पेपर कौन बनाता है ये बाद की बात है
पहले ये पता करो OMR कौन बनाता-बिगाड़ता है।
झारखंड में परीक्षा नहीं हो रही, “सेटिंग” का कोर्स चल रहा है
डिग्री कब मिलेगी, बस यही देखना है।
Instead of answering these legitimate and uncomfortable questions, it appears that silencing the voice raising them was deemed more convenient.
The suspension of @The_Bharatmitra’s YouTube channel raises grave concern.
@YouTube@YouTubeIndia please take cognizance of this matter and conduct an impartial review. If an injustice has occurred, it must be rectified.
झारखंड में पिछले कुछ दिनों से छात्रों से संबंधित लगातार वीडियो बना रहे चैनल भारत मित्र को डिलीट कर दिया गया। JPSC और JSSC संबंधित कई खुलासे इस चैनल ने किए थे।
यूट्यूब को अच्छे से देखना चाहिए, भारी चूक हुई है।
@YouTubeIndia@YouTube
JPSC-JSSC में सच सामने आने से इतनी बेचैनी क्यों? 🤔
घोटाले की परतें खुलने लगीं तो कुछ लोगों को परीक्षा व्यवस्था से ज्यादा मीडिया की आवाज़ की चिंता होने लगी।
‘द भारतमित्र’ YouTube चैनल ने सवाल उठाए, स्टोरी की और कथित गड़बड़ियों से जुड़े लोगों के नाम सामने रखे तो अब उनका अकाउंट ही सस्पेंड हो गया।
वाह साहब!
पेपर की सुरक्षा का क्या हुआ, वो बाद की बात है… आवाज़ की सुरक्षा पहले जरूरी हो गई! 😏
‘द भारतमित्र’ के साथ हम खड़े हैं। @The_Bharatmitra
सवाल पूछने वाली आवाज़ को दबाने से सवाल खत्म नहीं होते, बल्कि शक और गहरा होता है।
मादरनीय श्री प्रशांत कुमार और सुधीर गुप्ता
परीक्षा सेंटर इतना दूर-दूर देते हो सालों की तैयारी के बाद इतने दूर जाकर बच्चे परीक्षा देते हैं और तुम लोग #JSSC कार्यालय से ही परीक्षा एजेंसी के साथ मिलकर सीटों की सौदेबाजी करते हों। शर्म नहीं आती?
झारखंड में कितने सालों बाद कुछ पदों पर भर्ती निकलती है वह भी तुम लोग बेच खाते हो।
हमारे मुख्यमंत्री के निकम्मेपन और मंदबुद्धि होने का फायदा उठाते हो अगर छात्र आंदोलन और CBI का डर न होता तो न जाने तुमलोग और कितने परीक्षाओं के सीटों का सौदा करते। इस सिस्टम से छात्रों का भरोसा उठ गया है।अब CBI जांच में ही पता चलेगा कि तुमलोग साथ किन-किन मंत्रियों और नेताओं के हाथ थे।
#cbiforjpscjssc
🚨 200+ लोगों से पूछताछ और 27 लोगों के जेल जाने की खबर के बाद सवाल और बड़ा हो गया है।
अगर CID की जांच में अलग-अलग कड़ियां और कथित सिंडिकेट सामने आ रहे हैं, तो अब पूरी भर्ती प्रक्रिया की स्वतंत्र और गहराई से जांच क्यों न हो?
कौन-सी एजेंसी?
किसे काम मिला?
किस प्रक्रिया से मिला?
परीक्षा के संवेदनशील काम तक किसकी पहुंच थी?
किसके बीच संपर्क था?
और अभ्यर्थियों तक कथित तौर पर जानकारी कैसे पहुंची?
इन सवालों के जवाब दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों से मिलने चाहिए।
झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ा मामला है।
जांच जितनी पारदर्शी होगी, भरोसा उतना ही मजबूत होगा।
#JSSC #JSSCCGL #Jharkhand #StudentSuccess
रिटायर्ड IPS एवं पूर्व DGP अनुराग गुप्ता से जुड़े पुराने विवादों की फाइलें इन दिनों फिर धूल झाड़कर बाहर निकल रही हैं। मज़ेदार बात यह है कि जितना पीछे जाइए, कोई न कोई नया क़िस्सा इंतज़ार करता मिलता है।
ऐसा ही एक क़िस्सा उनके गया में SP रहते कथित फ़र्ज़ी डिग्री प्रकरण का बताया जाता है।
वह दौर था जब न “Google बाबा” थे, न सोशल मीडिया और न हर जेब में कैमरा। पुराने रिकॉर्ड और उस दौर के जानकार लोगों से मिली जानकारी बताती है कि इस प्रकरण को पूरी तरह इतिहास मान लेना शायद जल्दबाज़ी होगी। बताया जाता है कि इसकी परछाईं आज भी सरकारी और न्यायिक फाइलों में मौजूद है।
अब ज़रा हमारे सिस्टम की महिमा देखिए!
