एक उम्र के बाद दोस्त कम होते जाएंगे,
पसंद आने वाले लोग कम होते जाएंगे,
तमाम ख़्वाहिशें ख़त्म हो जाएंगी,
जिस्म से ज़्यादा दिमाग थकने लगेगा,
तनहाई अच्छी लगने लगेगी—बस यही ज़िंदगी है।
अबू ख़लाद रहिमहुल्लाह फ़रमाते हैं:
"जिस क़ौम में भी कोई ऐसा शख़्स हो जो नमाज़ में सुस्ती व लापरवाही बरतता हो और वह लोग उसका हाथ न पकड़ें (उसे न रोकें), तो उनकी सबसे पहली सज़ा यह होती है कि उनके रिज़्क़ में कमी कर दी जाती है!"
[फ़त्हुल बारी लिइब्ने रजब रहिमहुल्लाह: जि॰ 3, स॰ 144]
@AshwiniVaishnaw@RailMinIndia@RailwaySeva
रात से शिकायत दर्ज है,
स्टाफ बार-बार आता है, देखकर अभी ठीक होगा” कहकर चला जाता है,
लेकिन अब तक कोई सुधार नहीं हुआ।
ट्रेन: दुरंतो एक्सप्रेस 12214
कोच: B10
यात्रियों को लगातार परेशानी हो रही है।
निर्देश देकर तुरंत स्थायी समाधान करवाया जाए
@RailwaySeva@drmsbc This issue is still unresolved. While a tweet was posted, it appears that the matter was not properly reviewed. This reflects a lack of due attention from Indian Railways. A minor issue was delayed for two days, and eventually the complaint was closed without a proper resolution
@RailwaySeva@drmsbc Your RailMadad Reference Number 2025123000218 is under process.Inconvenience caused is deeply regretted. Thank you for bringing the issue to our notice. Your complaint has been registered with us. We will contact you shortly CRIS/RailMadad
@RailwaySeva Your RailMadad Reference Number 2025123000218 is under process.Inconvenience caused is deeply regretted. Thank you for bringing the issue to our notice. Your complaint has been registered with us. We will contact you shortly CRIS/RailMadad
@RiyazMufti@drmsbc हम आपसे अनुरोध करते हैं कि कृपया यात्रा विवरण (पीएनआर / यूटीएस नंबर) और मोबाइल नंबर वैकल्पिक रूप से DM के माध्यम से हमारे साथ साझा करें। आप अपनी शिकायत रेलमदद व्हाट्सएप बॉट https://t.co/BoZqjybg4E के माध्यम से भी रजिस्टर कर सकते हैं।।
https://t.co/utEzIqB89U
@AshwiniVaishnaw@RailMinIndia@RailwaySeva
रात से शिकायत दर्ज है,
स्टाफ बार-बार आता है, देखकर अभी ठीक होगा” कहकर चला जाता है,
लेकिन अब तक कोई सुधार नहीं हुआ।
ट्रेन: दुरंतो एक्सप्रेस 12214
कोच: B10
यात्रियों को लगातार परेशानी हो रही है।
निर्देश देकर तुरंत स्थायी समाधान करवाया जाए
दीन-ए-इस्लाम को संजीदगी से अपनाने की ज़रूरत है
अल्लाह तआला का दीन पार्ट-टाइम चीज़ नहीं है
यह तो ऐसी चीज़ नहीं कि हफ़्ते के छुट्टी वाले दिनों में ही अदा की जाये
या जब फ़ुर्सत हो तभी याद आये
बल्कि यह तो पूरे वक़्त की लगन और ख़ुद को इस के लिए मुकम्मल तौर पर वक़्फ़ कर देने वाला दीन ह
मेरे नबी ने फरमाया
किसी मुसलमान के लिए यह जायज़ नहीं है कि वह अपने (किसी मुसलमान) भाई से तीन दिन से ज़्यादा बात करना छोड़ दे
जब दोनों का आमना-सामना हो तो यह उससे मुँह फेर ले और वह इससे मुँह फेर ले
और उन दोनों में बेहतर वह है जो पहले सलाम करे।
तिर्मिज़ी, हदीस 1932
ﷺ
आप صلی اللہ علیہ وسلم ने फ़रमाया:
किसी मुसलमान के लिए यह जायज़ नहीं है कि वह अपने (किसी मुसलमान) भाई से तीन दिन से ज़्यादा बात करना छोड़ दे
जब दोनों का आमना-सामना हो तो यह उससे मुँह फेर ले और वह इससे मुँह फेर ले
और उन दोनों में बेहतर वह है जो पहले सलाम करे।
तिर्मिज़ी, हदीस 1932
नबी अलैहिस्सलाम ने फरमाया
1 जब कोई क़ौम अपना किया हुआ वादा तोड़ देती है, तो उस पर क़त्लेआम मुसल्लत कर दिया जाता है।
2 जब किसी क़ौम में बेहयाई आम हो जाती है, तो उस पर मौत मुसल्लत होती है।
3 जब कोई क़ौम ज़कात अदा करना छोड़ देती है, तो उस से बारिश रोक ली जाती है।
(सिलसिला 1783