SBI बैंक में खुले पैसे जमा करने पहुंचे ग्राहक को कर्मचारी ने मना कर दिया! इसके बाद बैंक कर्मचारी और ग्राहक के बीच तीखी बहस हो गई। आखिर बैंक में खुले पैसे जमा करने को लेकर क्या हैं नियम?
राष्ट्रसेवा हेच जीवनव्रत....
समाजसेवा हेच कर्तव्य....
आणि भारतमातेला परमवैभवापर्यंत पोहोचवणे हेच अंतिम ध्येय!
या भावनेतून आपले संपूर्ण जीवन राष्ट्रासाठी समर्पित करणाऱ्या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ परिवारातील प्रत्येकाला संघ स्थापना दिनानिमित्त हार्दिक शुभेच्छा !
संघ शक्ती कलौ युगे 🚩
#RSS #RSSFoundationDay #RashtraSeva #NationFirst
न पद का लोभ, न नाम की चाह…
सीने में तिरंगा, हाथों में भगवा और सिर्फ राष्ट्र-आराधना की राह! 🚩
1925 से माँ भारती के चरणों में समर्पित अखंड साधना। विश्व के सबसे बड़े सांस्कृतिक व अनुशासित संगठन @RSSorg के स्थापना दिवस पर सभी कर्मठ स्वयंसेवकों को हार्दिक नमन। 🇮🇳
तन समर्पित, मन समर्पित और यह जीवन समर्पित!
#RSSFoundationDay #RSS #विजयादशमी
Ever wondered how Yogi Adityanath ji became the UP CM?
Yogi ji reveals he was never in the race for CM and how Amit Shah ji played a pivotal role in this historic decision.
Very fascinating to listen to.
#YogiAdityanath
मी आजपासून सकाळ वर्तमानपत्र घेणार नाही, अन् माझ्या ओळखीतल्या लोकांना पण सांगणार, घेऊ नका सकाळ वर्तमानपत्र म्हणून.
@SakalMediaNews तुमचा अधिकार आहे गरब्या च्या बातमीसाठी कोणता फोटो वापरायचा.
आमचा अधिकार आहे कोणता न्यूजपेपर वाचायचा..
धन्यवाद🙏🙏
And here we thought they were honest!
These so-called independent journalists were ready to work for the Samajwadi Party for just one reel. So much for their “independence”!
This one is going to be
ONE EPIC CONVERSATION ❤🔥
@annamalai_k Garu, @jsaideepak Garu, @TheDeverakonda Garu & @Rahul_Sankrityn Garu come together for a powerful conversation about India, our history and #Ranabaali.
Don't miss it! The FULL CONVERSATION drops TODAY at 4:05 PM 🔥
#Ranabaali GRAND RELEASE WORLDWIDE ON 16.10.26.
#NeverForget #RanabaaliOnOct16th
साधारण लोगों की मुहब्बत असाधारण होती है....
साधारण लोगों की मुहब्बत इसलिए असाधारण होती है क्योंकि उसमें दिखावे के बजाय निस्वार्थ समर्पण, छोटा-छोटा साथ और गहरा विश्वास होता है....
Sanjay Raut is getting factchecked by newly appointed WB Police constable.
The video posted by Sanjay Raut is from West Bengal but he says it is from Delhi.
विदिशा के गर्ल्स कॉलेज में आज कुछ ऐसा हुआ जो पूरे सिस्टम को आईना दिखा गया।
मंच से प्रिंसिपल मैडम बी.डी. अहिरवार छात्राओं को ज्ञान दे रही थीं -
"बेटा मुगल-ए-आज़म देखो, उमराव जान देखो, यही हमारा समाज है, इनसे प्रेरणा लो।"
तभी भीड़ में से एक पूर्व छात्रा महिमा दुबे उठी, माइक हाथ में लिया और एक ही लाइन में पूरी कहानी पलट दी -
"मैडम, आक्रमणकारियों की कहानियों से नहीं, रानी लक्ष्मीबाई, महाराणा प्रताप, पृथ्वीराज चौहान और छत्रपति शिवाजी महाराज की शौर्यगाथाओं से प्रेरणा मिलती है। हमें मुजरा नहीं, शस्त्र उठाना सिखाइए!"
पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा।
यही है आज की Gen Z!
जिस पीढ़ी को बचपन से बताया गया कि तुम्हारा इतिहास पिछड़ा है, तुम्हारी संस्कृति में कुछ नहीं है, अंग्रेज और मुगल महान थे...
आज वही पीढ़ी सवाल पूछ रही है।
उन्हें अब हीनभावना नहीं चाहिए, उन्हें गौरव चाहिए।
उन्हें काल्पनिक प्रेम कहानियां नहीं, अपने वीरों का रक्त-रंजित इतिहास चाहिए।
लंबे समय तक हमारे पाठ्यक्रम में, फिल्मों में, मंचों से हमें दूसरों का महिमामंडन परोसा गया। लेकिन अब नई पीढ़ी ने किताबों के बाहर झांकना सीख लिया है।
ये बदलाव सिर्फ एक कॉलेज का नहीं, पूरे भारत की सोच का बदलाव है।
जब एक छात्रा बोलती है, तो समझ लो आने वाली पूरी पीढ़ी बोल रही है।
महिमा दुबे जैसी बेटियों को प्रणाम है।