🙏🙏Your age doesn’t define your maturity, your grades don’t define your intelligence, and rumors don’t define who you are.🙏🙏At my site office of #SUNIL HI TECH ENGINEER LTD..
मैं 10-12 साल से कार चला रहा हूँ और पहली बार करीब एक महीने पहले ऐसा हुआ कि मेरी कार अचानक बंद हो गई। कोई नोटिफिकेशन भी नहीं आया, जबकि बात-बात पर नोटिफिकेशन देने वाली XC90 Car बस अचानक बंद हो गई।सर्विस सेंटर फोन किया तो उन्होंने कहा कि आजकल ऐसे इश्यू आ रहे हैं। आप 30 मिनट रुक जाइए, उसके बाद धीरे-धीरे सेंटर ले आइए। वैसा ही हुआ... 30 मिनट बाद स्टार्ट हो गई और सेंटर आ गई।वहाँ उन्होंने कहा कि इंजन में कुछ इश्यू है। हमने पूछा क्यों हुआ, तो बोले कि शायद खराब पेट्रोल डल गया होगा, क्योंकि कार 36 जगह जाती है, कहीं भी डल गया होगा।अब मैं सोच रहा हूँ... माइलेज तो कम हुआ है, इसमें कोई दो राय नहीं, लेकिन उतना हम लोग नोटिस भी नहीं करते। मगर सोचिए... अगर इतनी अच्छी, सबसे सुरक्षित कही जाने वाली कारों के इंजन पर भी खतरा आ सकता है, तो भविष्य में हमारे पूरे ट्रांसपोर्ट सिस्टम का क्या होगा?गडकरी जी की गलती हो या पेट्रोलियम मंत्रालय की... लेकिन अगर ईंधन की क्वालिटी या नई फ्यूल पॉलिसी की वजह से लोगों को इंजन का नुकसान, कम माइलेज और लाखों की गाड़ी पर अतिरिक्त खर्च उठाना पड़े, तो इसका जवाब कौन देगा? आखिर आम लोगों की गाड़ियों पर ये कैसा प्रयोग हो रहा है?
"बिहार की जनता के नाम संदेश "
प्रिय साथियों,
आप सभी को राष्ट्रीय जनता दल के 30वें स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ! बिहार के करोड़ों लोगों के लिए 5 जुलाई का दिन विशेष महत्व रखता है क्योंकि 1997 को आज ही के दिन अनेक वरिष्ठ साथियों के साथ मिलकर हमने गरीबों, शोषितों, दबे कुचले वर्गों एवं अकलियतों के हक़ों और अधिकारों की प्राप्ति के लिए राष्ट्रीय जनता दल की स्थापना की थी। यह कोई साधारण दिन नहीं है। इस दिन बिहार एवं देश की राजनीति की दशा एवं दिशा का कायापलट हुआ था।
राष्ट्रीय जनता दल द्वारा गरीबों,शोषितो एवं आम जनमानस की भलाई के लिए किये गए संघर्ष, त्याग एवं बलिदानों के बारे में अगर मैं वर्णन करुं तो शब्द भी कम पड़ जाएंगे। बिहार में व्यापत सामाजिक एवं आर्थिक असमानता और फिरकापरस्ती को नेस्तनाबूद करने के साथ-साथ एक विकसित,मजबूत, समृद्ध, खुशहाल व समतामूलक बिहार के निर्माण के लिए राजद के असंख्यक निस्वार्थ कार्यकर्ताओं एवं वोटरों ने सेवा, त्याग, बलिदान और परिश्रम की देश भर में एक अनूठी मिसाल कायम की है। पार्टी के प्रति समर्पित इन कार्यकर्ताओं के खून-पसीने से ही पार्टी का विस्तार सम्भव हुआ है। यह हमारे कार्यकर्ताओं की ऊर्जा, दृढ़ संकल्प और समर्पण का ही परिणाम है कि प्रतिदिन राजद और मजबूती से आगे बढ़ रही है। पार्टी का हर दौर में साथ देने वाले तमाम नेताओं, साथियों और कार्यकर्ताओं को मैं तहे दिल से सलाम करता हूं।
राजद की प्राथमिकता और प्रतिबद्धता गरीब, पीड़ित, बहिष्कृत, कमज़ोर व मजलूम तबकों की वकालत रही है। बदलते दौर में भी हमारी राजनीति मूलतः सामाजिक आर्थिक ग़ैरबराबरी और फिरकापरस्ती के खिलाफ़ रही है। हमारे विकास का मॉडल चमकते हवाई अड्डे, आलीशान मॉल और चमचमाते होटलों तक सीमित नहीं रहता बल्कि विकास के हरेक पहलू में हम समाज के गरीब एवं आखिरी व्यक्ति की भागीदारी और उसकी हिस्सेदारी के लिए संकल्पित हैं। इन मॉल, होटलों और हवाई अड्डों का निर्माण करने वाले शिल्पकारों, कामगारों, कारीगरों और इनमें काम करने वाले कर्मचारियों एवं उनके परिजनों के जीवन में गुणात्मक तथा सकारात्मक परिवर्तन आए यही हमारा ध्येय है। इससे कम हमें किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है।
हमने सामाजिक और राजनीतिक संरचना में व्याप्त असमानता के खिलाफ निरंतर संघर्ष कर अपने लोकतंत्र को व्यापक, समृद्ध और समावेशी बनाया है। अपनी इस यात्रा में हमने कई ऐसे मुक़ाम हासिल किये हैं जिनकी चार-पाँच दशक पूर्व कल्पना भी असंभव थी। लोहिया, जेपी, कर्पूरी और अंबेडकर के इन मूल्यों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता और प्रगाढ़ हुई है साथ ही हमने वो मंजिल हासिल की है जहाँ से अब आर्थिक और मनोवैज्ञानिक सबलीकरण की लड़ाई को मुकम्मल अंजाम तक ले जाना है। यह विरासत हमारी शक्ति भी है और पूँजी भी!
