I never let schooling interfere with my education.
Re-tweets/Likes more often that not simply mean something caught my fancy. Not always endorsing them.
तुम से पहले वो जो इक शख़्स यहाँ तख़्त-नशीं था
उस को भी अपने ख़ुदा होने पे इतना ही यक़ीं था
कोई ठहरा हो जो लोगों के मुक़ाबिल तो बताओ
वो कहाँ हैं कि जिन्हें नाज़ बहुत अपने तईं था
आज सोए हैं तह-ए-ख़ाक न जाने यहाँ कितने
कोई शोला कोई शबनम कोई महताब-जबीं था
~ हबीब जालिब
@rameshsrivats@ok_bhai_ok You sure they cleaned up? Furthermore, it may bring about a big debate but the incident shows the chasm between the poor and the rich in this country.
@pkray11@GloriousKranti आपकी राय माकूल है पर इस पचड़े में पड़े कौन? खुद मेरी गाड़ी के टॉर्क पर मुझे संदेह है, पर कहां तक भागता फिरूं?
ऐन इसी कारण से गलत ट्रैफिक चालान पर भी लोग भर देते हैं क्योंकि ट्रैफिक पुलिस वाला बोलता है कि अगर आपको लगता है कि हमने गलत किया है तो कोर्ट में देख कैंसल करा लीजिएगा।