‘आरक्षण सुधार’ के नाम पर ‘आरक्षण समाप्ति’ का षड्यंत्र पीडीए समाज के ख़िलाफ़ एक और गहरी साज़िश है। आरक्षण पीडीए का अधिकार है किसी की इच्छा का विषय नहीं।
भाजपा व उनके संगी-साथी समय-समय पर जिस तरह कभी ‘समीक्षा’ तो कभी ‘सुधार’ जैसे अस्पष्ट शब्दों का प्रयोग कर आरक्षण का विरोध करते हैं या कभी ‘क्रीमीलेयर’ की बात करते हैं या ‘आरक्षण त्यागने’ की सलाह देते हैं, वो सदियों से शोषित-वंचित लोगों को मिले आरक्षण के अधिकार की हक़मारी की लगातार की जा रही कोशिश के अलग-अलग मुखौटे हैं।
आरक्षण था, आरक्षण है, आरक्षण रहेगा!
लंबे समय से संविधान प्रदत्त हिस्सेदारी की व्यवस्था यानी आरक्षण के खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है। अब इसी मुहिम को “आरक्षण में सुधार” जैसे शब्दों की आड़ में आगे बढ़ाने की कोशिश हो रही है।
कान खोलकर सुन लो—आरक्षण कोई खैरात नहीं है। यह सदियों से सामाजिक भेदभाव और वंचना झेलते समाज को संविधान द्वारा दिया गया प्रतिनिधित्व का अधिकार है।
भारत सरकार व लखनऊ दरबार में बैठे सत्ताधीशों, कान खोलकर सुन लो—आरक्षण व्यवस्था में किसी भी तरह की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आरक्षण पर हमला यानी सामाजिक न्याय पर हमला है और सामाजिक न्याय से समझौता आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) किसी भी कीमत पर नहीं करेगी।
हम यह भी देख रहे हैं कि इस पूरे माहौल को बनाने में मीडिया की बड़ी भूमिका है। हमारे हितों के विपरीत विचार रखने वाले लोगों को बार-बार बुलाकर एकतरफा माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है।
लेकिन याद रखिए—हमारे सब्र का इतना इम्तिहान मत लीजिए। अगर हमारी आवाज को लगातार दबाने और नजरअंदाज करने की कोशिश की गई, तो जनता लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देगी।
हम जानते हैं कि मेनस्ट्रीम मीडिया में हमारा पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं है, लेकिन हमारी आवाज को दबाया नहीं जा सकता। मीडिया को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दे पर निष्पक्षता, संतुलन और जिम्मेदारी के साथ अपनी भूमिका निभानी होगी।
और आरक्षण का विरोध करने वालों को आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) खुली बहस के लिए आमंत्रित करती है।
अगर आपके पास आरक्षण के खिलाफ तर्क और तथ्य हैं, तो सामने आइए। बहस हो—तर्क से, तथ्यों से और संविधान के दायरे में।
जय भीम! जय भारत! जय मंडल!
जय संविधान! जय आरक्षण!
सावित्री फातिमा आंबेडकर और भगत सिंह प्रेरणा देते हैं हमें।
ज़ुल्म ज्यादती खिलाफ़ खड़े होने और हक़ अधिकार के लिए लड़ जाने के लिए यही सिखाते हैं हमें।
: @neha_aisa (video: HNP News)
दिल्ली पुलिस, मोदी-शाह की हुकूमत तो सुने ही, आम युवाओं! ये भाषण आपको ज़रूर सुनना चाहिए. इस आंदोलन में 23 दिन तक अनशन पर बैठी @neha_aisa का ये भाषण इस मोड़ पर बहुत ज़रूरी हस्तक्षेप है.
समाज में सदैव सफल वही रहा जिसने कलम को ही अपना हथियार बनाया और बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर जी के विचारों को अपनाया।
ऐसे ही इन विचारों पर चलकर इस बेटी ने भी स्टेट टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर का पद पाकर मुकाम हासिल कर लिया है।
जय भीम
नगीना से सांसद चन्द्रशेखर आजाद ने संसद में दलितों के मुद्दे पर बयान देते हुए कहा कि नेपाल की नई सरकार ने दलित समुदाय से सार्वजनिक माफी मांगने की बात कही है।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “यह सदन उन लोगों से कब माफी मांगेगा, जिनके साथ हजारों वर्षों से अन्याय होता आया है?”
#Chandrasekhar #Parliament
नया मोबाइल भी जेल भिजवा सकता है क्योंकि चोरी का हो सकता है इसलिए फ़ोन ख़रीदने से पहले मोबाइल के डिब्बे में लिखा IMEI नंबर देखें फिर एक मेसेज लिखे। जिसमें KYM और फिर IMEI नंबर लिखे जिसे 14422 में भेज दें तत्काल चोरी का फ़ोन होगा तो जानकारी आ जाएगी वरना सिर्फ मॉडल की जानकारी मिलेगी
जो नास्तिक है, वही भगत सिंह के विचारों का सच्चा सिपाही है। नास्तिकता केवल ईश्वर को न मानने तक सीमित नहीं, बल्कि तर्क, न्याय और मानवता की लड़ाई लड़ने का साहस भी है।
राघव चड्डा ने पार्लियामेंट में कंज्यूमर अधिकार से जुड़ा बेहद अहम और बुनियादी मुद्दा उठाया.
राघव चड्डा ने कहा, यूजर अपने मोबाइल फ़ोन पर जब डेली डाटा रिचार्ज कराता है, तो रिचार्ज प्लान के हिसाब से डाटा यूज लिमिट मिलती है,
यूजर का 1.5 GB, 2 GB या 3 GB डाटा रात को 12 बजे EXPIRE हो जाता है, यूजर का बचा हुआ डाटा कैरी फॉरवर्ड नही होता.
राघव चड्डा ने कहा, यूजर हर डाटा या प्लान पूरा पैसा देता है. अगर 3 GB में 1 GB डाटा बच जाता है तो उसे यूजर को दूसरे दिन मिलना चाहिए.
Monthly प्लान में कंपनी किस तरह डाटा लूट रही है, राघव चड्डा जी का पूरा वीडियो सुनिए. अक्सर हम सबका 30% या 40% तक डाटा बच ही जाता है. इस बचे हुए डाटा पर यूजर का ही अधिकार होना चाहिए.
“ऐसा चाहूँ राज मैं, जहाँ मिले सबन को अन्न
छोट-बड़ो सब सम बसें, रविदास रहे प्रसन्न।”
संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन..!
संत गुरु रविदास जी का सपना था—भूख, भेदभाव और अन्याय से मुक्त समाज।
#संत_शिरोमणि_गुरुरविदास_जयंती@BhimArmyChief@BhimArmy_BEM