देश में तमाम जनवादी, प्रगतिशील, समाजवादी और लोकतान्त्रिक विचारधारा से लैस दलों पर निराशा के क्षणिक बादल छाये हैं। Compromised constitutional institutions, आक्रामक बाज़ार, वोटर ही नहीं निर्वाचित जनप्रतिनिधि खरीदने में पूंजी का असीमित उपयोग तथा दक्षिणपंथी प्रतिक्रियावादी राजनीति ने लोकतंत्र के अस्तित्व पर कई चुनौतियाँ खड़ी कर दी हैं। पिछड़ों की भागीदारी, शिक्षा और रोज़गार के अवसरों की समानता, अकलियतों के हक़ूक़,उनकी सुरक्षा,असमान विकास के मुद्दों तथा सरकार की नाकामियों को एक तथाकथित ‘हिंदुत्व के आवरण’ से ढंका जा रहा है।
साथियों, विगत कई राज्यों के चुनाव नतीजों की अगर पड़ताल करें तो मालूम होगा कि बीजेपी संवैधानिक संस्थाओं को कब्जे में लेकर संविधान को दरकिनार कर तानाशाही के बल पर देश को फिर से पीछे धकेलने का प्रयास कर रही है।हमारी राजनीति हमें इस परिस्थिति को स्वीकार करने की इजाज़त नहीं देती। अतः राजद के सभी साथियों को बिना वक़्त जाया किये इस ऐेतिहासिक भूमिका के लिए तैयार होना पड़ेगा।हर कार्यकर्ता और नेता को यह समझना होगा कि हमारा दल सिर्फ ‘चुनाव लड़ने की मशीन’ नहीं है।
समर्थक समूहों और अन्य प्रगतिशील वर्गों के साथ लगातार संपर्क रखकर यह भरोसा दिलाना होगा कि राजद उनके मुद्दों और चिंताओं के लिए संसद और सड़क दोनों ही जगह लड़ने में सक्षम है। साथियों, यह लड़ाई पिछली सारी लड़ाईयों से अलग होने वाली है क्योंकि यह लड़ाई ‘असंवेदनशील सम्पन्नता’ और ‘चेतन विपन्नता’ के बीच कि लड़ाई है।यह लड़ाई ‘मज़बूत’ और ‘मजबूर’ वर्गों के बीच की है,यह लड़ाई संवैधानिक संस्थाओं के असंवैधानिक तरीकों को ख़त्म करने की है,यह संघ और कोर्पोरेट घरानों की नयी जुगलबंदी के बीच की लड़ाई है।ये हिंदुस्तान में गरीबों, किसानों और वंचितों के अस्तित्व की लड़ाई है।अतः छोटी-मोटी चिंताओं और मतभेदों को ताक पर रखकर इस लड़ाई को मुकम्मल अंजाम तक ले जाने के लिए मिलकर लड़ना होगा।
@sshaktisinghydv आपके नेता माननीय हम सब के भाई @yadavtejashwi जी का कोई ट्वीट नहीं आया जी ऐसे कैसे सत्ता में आएंगे जी सिर्फ सोते रहने से अगर मुख्यमंत्री बन जाएंगे तो लग रहा है सपने में शपथ ग्रहण करने पड़ेगा l क्या ये बड़ा मुद्दा नहीं है अगर नहीं है तो आराम कीजिए...
