@SrBachchan तेरा कोई साथ ना दे तो तू खुद से प्रीत जोड़ ले
बिछौना धरती को करके अरे आकाश ओढ़ ले
यहाँ पूरा खेल अभी जीवन का तूने कहाँ है खेला
चल अकेला चल अकेला चल अकेला
तेरा मेला पीछे छूटा राही चल अकेला
।रामराम।
तेरा कोई साथ ना दे तो तू खुद से प्रीत जोड़ ले
बिछौना धरती को करके अरे आकाश ओढ़ ले
यहाँ पूरा खेल अभी जीवन का तूने कहाँ है खेला
चल अकेला चल अकेला चल अकेला
तेरा मेला पीछे छूटा राही चल अकेला
।रामराम।
रिश्ता दिल से दिल के ऐतबार का
ज़िन्दा है हमीं से नाम प्यार का
के मर के भी किसी को याद आयेंगे
किसी के आँसुओं में मुस्कुरायेंगे
कहेगा फूल हर कली से बार बार
जीना इसी का नाम है
।रामराम।
माना अपनी जेब से फ़कीर हैं
फिर भी यारों दिल के हम अमीर हैं
मिटे जो प्यार के लिये वो ज़िन्दगी
जले बहार के लिये वो ज़िन्दगी
किसी को हो न हो हमें तो ऐतबार
जीना इसी का नाम है…
।रामराम ।