मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी,क्या आपके संज्ञान में है कि बिना पुलिस कप्तान वाले जिले नागौर में ,पोक्सो से जुड़े एक गंभीर मामले में मुकदमा दर्ज करने के स्थान पर @NagaurPolice द्वारा पीड़ित पक्ष पर ही राजीनामे करने का दबाव बनाया जा रहा है ,नागौर शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक चार वर्ष के मासूम बच्चे के साथ पोक्सो से जुड़ा प्रकरण हो जाने की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से संज्ञान में आई,यह मामला कल का बताया जा रहा है और कोतवाल सहित अन्य पुलिस अधिकारी कल से इस मामले को दबाने में लगे हुए है तथा प्रकरण में पुलिस द्वारा पीड़ित पक्ष पर राजीनामा करने का भी दबाव बनाया जा रहा है व मुकदमा दर्ज करने में भी आनाकानी की जा रही है |
आरोपी के खिलाफ कार्यवाही करने के स्थान पर ,आरोपी से सांठगांठ कर पीड़ित पक्ष पर राजीनामे का दबाव बनाने वाली नागौर पुलिस के जिम्मेदारों पर सरकार क्या एक्शन लेगी ?
@RajCMO
नागौर के सरकारी अस्पताल में कथित लापरवाही से खींवसर क्षेत्र की एक दलित प्रसूता की मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था, पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर आंदोलन हुआ और आंदोलन के बार प्रशासन के साथ समझौता भी हुआ, लेकिन समझौते के बाद आंदोलन में शामिल राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के कार्यकर्ताओं पर पुलिस द्वारा मुकदमे दर्ज करना BJP सरकार की नियत और नीति पर कई सवाल खड़े करता है | मैं राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp से पूछना चाहता हूं कि अगर न्याय की आवाज़ उठाने वालों पर ही कार्रवाई होगी, तो फिर आम आदमी अपनी पीड़ा किसके सामने रखेगा? क्या यही लोकतंत्र है कि पहले समझौता और फिर सत्ता के इशारे पर मुकदमे ?
@RajGovOfficial और पुलिस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उनका उद्देश्य न्याय दिलाना है या न्याय मांगने वालों को मुकदमों के नाम पर परेशान करना ?
एक तरफ सरकार दलितों के संरक्षण की बात करती है दूसरी तरफ एक दलित महिला जिसने एक नवजात को जन्म देते हुए सिस्टम की लापरवाही के कारण दम तोड़ दिया,उसके परिजनों को न्याय दिलवाने के लिए आवाज उठाने वाले लोगों पर ही मुकदमा दर्ज कर लिया जाता है जो पूर्ण रूप से अनुचित व संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ है |
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी परिवार के सदस्य ऐसे मुकदमों से डरने वाले नहीं है और प्रदेश में जहां भी अन्याय होगा ,वहां हम अन्याय के खिलाफ मजबूती से लड़ेंगे |
सरकार के ऐसे हथकंडों का जनता समय आने पर करारा जवाब देगी |
@RajCMO@RLPINDIAorg
भारतीय जनता पार्टी की सरकार में एक बार फिर पेपर लीक से जुड़ा मामला सामने आया है,महाराष्ट्र में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) का प्रश्नपत्र परीक्षा से करीब 24 घंटे पहले लीक हो गया और लाखों अभ्यर्थियों की परीक्षा स्थगित करनी पड़ी। भाजपा सरकार युवाओं को रोजगार और पारदर्शिता का भरोसा देती है, लेकिन हकीकत यह है कि बार-बार पेपर लीक की घटनाएं युवाओं की मेहनत, समय और भविष्य पर सवाल खड़े कर रही हैं।
आखिर कब तक अभ्यर्थी अपनी तैयारी की कीमत व्यवस्था की लापरवाही से चुकाते रहेंगे ?
मैं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से पूछना चाहता हूं कि क्या यही डबल इंजन सरकार का नया मॉडल है कि पहले पेपर लीक, फिर परीक्षा स्थगित |
@narendramodi@Dev_Fadnavis
पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय राजधानी जयपुर में शासन सचिवालय के निकट स्थित योजना भवन के बेसमेंट से 2.31 करोड़ रुपये नकद और लगभग 1 किलो सोना बरामद हुआ, इसके बाद जांच हुई, ACB ने DOIT के एक अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया और ED ने भी इस मामले में अलग प्रकरण दर्ज किया,विपक्ष में रहते हुए BJP ने इस मामले को मुद्दा बनाते हुए कई लोगों पर गंभीर आरोप लगाये मगर सत्ता में आते ही BJP इस मुद्दे पर मौन हो गई |
मैं राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp
से पूछना चाहता हूं कि विपक्ष में रहते हुए भाजपा ने इस मामले को भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा प्रतीक बताया था मगर सत्ता में आने के बाद आपकी सरकार इस मामले को लेकर खामोश क्यों है ?
प्रदेश की जनता सरकार से यह जानना चाहती है कि -
इस नकदी और सोने का असली मालिक कौन था ?
इसके पीछे कौन-कौन लोग थे ?
जांच आखिर किस निष्कर्ष तक पहुंची ?
भाजपा सरकार बनने के बाद इस मामले पर सन्नाटा क्यों छा गया ?