ऐसे आरोप किसी बाबू, दारोगा या छोटे कर्मचारी पर लगे होते तो बेचारा प्रमोशन भूलकर पूरी नौकरी स्पष्टीकरण, विभागीय जाँच और अदालत की तारीखें गिनता रहता।
यहाँ साहब विवादों और आरोपों की गठरी कंधे पर रखकर SP से DGP तक पहुँच गए!
इसे क़ाबिलियत कहें, पद-पावर-पहुँच का प्रताप कहें या व्यवस्था का वह “विशेष आशीर्वाद” जो हर सरकारी कर्मचारी के भाग्य में नहीं होता?
नई पीढ़ी के अधिकारियों के लिए यह शानदार Study Case है।
सीख ग़लत काम करके बच निकलने की नहीं, बल्कि यह समझने की है कि कुर्सी की एक्सपायरी डेट होती है, फाइलों की नहीं।
वर्दी उतर जाती है, दस्तख़त नहीं मिटते।
अफ़सर के नाम के आगे “पूर्व” लग जाता है, उसके पुराने सवालों के आगे नहीं।
आज जिस फाइल को पद और प्रभाव के नीचे दबा हुआ समझा जाता है, वही फाइल कल कुर्सी छूटने के बाद सबसे ऊँची आवाज़ में बोल सकती है।
बाक़ी गया वाला कथित फ़र्ज़ी डिग्री प्रकरण तो अभी ट्रेलर भर है।
झारखंड नियुक्ति घोटाले की CID जाँच को लेकर उठे सवाल हों या पुराने कथित रेकी और ट्रैपिंग से जुड़े आरोप। कहानी में अभी कई किरदार, कई क़िस्से और कई फाइलें बाक़ी बताई जाती हैं।
जानकारी और दस्तावेज़ जुटेंगे तो उन्हें भी बारी-बारी से सामने रखा जाएगा।
आख़िर इतिहास की एक खराब आदत है।
वह कुर्सी देखकर अपना हिसाब नहीं लिखता।
और सरकारी फाइलों की उससे भी खराब आदत है। साहब रिटायर हो जाते हैं,
कारनामों के दस्तख़त रिटायर नहीं होते!
बाक़ी… पिक्चर अभी बाक़ी है।
#Jharkhand #JPSC #JSSC #JusticeForJharkhandYouth
@PMOIndia@HMOIndia@BJP4India@BJP4Jharkhand
झारखंडी युवाओं के साथ असली राजनीतिक दगा तो #JMM ने किया!
आपकी सरकार में निकली हर बहाली में सीटें बेची गईं,जब धांधली के नाम उजागर हो रहे हैं,तब 'भाजपा-भाजपा' चिल्लाकर खुद को हरिश्चंद्र साबित करने में लगे हैं!
