ये हमारे ही बच्चे हैं। ये संसद उन्हीं की है, किसी की जागीर नहीं है। पेपर लीक की समस्या पर संसद में चर्चा होनी चाहिए। बच्चों पर लाठी क्यों चला रहे हो? बच्चे हैं हमारे।
- प्रियंका गांधी
मेरा स्टैंड ये है 👇
• धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही चाहिए
• मोदी प्रधानमंत्री के रूप में सबसे खराब है
• युवाओं पर लाठी चलवाना कतई गलत है
• युवाओं की मांग जायज है
• CJP को BJP ने ही खड़ा किया है, विपक्ष को कमजोर दिखाने के लिए, इनके झांसे में ना आएं
संतोष मिश्रा अपनी ज़िंदगी तो मौज से जी लिए और अब युवाओं के मत्थे भाजपा को मढ़ रहे हैं।
सोनम जी के मरने की कामना कर रहे हैं!
ऐसे सठियाए हुए सनकियों की पूरी फ़ौज भाजपा ने व्हाट्सएप से तैयार की है।
ये व्हाट्सएप गैंग देश विरोधी है!
आचार्य पुलक सागर जी महाराज की बात देश को सुननी चाहिए।
गौमाता के नाम पर सत्ता में आने वाले विदेश जाकर "गौमांस पर गर्व" कर रहे हैं.. शर्मनाक!
"अगर बूढ़ी गाय को जिंदा रहने का अधिकार नहीं है, तो किसी बूढ़े को प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति बनने का भी अधिकार नहीं है। सत्ता ने करोड़ों भारतीयों की भावनाओं के साथ विश्वासघात किया है।"
अभी शाम को 06:45 बजे दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी जनआंदोलन में शामिल होने जा रहा हूं।
जनता की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता। लोकतंत्र में शांतिपूर्ण आंदोलन प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और जनहित के मुद्दों पर संघर्ष कर रहे लोगों के साथ खड़ा होना हम सभी का दायित्व है।
दोनों इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन बोल मौजूद हैं!
वे कैसे दिन थे जब अनशन के मुद्दे पर प्रधानमंत्री को विपक्ष के नेता संसद में इस तरह सुना देते थे और वे गंभीरता से सुनते थे!
पुरी का था तीर घुसा गडकरी के अन्दर, पेट्रोल पम्पों ने खोजा आपदा में अवसर. E-20 पेट्रोल की शिकायतों की आड़ में, कुछ पम्प वाले मनमर्जी से मिलावट कर पेट्रोल बेच रहे हैं. उनका मुनाफा और गाड़ियों में गड़बड़ियां दोनों इससे बढ़ी हैं. मिलावटखोरों पर अभी तक किसी की नज़र नहीं गई है और आम जनता ठगी जा रही है.
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“राजनीति और मानवीय संवेदना दो अलग अलग चीज़ें हैं। यूं तो राजनीति को मानवीय संवेदनाओं से भरा होना चाहिए लेकिन आज की तारीख़ में राजनीति में मानवीय संवेदना की उम्मीद रखना बेमानी ही नहीं... मूर्खता भी है।”
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