Lawyer, Journalist, & Members in Indian federation of working Journalists (The largest journalist organization, founded in New Delhi on 28 October 1950. )
BJP | UGC |
एक मध्य प्रदेश के रिपोर्टर ने बीजेपी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाजपा विधायक रीति पाठक से UGC पर सवाल पूछा,
सुनिए क्या जवाब मिला !
रीति पाठक मध्य प्रदेश की सीधी सिंगरौली लोकसभा सीट से सांसद रह चुकी हैं।
एक केस, दो तथ्य!
रतलाम ज़िले के थाना रिंगनोद में एक NDPS Act का मामला दर्ज हुआ। पांच लोग आरोपी बनाए गए।
पिछले माह चार लोगों की ज़मानत हो गई।
17 अगस्त 2026 के बेल आदेश में कोर्ट ने "Charge Sheet has been filed" को आधार बता कर बेल दे दिया।
वहीं इसी अपराध से जुड़े एक अन्य आरोपी असीम खान ने जब 3 सितंबर 2026 को बेल के लिए आवेदन दिया तो कोर्ट ने कहा,
चार्जशीट दाखिल होने के बाद पुनः जमानत आवेदन प्रस्तुत करे।
यानी चार्जशीट फाइल नहीं हुई है।
अब सवाल यह उठता है कि 17 अगस्त को जिस आधार पर बेल दी गई वह वास्तविक नहीं था?
#MP #Law #Justice
एक केस, दो तथ्य!
रतलाम ज़िले के थाना रिंगनोद में एक NDPS Act का मामला दर्ज हुआ। पांच लोग आरोपी बनाए गए।
पिछले माह चार लोगों की ज़मानत हो गई।
17 अगस्त 2026 के बेल आदेश में कोर्ट ने "Charge Sheet has been filed" को आधार बता कर बेल दे दिया।
वहीं इसी अपराध से जुड़े एक अन्य आरोपी असीम खान ने जब 3 सितंबर 2026 को बेल के लिए आवेदन दिया तो कोर्ट ने कहा,
चार्जशीट दाखिल होने के बाद पुनः जमानत आवेदन प्रस्तुत करे।
यानी चार्जशीट फाइल नहीं हुई है।
अब सवाल यह उठता है कि 17 अगस्त को जिस आधार पर बेल दी गई वह वास्तविक नहीं था?
#MP #Law #Justice
In Gujarat's Bhavnagar, a murder suspect identified as Faisal was tied with a rope and flogged over 100 times with a lathi in police custody in full public view. Faizal is accsued of killing his live-in partner Kajalben. He was brought to the crime spot for scene recreation when a policeman rained lathi on his for over 5 minutes.
हमारे पैदा होने पर सबसे पहले हमारे कानो मैं अल्लाह और उसके महबूब नबी SAW के नाम पड़े जाते है
और हमसे कहा जाता कोई इबादत के लायक नहीं सिवाए अल्लाह के और रसूल अल्लाह SAW उनके आख़री नबी है
Muslims
स्वतंत्र भारद्वाज की गुंडागर्दी को लेकर ABP न्यूज की महिला पत्रकार प्रतिमा मिश्रा की ज़बरदस्त रिपोर्टिंग ,
चित्रा त्रिपाठी भी ABP न्यूज की एंकर है और प्रतिमा मिश्रा भी ABP न्यूज की एंकर है , फर्क इतना है कि प्रतिमा मिश्रा ईमानदारी से रिपोर्टिंग करती है ,
दिल्ली में महिला पत्रकारों के साथ हुई बदसलूकी के मामले पर सुप्रीम कोर्ट के वकील खुलकर समर्थन में उतरे। उन्होंने दोषियों और संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई और जेल भेजने की मांग की है।
"पत्रकारों की सुरक्षा और देश की हिफाजत करना हम सबकी जिम्मेदारी है।"
#Delhi#JournalistSafety #Justice #SupremeCourt
Mullani smiles at us.
We will form a single party, a Mullah-free India.
We broke Nishhu's father's head, requiring seven stitches. Section 307 applies. He was in a position to kill, but we didn't go to jail because we received calls from Kapil Mishra and Chirag Paswan.
Hindu nationalist Swatantra Bhardwaj made bold claims while making remarks that insulted Muslim women.
@KashifKakvi माननीय @DGP_MP महोदय, एक कानूनी जिज्ञासा है— क्या आरोपियों का सार्वजनिक रूप से जुलूस निकालकर उनके साथ मारपीट करने के लिए भी कोई विशेष वैधानिक प्रावधान है? यदि हाँ, तो कृपया संबंधित Provision/Rule बताने का कष्ट करें, ताकि आम नागरिक भी कानून की इस नई व्यवस्था से परिचित हो सकें ?
सड़को पर बल्लेबाज़ी की ट्रेनिंग देती उज्जैन पुलिस!
