मृत्यु से मेरा कोई विवाद नहीं
वह अपना धर्म निभाए
मेरा डर तो इतना है, कहीं तुम्हारा सौभाग्य ना मर जाए
तुम मेरी मृत्यु पश्चात अपनी चूड़ियाँ मत उतारना
मेरा प्रेम निष्फल रह जाएगा प्रिय
तुम्हारी कलाइयां शोक ओढ़ लेंगी
लोग मेरी मृत्यु की तिथि लिखेंगे
तुम उसे अंतिम सत्य मत मानना
जब तक तुम्हारी चूड़ियाँ आवाज़ करें
मुझे पूर्णतः मृत मत जानना
यदि वो लोग कहें
अब श्रृंगार वर्जित हैं
तुम मोन रहकर मुस्कुराना
जो मृत्यु से पराजित हो जाए
उसे प्रेम मत बताना
अपने कर को रिक्त न रखना
ये अंतिम उपहार रहे
मेरी स्मृति यदि कहीं बचे
तो चूड़ियों की झंकार रहे
इसलिए मेरी चिता के साथ अपना सुहाग मत जलाना
मैं चला जाऊंगा ,जग अपना क्रम निभाएगा
तुम मेरी मृत्यु पश्चात अपनी चूड़ियाँ मत उतारना
अन्यथा मेरा प्रेम मुझसे पहले मर जाएगा
मत करना चूड़ियों से कठोर व्यवहार
मत करना उनका तिरस्कार
मेरा प्रेम फिर व्यर्थ कहलाएगा
मृत्यु मेरी है, उनकी नहीं
तुम मेरी मृत्यु पश्चात अपनी चुड़िया मत उतारना... ❣️🌻