विपक्ष पर कीचड़ उछालकर अपनी धांधली नहीं छुपा सकते। युवा सब समझ रहा है।
पर अखबार वाले तो कुछ और ही छाप रहे है गुप्ता जी ये लोग कह रहे है प्रिंटिंग प्रेस से ही प्रश्न पत्र लिक थे।
जरा भी शर्म है ? बची है तो माफी मांग लीजिए शायद बच्चे माफ कर दे।
सोमांश और राहुल कुछ राज उगल रहे है देखिए थोड़ा।
सोर्स :- इन कमेंट
लोकतंत्र की खूबसूरती यही है कि जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाने के लिए एक सजग विपक्ष की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है।।
छात्रों की आवाज़ और उनके न्याय की मांग को लेकर आज भारतीय जनता पार्टी की पूरी टीम ने मुख्य सचिव से मुलाकात कर छात्रों पर दर्ज FIR वापस लेने और पूरे मामले की CBI जाँच कराने की मांग को प्रमुखता से रखा।
साथ ही, भाजपा नेताओं ने स्पष्ट किया है कि यदि छात्रों के हित में इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले समय में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
जनता और छात्रों से जुड़े मुद्दों को सदन से सड़क तक उठाना ही लोकतंत्र की असली ताकत है। उम्मीद है कि सरकार छात्रों की भावनाओं और निष्पक्ष जाँच की मांग को गंभीरता से लेते हुए उचित निर्णय लेगी।
छात्र हित में साथ खड़े होने के लिए सभी माननीयों का आभार एवं धन्यवाद। 🙏🙏
#छात्रहित #लोकतंत्र #CBIजांच
#jssc
#jssccgl
#Kunalpratapsingh
@BJP4Jharkhand@BJP4India@amarbauri@yourBabulal@ShahiPratap@narendramodi@JmmJharkhand@HemantSorenJMM
पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर JSSC नियुक्ति घोटाले को लेकर CID की जाँच से संबंधित झारखंड पुलिस के सबसे ज्यादा विवादास्पद, बदनाम एवं दाग़दार रिटायर्ड अधिकारी अनुराग गुप्ता का ये वीडियो वायरल हो रहा है। इस आदमी पर CID की जाँच को ग़लत दिशा में ले जाकर हाईकोर्ट तक को ग़लत शपथ पत्र देकर गुमराह करने, जाँच के नाम पर भयादोहन करने तक के गंभीर आरोप लग रहे हैं।
आज जब छात्रों-बेरोज़गारों के आक्रोश एवं आंदोलन के बाद वही CID और झारखंड सरकार यह मान रही है कि नियुक्ति में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है, रोज़ गिरफ्तारियां और घोटाले के नये तथ्य उजागर हो रहे हैं तो अनुराग गुप्ता के इस बयान की आलोचना हो रही है।
झारखंड सरकार को यह बताना चाहिए कि या तो अनुराग गुप्ता की वो जाँच और बयान ग़लत था या फिर CID के वर्तमान ADG मनोज कौशिक के नेतृत्व में जो आज जाँच में मिले तथ्यों के बारे में जानकारी दी जा रही है, ताबड़तोड़ गिरफ़्तारी हो रही है, ये सब ग़लत है एवं पूरे मामले पर पर्दा डालने एवं छोटी मछलियों को बली का बकरा बनाकर बड़ी मछलियों को बचाने का काम हो रहा है?
एक ही एजेंसी की जाँच में पहले कुछ एवं छात्रों के आक्रोश के बाद में कुछ और बात बता रहे होने पर आख़िर कोई कैसे विश्वास करेगा? अगर अनुराग गुप्ता जाँच में घोटाला कर रहे थे तो उनपर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? जिन घोटालेबाज़ों को अनुराग गुप्ता ने बचाने का काम किया और आज वो पकड़े जा रहे हैं तो फिर इनकी गिरफ्तारी क्यों नहीं हो रही?
मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM जी, कोई भी जाँच तभी विश्वसनीय होगी जब आमलोगों का उस पर भरोसा बना रहे। JSSCC घोटाले में CID की जाँच का इतिहास इतना दाग़दार हो चुका है कि इस पर किसी का भरोसा नहीं रह गया है। इसलिये बेहतर होगा कि CBI जाँच का आदेश दीजिये ताकि घोटाले में शामिल सारे लोगों का चेहरा बेनक़ाब हो और छात्रों-बेरोज़गारों का उस जाँच पर भरोसा क़ायम रहे।
#Jharkhand #JPSC #JSSC #StudentProstestsJharkhand
@BJP4India@narendramodi@AmitShah@NitinNabin@blsanthosh@BJP4Jharkhand@JPSCreformanch
🔥 JSSC-CGL और JPSC को लेकर युवाओं के सवाल लगातार बढ़ रहे हैं।
JSSC-CGL मामले में CID की कार्रवाई आगे बढ़ रही है और कई लोगों से पूछताछ/गिरफ्तारी की खबरें सामने आई हैं। दूसरी तरफ JPSC को लेकर भी कथित अनियमितताओं की जांच चल रही है।
अब जरूरत है कि सिर्फ कुछ लोगों तक जांच सीमित न रहे।
प्रश्नपत्र से लेकर परीक्षा केंद्र, OMR, Answer Sheet, Evaluation, Result और संबंधित डिजिटल रिकॉर्ड तक—हर कड़ी की जांच हो।
**जिस दिन पूरी जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी होगी, उसी दिन असली तस्वीर सामने आएगी।**
#JSSC #JSSCCGL #JPSC #Jharkhand #StudentRights #FairInvestigation