इन चार लड़कों पर हॉर्न बजाने पर एक व्यापारी की हत्या करने का आरोप है।
आरोपीयो के नाम :-
- विजय सिंह ठाकुर (29)
- करण गाठिया (21)
- विशाल सिंह ठाकुर (32)
- सागर सिंह तनोरिया (31)
#Ujjain#Murder#Police
नई दिल्ली, 27 अगस्त, 2026 – केंद्र सरकार ने मध्यस्थता अधिनियम, 2023 के तहत "भारतीय मध्यस्थता परिषद" बनाई है, जिसका मुख्यालय दिल्ली होगा। यह परिषद देशभर में अदालत से बाहर विवाद सुलझाने की व्यवस्था को संभालेगी।
RSS।।।क्या अनुशासन और राष्ट्रभक्ति के नाम पर दूसरों की शांति भंग करना जायज है???
आज सुबह किसी ने ये वीडियो मुझे मध्यप्रदेश से शेयर किया और इसको देखकर इसपे कुछ लिखने को बोला।।।
इस वीडियो में एक छात्र सुबह के समय अपने घर के पास लगने वाली RSS (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) की शाखा में होने वाली नारेबाजी और शोर का विरोध करता दिख रहा है। छात्र का कहना है कि देर रात तक पढ़ाई करने के कारण सुबह इस तेज शोर से उसकी नींद और मानसिक शांति प्रभावित होती है। जब उसने इस संबंध में बात की, तो समस्या का समाधान करने के बजाय उस पर सवाल खड़े किए गए।।।
यह घटना कई गंभीर संवैधानिक, कानूनी और नैतिक प्रश्न खड़े करती है।।।
क्या सार्वजनिक या खाली मैदानों में अधिकारपूर्वक गतिविधियों का संचालन किया जा सकता है???
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 19(1)(b) शांतिपूर्वक और बिना हथियारों के एकत्र होने की स्वतंत्रता देता है। हालांकि, यह अधिकार असीमित नहीं है (Article 19(2))।।।
किसी भी सार्वजनिक स्थल, पार्क या सरकारी जमीन पर नियमित गतिविधियां चलाने के लिए स्थानीय प्रशासन या पुलिस से अनुमति लेना आवश्यक होता है। यदि कोई गतिविधि आवासीय क्षेत्र में आम नागरिकों या विद्यार्थियों की शांति में खलल डालती है, तो स्थानीय प्रशासन के पास उसे विनियमित करने का अधिकार है।।।
माननीय सुप्रीम कोर्ट और ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम, 2000 के अनुसार, आवासीय क्षेत्रों में ध्वनि का एक निश्चित स्तर तय है। विशेषकर सुबह और रात के समय शांति बनाए रखना नागरिकों का मौलिक अधिकार है, जो संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत आता है।।।
किसी छात्र की पढ़ाई और नींद का अधिकार किसी भी संगठन की गतिविधियों से कम महत्वपूर्ण नहीं है।
यदि किसी संगठन या शाखा का मूल उद्देश्य खेल, शारीरिक विकास, अनुशासन या भाईचारा सिखाना है, तो इसके लिए सुबह आवासीय क्षेत्रों में तेज नारेबाजी की क्या आवश्यकता है???
क्या सच्चा अनुशासन और समाज निर्माण दूसरों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील होने से शुरू नहीं होता?
जब एक छात्र अपनी पढ़ाई और स्वास्थ्य का हवाला देकर शांति की अपील करता है, तो उसकी समस्या को सुलझाने के बजाय उसे विरोधी की दृष्टि से देखना कितना उचित है???
पक्या आवासीय क्षेत्रों में संचालित होने वाली सार्वजनिक गतिविधियों के लिए समय और ध्वनि सीमा तय नहीं होनी चाहिए???
क्या नागरिकों और विद्यार्थियों की दैनिक समस्याओं और अधिकारों का सम्मान करना ही राष्ट्र निर्माण का पहला कदम नहीं है???
समाज में अनुशासन, राष्ट्रभक्ति या सांस्कृतिक गतिविधियों का स्वागत है, लेकिन ये मूल्य किसी नागरिक या छात्र की मौलिक शांति और अधिकारों की कीमत पर थोपे नहीं जा सकते। आपसी संवाद, संवेदनशीलता और नियमों के पालन से ही एक स्वस्थ और सभ्य समाज का निर्माण संभव है।।।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में कल मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री क्षेत्र में विकास की नई इबारत लिख रहे थे,
और कुछ लोग 15-20 मिनट भी ट्रैफिक में खड़े नहीं रह सके।
VIP कल्चर का झुनझुना बजा कर चिल्लाने लगे।
अरे भाई, घर का बुज़ुर्ग जब कहीं से गुजरे तो वैसे ही आदमी रुक जाता है। और यह तो मुख्यमंत्री और केंद्रिए मंत्री हैं, उनका वक़्त आपसे ज्यादा कीमती है।
और आप ही के विकास के लिए सुबह शाम काम कर रहे हैं।
थोड़ा धैर्य रखना चाहिए। #MP #VIPCulture