भाजपा सरकार ने आखिरकार किन लोगों को बचाने के लिए इस मामले में चुपी साध ली ?
@dir_ed@RajCMO
इस बच्ची का आखिर क्या कसूर था ? क्या सिर्फ इतना कि उस वक्त सड़क पर मुख्यमंत्री का काफिला निकल रहा था ?
#राजस्थान_में_आपातकाल भजनलाल शर्मा जी @BhajanlalBjp आपकी VIP व्यवस्था ने इस मासूम की पूरी जिंदगी झुलसा दी, लेकिन आपसे एक फोन तक नहीं हुआ, हालचाल तक नहीं पूछा गया।
जिस बच्ची का आधा शरीर जल गया, जिसकी जिंदगी दर्द और जख्मों में बदल गई, उसका हर्जाना कौन देगा ? उसके टूटे सपनों का हिसाब कौन देगा ? मुख्यमंत्री जी, कुर्सी का अहंकार इतना भी नहीं होना चाहिए कि एक बेटी की चीख भी सत्ता के कानों तक न पहुँचे।
यह सिर्फ लापरवाही नहीं, यह संवेदनहीन शासन का क्रूर चेहरा है। दोषियों पर कार्रवाई हो, पीड़िता का पूरा इलाज सरकार करवाए और मुख्यमंत्री खुद सामने आकर जवाब दें आख़िर इस बच्ची की बर्बाद हुई जिंदगी का जिम्मेदार कौन है ?
उबलते पानी से झुलसी बेटी की चीखें आज भी सवाल करती हैं,
क्या बेटियों की सुरक्षा सिर्फ भाषणों और वादों तक सीमित रहती है?
दर्द में डूबी पीड़िता न्याय की राह तक रही है,
सरकार बताए—लापरवाही की कीमत आखिर कौन भरेगा?
@hanumanbeniwal@shekharcanada@satta_privartan@manphoolsaran7
@hanumanbeniwal बेटी दर्द से कराहती रही, व्यवस्था तमाशा देखती रही,
संवेदनाओं की बातें करने वाली सरकार खामोश बैठी रही।
न्याय में देरी भी अन्याय है, यह बात याद रखिए,
पीड़िता को इंसाफ मिले, यही जनता की मांग रही।
मैंने पूर्व में भी कहा था और आज पुनः दोहरा रहा हूँ कि यदि राजस्थान के मुख्यमंत्री का काफिला निकलने के कारण किसी आमजन का ठेला पलट जाए और एक बेटी खौलते पानी से गंभीर रूप से झुलस जाए, तो यह किसी भी संवेदनशील शासन के लिए गंभीर चिंतन का विषय होना चाहिए। दुर्भाग्यवश, मुख्यमंत्री स्वयं इस मामले में संवेदनहीन दिखाई दे रहे है। चूँकि यह मामला मुख्यमंत्री के काफिले से जुड़ा है, ऐसे में यदि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा में थोड़ी भी नैतिक संवेदनशीलता होती, तो वे गंभीर रूप से झुलसी उस बेटी की सुध लेते तथा उसके समुचित उपचार की व्यवस्था करवाते। किंतु सत्ता के अहंकार में डूबी सरकार को मानवीय मूल्यों और संवेदनाओं का शायद एहसास ही नहीं है।
जाँच के नाम पर मात्र खानापूर्ति कर मामले को दबाने का प्रयास करने के बजाय दोषी पुलिस अधिकारियों एवं कार्मिकों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए थी तथा पीड़ित बेटी के उपचार स्वयं मुख्यमंत्री को करवाना चाहिए था किंतु जिनकी सोच और कार्यशैली में ही संवेदनहीनता व्याप्त हो, उनसे पीड़ितों के दर्द और जनता की भावनाओं को समझने की अपेक्षा करना कठिन प्रतीत होता है।
@BhajanlalBjp@RajCMO
अलवर में 5 वर्षीय मासूम बालिका के साथ हुई दरिंदगी बेहद शर्मनाक और मानवता को झकझोर देने वाली घटना है।
ऐसी घटनाएं कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती हैं।
राजस्थान में बढ़ते अपराधों यह स्पष्ट हो रहा है कि सरकार और कानून का कोई डर अपराधियों में नहीं रहा और प्रदेश की लच्चर कानून व्यवस्था के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं |
राज्य सरकार तत्काल अपराधी को तुरंत गिरफ्तार करें और फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर अपराधी को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाने के दिशा निर्देश जारी करें और पीड़ित बालिका को उचित चिकित्सा सहायता और हर संभव सुरक्षा प्रदान की जाए।
मैंने पूर्व में यह मांग कई बार उठाई और फिर से सरकार के समक्ष यह मांग कर रहा हु कि मासूमों के साथ दरिदंगी करने वाले अपराधियों को सरे आम फांसी देने का कानून देश में बनाना अत्यंत आवश्यक है |
@PMOIndia@RajCMO@PoliceRajasthan@AlwarPolice
भाजपा IT सेल को निर्देश मिला है कि हनुमान सेना को रोकना है इसलिए अडानी जी वाले हैशटैग पर पोस्ट करनी है....
अब हनुमान सेना का मुकाबला विश्व की सबसे बड़ी IT सेल + एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति से है #राजस्थान_में_आपातकाल