देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना ‘केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट’ अवैध: इसमें पन्ना टाइगर रिजर्व का 6,000 हेक्टेयर कोर क्षेत्र डूब जाएगा, कई अनिवार्य शर्तों का उल्लंघन हुआ, प्रभावित परिवारों के रीहैबिलिटेशन की सबसे अहम शर्त अब भी अधूरी, एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में जानें क्या है यह प्रोजेक्ट
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देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना के तहत ‘केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट’ कानूनी और तकनीकी विवादों में घिरी, सरकारी दस्तावेजों की पड़ताल में सामने आया है कि फॉरेस्ट क्लीयरेंस की शर्तों का पालन नहीं हुआ, पढ़िए पूरा इन्वेस्टिगेशन
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उनका भी पालन किए बगैर प्रोजेक्ट धड़ल्ले से बढ़ रहा है।
फॉरेस्ट क्लीयरेंस की जिन शर्तों का पालन नहीं हो रहा है। उसको लेकर एक इंवेस्टिगेटिव स्टोरी की है। जिसकी लिंक कमेंट में डाल रहा हूं।
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"विकाश भी पर्यावरण संरक्षण भी" भोपाल में पीएम मोदी और सीएम मोहन यादव की तस्वीरों के साथ इस तरह का पोस्टर जगह जगह लगा हुआ है।
लेकिन इसकी जमीन नहीं हकीकत देखना हो तो केन बेतवा लिंक परियोजना में डूब में आने वाले पन्ना टाइगर रिजर्व के 6017 हेक्टेयर के जंगल को देखिए।
प्रदेश के फॉरेस्ट डिपार्मेंट भी इस प्रोजेक्ट को लेकर असहाय महसूस कर रहा है। सब दबे मुंह से कहते हैं पीएम का प्रोजेक्ट इसलिए प्रेशर है।
अगर हम इसके कानूनी पहलू की बात करें तो जो फॉरेस्ट और एनवायरमेंट क्लीयरेंस के लिए इस प्रोजेक्ट को लेकर मिनिमम शर्तें रखी गई थी
वह CGHS के रेट थे। जो कि पहले ही मार्केट रेट से काफी कम होते हैं। कंपनी में ठेका लेने के लिए 19 परसेंट से कम रेट में जांच करने के लिए तैयार है। यह वही कंपनी है जिस पर बीते साल आईटी रेड पड़ी थी। और कंपनी पर जांच गड़बड़ियों के आरोप लगे थे।
मध्य प्रदेश के 85 सरकारी हॉस्पिटल में पैथोलॉजिक जांच का ठेका साइंस हाउस को मिला है। इसमें सबसे चौंकाने वाली बात यह है की टेंडर 81.2% बिलो रेट पर मिला है। यानि जिस जांच की कीमत 100 रुपए है कंपनी को उसके 18.80 रुपए ही मिलेंगे। इन सरकारी अस्पतालों में जांच के लिए जो दर निर्धारित की
*छतरपुर पुलिस कस्टडी में युवक की मौत, हत्या या खुदकुशी:* चाचा बोले- बैठे हुए कौन फांसी लगाता है, पुलिस ने नहीं बताया किस आरोप में पकड़ा
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मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में पुलिस ने एक 22 साल के लड़के को 14 फरवरी की सुबह उठाया। शाम तक थाने में ही उसकी मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि उसने आत्महत्या कर ली। लड़के चाचा का कहना है कि जहां लड़का फंसी फर बंधा था। वो सिर्फ 3 फिट ऊंची जगह थी। वो जमीन पर बैठा था।
ऐसे कोई कैसे फांसी लगा सकता है।
किस इल्ज़ाम में उसे उठाया। उसे महिला कक्ष में क्यों रखा जहां कैमरा नहीं था। पैसे की डिमांड हुई। जो दो कांस्टेबल उठा कर लाए उनका पहले ही ट्रांसफर हो चुका था। ऐसी कई बाते है जो पुलिस पर कई सवाल उठा रही है।
पुलिस ने रात 11.30 बजे लाठीचार्ज किया, हम लोग बैठे रहे। इसके बाद 1 बजे वाटर कैनन चलाया। महिलाएं, बच्चे सब भीग गए। रात 2 बजे हमें फिर खदेड़ना शुरू किया। बहुत मारा। हम लोग डर के मारे इधर-उधर भागते रहे। 20 किमी तक दौड़े। अब तक कई लोग मिले नहीं है, पता नहीं वे कहां हैं?
मनोहर बाई
क्या ये जिम्मेदारी सिविल सोसाइटी, विपक्ष और कानूनविदों की नहीं है कि स्कूल ना सिर्फ खुले बल्कि चले! साथी रोहित की रिपोर्ट पढ़िए
अफसरों ने मदरसा बताकर बिल्डिंग पर बुलडोजर चलाया:बैतूल के अब्दुल बोले- सपना टूटा, अब कभी स्कूल नहीं खोलूंगा; ये बच्चों का भविष्य था
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ये सरकार के सबसे सीनियर नेताओं में आते है। इनकी विधानसभा में पीने के पानी में गंदगी होने की वजह से 10 लोगों की मौत हो गई है। इनकी जुबान देखिए इन्हें इस बात की 'घंटा' फर्क है। शर्मिंदगी इनसे कोषों दूर है
देश के सबसे साफ शहर में गंदा पानी पीने से 10 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है जिस शख्स पर लोगों को साफ पानी पिलाने का जिम्मा है वो सवालों को फोकट बता रहे हैं हमारे सवालों को "घंटे" में उड़ा रहे हैं @manishdekoder@GargiRawat@Abhinav_Pan@sanket
हाथी-बाघ कॉरिडोर को मिटाकर मिली कोयला खदान की मंजूरी: हाथी कॉरिडोर से 5 किमी दूर कैसे हुआ जंगल; जानिए, अफसरों की फाइलों का खेल
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मध्य प्रदेश के सिंगरौली में अदानी की कोल माइंस के लिए जंगल काटा जा रहा है। जब इसके क्लीयरेंस किया पूरी प्रक्रिया देखेंगे तो आपको लगेगा कि कोई मजाक चल रहा है। पूरी प्रक्रिया ऐसी की गई है जैसे विभाग सिर्फ क्लीयरेंस देने के लिए ही बैठा हो।
3. सीधी का संजय दुबरी नेशनल पार्क जो की टाइगर रिजर्व भी है वह खदान के बफर से बस 70 मीटर दूर है यह लगा हुआ सतत जंगल है
4. इस साल के पेड़ों का प्राचीन जंगल है। मध्य प्रदेश के कई फॉरेस्ट के पुराने और नई अफसर ने बताया कि मध्य प्रदेश में साल के पेड़ों का वृक्षारोपण सफल नहीं हुआ।