मुख्यमंत्री @mlkhattar जी को क्लर्कों की सैलरी के मुद्दे पर बहस की खुली चुनौती| आप बताईये कि क्यों नहीं बढ सकती क्लर्कों की सैलरी और हम आपके हर झूठ का पर्दाफाश करेंगे|
लिपिकों की मांग को प्राथमिकता से मेरे द्वारा विधानसभा के पटल पर रखने पर, उनके द्वारा दिए गए सम्मान के लिए हार्दिक आभार! भविष्य में भी उनकी जायज मांगों के संघर्ष को, व��धानसभा के भीतर एवम बाहर बल देने का काम करूँगा!
बेसिक पे 35400 रुपए करने की मांग को लेकर उपायुक्त कार्यालय सिरसा के समक्ष धरनारत, हरियाणा CAWS के कर्मचारियों से धरनास्थल पर जाकर मुलाकात कर अपना समर्थन दिया!
#haryanaclerk35400#haryanaclerkonstrike
#जन_सरोकार_की_बात
आशा है आप इसे पूरा पढ़ आगे ट्वीट करेंगे
वो दौर अलग था जब तहसील कार्यालय जिला प्रशासन का सबसे महत्वपूर्ण अंग था। तब स्टॉफ भी दूसरे विभागों से ज्यादा ही होता था और ��ृषि अर्थव्यवस्था और ग्रामीण आबादी के चलते तहसील कार्यालय संबंधित सेवाओं को अपने सांगठनिक व्यवस्था की बदौलत प्रभावी तरीके से देने में सक्षम थे।
आज तहसील कार्यालय न्यूनतम मानव संसाधन के साथ काम कर रहे है जबकि इनके द्वारा प्रदान की जा रही सेवाओं की संख्या, उनकी मांग व प्रकृति में विविधता आ गयो है।
2 4 गज जमीनों को लेकर झगड़े है। लोगों में सरकारी/पंचायती जमीनों को अवैध कब्जे करने की प्रवृति ���ें इजाफा दिख रहा है।
सरकार ने तमाम सेवाओं को एक तरफ सेवा के अधिकार अधिनियम के तहत समयबद्ध कर दिया है वही पीपीपी जैसी व्यवस्था में अब सेवा मांगने पर नही, खुद सरकार द्वारा बिना मांगे दिए जाने पर जोर दिया जा रहा है।
तहसीलदार कार्यालय पर गैर राजस्व कार्यों का बोझ लगातार बढ़ रहा है।
सरकार व जिला उपायुक्तो को देखना होगा कि मिसलेनियस प्रकृति के काम जिले के सभी विभागों में बांटे जाए ताकि हर विभाग अपने मूल कार्यों को ज्यादा से ज्यादा समय दे सके।
आपको अक्सर तहसीलदार अपने कार्यालय में नही मिलेगा। उसकी वजह है कि उसे तमाम दूसरे काम दे दिए गए है।
बतौर उपायुक्त प्रतिनिधि उसे हर जगह जाना है।
वो केस प्रॉपर्टी वाले कंडम व्हीकल नीलाम करवा रहा है।
वो एनडीपीएस एक्ट में पकड़े गए मादक द्रव्यों के सिलसले में ड्यूटी पर है।
वो जिले में गणमान्य के आगमन से संबंधित ड्यूटी पर है।
वो कोर्ट के आदेश से कब्जा हटवा रहा है या दिलवा रहा है।
वो SARFAESI ACT में बैंको को कब्जा दिलवाने गया है।
कानून व शांति व्यवस्था से जुड़ी जिम्मेवारी का निर्वहन कर रहा है।
इन सब के बावजूद कुछ अजीब समस्याएं और भी है।
आप बैंक से लोन लेने जाते हो बैंक आपसे पटवारी क��� हाथ वाली फर्द मांगता है।
जमाबंदी में आपका नाम , हिस्सा, रकबा स्पष्ट है फिर भी आपसे मौका रिपोर्ट मांगता है, मलकियत रिपोर्ट मांगता है।
लगभग सारे विभाग तहसील कार्यालय में सत्यापित हलफनामे मांगते है।
गांवों में तो चलो कोई सोच भी ले कि नंबरदार/पटवारी किसी मृतक के वारसान की रिपोर्ट कर भी दे लेकिन शहरी इलाकों में भी तहसील कार्यालय द्वारा जारी रिपोर्ट सारे विभाग मांगते है।
सारे केंद्रीय विभा��� तो अपने ही प्रोफार्मा पर ओबीसी सर्टिफिकेट मांगते है ।
हर दूसरा विभाग कोई अपना ही प्रोफार्मा इजाद कर बिना राजस्व विभाग की सहमति लिए उस फॉर्म पर लिख देगा पटवारी,तहसीलदार
अब वो आम आदमी आ जायेगा तहसील उस पर हस्ताक्षर कराने
या तो कर दो या फिर कहीं से सिफारिश आयेगी ।
ये हरि नाम अनंता हरि कथा अनंता वाली बात है।
हरियाणा सरकार @cmohry @mlkhattar व @HaryanaIAS से निवेदन है कि तहसील कार्यों पर जो गैर राजस्व कार्यों क��� भरमार है उसे कम किया जाए ताकि तहसील ऑफिस भी समयबद्ध तरीके से आमजन को सेवा मुहैया करा सके।
इन हालातो में काम ने देरी, गलती व भ्रष्टाचार की समस्या ने विकराल रूप ले रखा है।
ताकतवर व भ्रष्ट अधिकारी बेशक ऐसी अराजकता को पसंद करे एक ईमानदार व कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी/कर्मचारी के लिए बदतर कार्यालयी हालत है।
@jawaharyadavbjp@jawaharyadavbjp ji Himachal me 2 saal ki service ke baad 30500 pay scale hai same yhi punjab me hai.. Haryana me 100 se jyada portal hai kaam bhi jyada hai salary wahi 19900 chlo chhodo 2019 ke manifesto hi pura kar do #haryanaclerk35400@hryclerk_1
हरियाणा प्रदेश में हड़ताल कर रहे क्लर्कों की मांगें मानने की बजाय भाजपा सरकार का अड़ियल रवैया जनता के लिए परेशानी का सबब बन गया है।
सरकार हड़ताल कर रहे क्लर्कों की मांगों को तुरंत स्वीकार करे।