जब शिक्षा विभाग में चपरासी से लेकर प्रिंसिपल और DEO तक, सभी वर्गों के धड़ल्ले से ट्रांसफर हो रहे हैं, तो सिर्फ तृतीय श्रेणी (थर्ड ग्रेड) शिक्षकों को ही हर बार क्यों अनदेखा कर दिया जाता है? क्या उनके साथ यह खुला भेदभाव न्यायसंगत है?
क्या इन शिक्षकों का कोई परिवार नहीं है? क्या इनके बूढ़े माता-पिता और बच्चों को अपने करीब रखने का इन्हें कोई हक नहीं है? सरकारें आती-जाती रहती हैं, चुनाव आते-जाते रहते हैं, लेकिन इन शिक्षकों की पीड़ा पर कोई ध्यान नहीं देता। पूर्ववर्ती सरकार ने भी इन्हें ठगा और वर्तमान सरकार भी अब तक इनके तबादलों पर ब्रेक लगाकर बैठी है।
हैरानी की बात है कि अन्य पदों पर बैठे लोगों के 18 साल में 50-50 बार ट्रांसफर हो जाते हैं, लेकिन थर्ड ग्रेड शिक्षकों का 18 साल में सिर्फ एक बार भी ट्रांसफर होना मुश्किल हो जाता है!
आखिर यह दोहरा मापदंड क्यों? क्या एक पूरे वर्ग को इस तरह हाशिए पर रखना ही बीजेपी की पॉलिसी है? क्या आदरणीय भजन लाल जी का तृतीय श्रेणी के शिक्षकों के प्रति यही संवेदनहीन रवैया रहेगा? इस गंभीर भेदभाव पर जवाब दीजिए सरकार!
@unm_of_rajasthan
@edu_dept_raj
#ThirdGradeTeacherTransfer #RajasthanTeachers #JusticeForThirdGradeTeachers #BhajanlalSharma
#MadanDilawar
@BhajanlalBjp@madandilawar@madanrrathore@SachinPilot@PMOIndia
कोई पूछे कौन था विरसा मुंडा?
तो उसे गर्व से बताना 25 साल की
उम्र में अंग्रेजी हुकूमत को हिला देने
वाला !!
एक आदिवासी वीर योद्धा था
भगवान बिरसा मुंडा !!
#बिरसा_मुंडा_अमर_रहें#BirsaMunda
आदिवासी महानायक, धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन।
आदिवासी अस्मिता के लिए उनका संघर्ष और जल, जंगल, ज़मीन की रक्षा के लिए उनका बलिदान हमें सदा प्रेरित करता रहेगा।
#JanjatiyaGauravDiwas#BirsaMundaJayanti
@AvvnlPro बिजली की बचत तो विभाग खुद ही कर रहा है
अभी बिना बारिश के 9:27 पर बिजली बंद हुई 11:01 पर आई 11:15 पर वापस गई
कॉल करने पर जवाब मिला लोड शेडिंग के कारण बंद है
भारत देश की आजादी के 75-76 वर्ष बीत जाने के बाद भी भीलवंश का धरातलीय विकास नहीं हो पाया है उल्टा हमें हमारी जल -जंगल-जमीन से बेदखल किया जा रहा है। भीलवंश की सांस्कृतिक पहचान भील प्रदेश दो। @rashtrapatibhvn#हमारी_मांग_भीलप्रदेश
यदि सरकार वास्तव में आदिवासी हितैषी है, तो आदिवासियों की जो मांग वर्षों से चली आ रही है, "भील प्रदेश" जो आदिवासी समुदाय के अस्तित्व और पहचान को बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी है। इस मांग को पूरा किया जाना चाहिए।
#हमारी_मांग_भीलप्रदेश
भीलप्रदेश की माँग आजादी से पहले से ही उठती आई है, क्योंकि यहाँ के लोगों की संस्कृति, भाषा, बोली और रीति रिवाज दूसरे प्रदेशों से अलग है, और आदिवासी संस्कृति और सभ्यता को बचाने और उसके सरंक्षण के लिए जरूरी है। #हमारी_मांग_भीलप्रदेश
राजपूतों के नाम पर राजस्थान राज्य बना ^ गुर्जरों के नाम पर गुजरात राज्य बना ^ मराठों के नाम पर महाराष्ट्र राज्य बना ^ तेलगु के नाम पर तेलंगाना राज्य बना^तो फिर भीलवंश के नाम पर भीलप्रदेश राज्य क्यों नहीं बन सकता!