रेलवे Group D के 32,438 पद ,अभी तक रिजल्ट जारी नहीं!
इस भर्ती से जुड़े करोड़ों युवाओं का भविष्य महीनों से अधर में लटका है। जिम्मेदार अधिकारियों को इन छात्रों के भविष्य की चिंता क्यो नहीं दिख रही है
लाखों-करोड़ों युवाओं के जीवन की दिशा को तय करने वाली ऐसी तमाम भर्ती परीक्षाओं के परिणाम क्यो लटक जाते है महीनों बाद भी कुछ पता नहीं चलता ! #rrb_groupd_result_do
मैं पूँछना चाहता हूँ युवाओ के भविष्य उनकी उम्र, उनकी मेहनत और उनके सपनों की कब कद्र की जाएगी ??..
जिसने वर्षों तक पत्रकारिता को TRP, प्रोपेगेंडा और सत्ता के पक्ष-विपक्ष की लड़ाई में बदल दिया हो, उसे शिक्षकों को 'धंधेबाज' कहने से पहले आत्ममंथन करना चाहिए।
शिक्षा में गलत लोग भी हैं।
लेकिन पत्रकारिता में भी हैं।
राजनीति में भी हैं।
व्यापार में भी हैं।
तो क्या कुछ गलत लोगों के कारण पूरे शिक्षक समाज को "दो कौड़ी का" कह दिया जाएगा?
anjana शिक्षक का सम्मान कमाने में वर्षों लगते हैं।
भर्तियाँ अटक रही थीं,
लाखों युवाओं की उम्र निकल रही थी,
तब आपके स्टूडियो की आवाज़ कहाँ थी?
शिक्षकों ने पैसे लेकर शिक्षा दी है।
लेकिन पैसे लेकर किसी राजनीतिक दल का प्रवक्ता बन जाना,
व्यवस्था की हर गलती पर पर्दा डालना,
और जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाना...
यह सिर्फ पत्रकारिता का पतन नहीं,
बल्कि अपने पेशे के साथ गद्दारी है।
शिक्षक फीस लेकर ज्ञान देता है,
मेहनत करवाता है,
बच्चे का भविष्य बनाता है
शिक्षकों ने पैसे लेकर पढ़ाया है,
देश के लाखों युवाओं को रोजगार तक पहुँचाया है।
लेकिन गलत को सही और सही को गलत साबित करने की कीमत लेकर काम करना,
समाज और लोकतंत्र दोनों के साथ विश्वासघात किसने किया ?
@firstbiharnews ऐसे तो हिंसा का बढ़ावा नहीं देना चाहिए लेकिन ये बंदा सही बोल रहा है क्योंकि जब दुसरे लोगों पर हमला होता है तब तुम मंत्री रहते रोड छाप जैसे भाषा में जवाब देते हो और आज जब तुम्हारा किसी अपने परिवार पर हमला होगा तो सभी यादव लोगों को टारगेट कर रहे हो ये कहा तक सही है मंत्री साहब
पापा, आपने जिस कुशल, समृद्ध और मजबूत भारत का सपना देखा था, उसे साकार करने की जिम्मेदारी मैं पूरी करूंगा।
आपकी सीख, आपके संस्कार और आपकी यादें हमेशा मेरे साथ रहेंगी।
@AnilYadavmedia1 कांग्रेस के समर्थक कह रही है कि जिस तरह से आप सत्ता में आए थे ये बोल कर कि बहुत हुई मंहगाई की मार अबकी बार मोदी सरकार वैसा लग नहीं रहा है कि महंगाई बेरोज़गारी जैसी समस्या कुछ कम हो पाएगा क्या ये सच है मोदी जी महंगाई अब कम नहीं होगा,2-2 करोड़ नौकरी भी नहीं मिलेगा क्या...
@YdvkulSanskriti ये सारा सर गलत हुआ है मांझी बहुत दिनों से बेतुका बयान बाजी भी करते रहता है यादव समाज को लेकर इस बार जो यादव बैठक हो रहा है चाहे जिस भी जिला में है उसको रद्द करके निर्दोष को न्याय के लिए उचित कदम उठाना चाहिए l
सीतापुर
महिला आरक्षण पर हमारे आवास पर प्रदर्शन करने आई बीजेपी की माताओं बहनों तथा प्रेस के साथियों से वार्ता
हम फिर कह रहे हैं समाजवादी पार्टी महिला आरक्षण के पक्ष में है
हमारी पार्टी की माँग है 2027 के विधान सभा चुनाव में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू किया जाए.