनाक मानसिकता को उजागर करता है।
दिशा बैठक कोई साज़िश नहीं,
संविधान के तहत चलने वाली
लोकतांत्रिक प्रक्रिया है।
जो लोग आदिवासियों की आवाज़ से डरकर
ऐसे शब्दों का सहारा ले रहे हैं,
उन पर कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई होनी ही चाहिए।
@roat_mla@mla_umesh_aspur
उदयपुर की जनता ने किस नमूने को दिल्ली भेज दिया है?
उससे ये नहीं पता है की कैसे एक विधायक प्रतिनिधि से बात की जाती है?
आप देखे वीडियो में कैसे भईया भईया चिल्ला रहा है?
#आदिवासी_विरौधी_मन्नालाल
प्राकृतिक आजादी पसंद आदिवासी आज भीलप्रदेश राज्य गठन की मांग को लेकर चार राज्यों में ज्ञापन दे रहे हैं, आदिवासियों की सामाजिक सांस्कृतिक आजादी मूल्यवान है!!
#हमारी_मांग_भीलप्रदेश
भीलप्रदेश की माँग आजादी के पहले से ही उठती आई है, क्योंकि यहाँ के लोगों की संस्कृति, भाषा, बोली और रीति रिवाज दूसरे प्रदेशों से अलग है और आदिवासी संस्कृति और सभ्यता को बचाने और उसके सरंक्षण के लिए जरूरी है। #हमारी_मांग_भीलप्रदेश🌾🏹
मध्यप्रदेश की डबल इंजन सरकार में आदिवासियों पर अत्याचार चरम सीमा पर हैं।
यह दृश्य देवास जिले के खिवनी खातेगाँव का है, जहां 40 साल से अपना घर और खेती बाड़ी करके जीवन यापन करने वाले आदिवासी परिवार के घरों व बाड़े को भारी बारिश में बोल्डोजर चला के 40 मिनट में तहस नहस कर दिया।
देश में घने जंगलों की लाखों हेक्टर जमीन जो आये दिन बड़े-बड़े उद्योगपतियों को तो दी जा रही है, लेकिन जिस जंगल को अपने देवता के रूप में पूजने वाले आदिवासी जो बरसों से बसा हुआ है, उसको कागजी हक देने में सरकार को क्या परेशानी है ?
क्या इस तरह की कार्यवाही से @DrMohanYadav51 की सरकार आदिवासी विरोधी प्रतीत होती है ?