#हमारी_मांग_भीलप्रदेश
पश्चिमी भारत का इतिहास इस तरह है
1.सिंधुघाटी सभ्यता
2.भील गणतंत्रीय राज्य
3.ईरानी-यूनानी उपनिवेशीकरण
4.मौर्य साम्राज्य
5.इंडो-ग्रीक,इंडो-सीथियन,इंडो-पहलव, कुषाण,हूण कबिलाई आगमन
6.गुप्त साम्राज्य
7.ईरान में इस्लाम विजय उपरांत आप्रवासीयों का भारत आगमन
#हमारी_मांग_भीलप्रदेश
भील राजाओं का गणतंत्रीय राज्य (Republic States) जिन - जिन इलाकों में थे,उन इलाकों को जोड़कर "भीलप्रदेश राज्य" बनाया जाए,यह मांग है!!
आप्रवासी लोग हमारे राजाओं को "जनजाति नायक" कहते हैं, सोचिए वे सच्चे इतिहास से कितने डरते हैं??
#हमारी_मांग_भीलप्रदेश
जिन लोगों को ठिक से बोलने नहीं आता है क्या ऐसे लोग क्या नक्सली हो सकते है??
बीजेपी सरकार नक्सली के नाम से बेकसूर आदिवासियों को मारकर डराना चाहती है!"
आदिवासियों की जमीन हथियाना चाहती है!!
आदिवासियों पर अत्याचार बंद करो ✊
@vishnudsai#छत्तीसगढ़_फर्जी_मुठभेड़_बंद_करो
कमलकांग्रेस के नेता 5 वीं अनुसूची के नाम पर आदिवासियों को गुमराह करते है, चुनावी वक्त 5 वीं अनुसूची का मुद्दा जोर शोर से उठाया जाता है लागू होने की बात भी करी जाती है पर हकीकत कोसों दूर होती है!!
#5वीं_अनुसूची_लागू_करो
आजाद भारत मे संवैधानिक व्यवस्थाओ केजरिये आदिवासियों की भागीदारी सुनिनिच्छीत की गई,आदिवासीयोंकीरुढ़ीवादऔरपारम्परिक ग्राम सभाओ पर आधारीत है,आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रमेनिवासरतआदिवासियोंकोसम्पूर्णस्वशाशन के हक अधिकार है!!इसलिए 5 वीं अनुसूची लागू किया जाना चाहिए!
#5वीं_अनुसूची_लागू_करो
पाँचवीं अनुसूची के तहत किसी भी क्षेत्र को "अनुसूचित क्षेत्र" के रूप में घोषित करने के लिये निम्नलिखित मानदंड हैं👇
1.जनजातीय आबादी की प्रधानता!
2.क्षेत्र की सघनता और उचित आकार!
3.एक व्यवहार्य प्रशासनिक इकाई जैसे-ज़िला,ब्लॉक या तालुका!
#5वीं_अनुसूची_लागू_करो
नेताओं द्वारा बताया जाता है 5 वीं अनुसूची क्षेत्र है!
क्या वाकई मे 5 वीं अनुसूची क्षेत्र लागू है??
अगर लागू होता तो आदिवासी क्षेत्रों मे आदिवासियों की जल, जंगल, जमीन सुरक्षित होती!"
#5वीं_अनुसूची_लागू_करो