मध्यप्रदेश की धूल-धक्कड़ भरी पगडंडियों पर आज भी न्याय उसी तरह लड़खड़ाता चलता है, जैसे किसी बूढ़े किसान की बैलगाड़ी – धीमे, थके हुए, और बोझ से दबी हुई। ऊपर से देखने पर सब ठीक लगता है —पोस्टर झिलमिलाते हैं, भाषण गूंजती है, और घोषणाएं नदी की तरह बहती हैं।
पर भीतर की मिट्टी खुरच कर देखिए,
सबसे बड़ा सच वहीं छिपा है — “ओबीसी आरक्षण की लड़ाई और सरकार का मौन”।
@baagi_kamlendra
@Narendarmodi122
माननीय मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी 11 सितंबर 2023 महापंचायत में की गई घोषणाएं पूरी करें दीपावली के पहले जो अतिथि विद्वान फॉलन आउट हुए हैं उन्हें जल्द से जल्द अंदर लिया जाए
अरे शिवराज ज़ी पहेलियाँ बुझाना बंद करें थोड़ा जवाब दीजिये।महाविद्यालयीन अतिथि विद्वान शिक्षकों के महापंचायत की घोषणा क़्या एक जुमला धोखा था??अगर जुमला नहीं था तो आज तक विद्वानों का स्थाइत्व समायोजन एवं फिक्स मासिक वेतन का आदेश जारी क्यों नहीं हुआ??
किसानों कों तो ठग ही रहें हो अब कलम के पुजारियों कों भी ठगने लगे।बिना देर किए मिलिए अब पर्ची वाले मंत्री मुख्यमंत्री से।
फेल भाजपा शर्मनाक सरकार.
@DrMohanYadav51@ChouhanShivraj@BJP4India