जौहरकुंड में कूदी महिलाओं को संदर्भ में लाकर आज की दुष्कर्म पीड़िताओं का मुकदमा लड़ना दोनों के साथ अन्याय है। स्वरा भास्कर विवाद पर यह लेख हिंदी में भी उपलब्ध है। अनुवाद के लिए @dhirendrarai_ जी का धन्यवाद।
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She comes from a Muslim family, her parents were getting her married without her consent. As she was frequently tortured she left her house few months back when she was 18 years 2 months. She is intelligent that is why she decided to leave Islam and marry a Sanatani Hindu.
BUT few Hindu traitors (I shall disclose their identity some other day) caught hold of her and gave her back to her family.
She found herself helpless and screamed for help, #SinghaBahini boys rescued her from the captivity of her Jihadi family.
It's almost 2 months now she is staying happily with us.
Today she visited KALIGHAT and took blessings of MAA KALI and from there she came to meet me. We had lunch together and discusssed a lot of things.
Introducing Zehnab Khatoon (NC) now Parvati, thanks to SinghaBahini supporters and activists for their consistent commitment and hard work.
We are blessed and fortunate to be born as Hindus, however we always work, inspire and support anyone who wants to progress and become Hindus.
Join and Support #SinghaBahini
#GharWapsi #bajrangbali #bjpwestbangal #devduttamaji #আদিনাথ_মন্দির #ShyamaPrasadMukherjee #SuvenduAdhikari #Kalimata #SinghaBahini #jaishreeram
Nadeem, Anwar and a group of armed Islamists stormed a Hindu home in Pune.
They put a pistol to the mother’s head, beat her, looted cash and snatched the gold chain from her neck, then forcibly took her daughter away in a car.
A Hindu girl dragged out of her house @PuneCityPolice@Dev_Fadnavis — arrest every accused, recover the girl, no delays, no soft handling
My father needs urgent surgery after an accident. Cost: ₹5.5L. We informed you 8 days ahead, yet cashless was denied citing “in depth investigation needed” despite your representative verifying everything. Surgery is now postponed. Please share this as much as you can.🙏🏼
My family and I had the good fortune of watching Hanuman Ansh in Jammu last night. What a masterpiece! Such powerful direction and brilliant acting can only happen when an entire team is truly blessed, devoted to Shri Hanuman Ji and, of course, Neem Karoli Baba.
If you haven’t watched the movie yet, I strongly recommend it. It is a must-watch! Bharat deserves such movies, there is much to cover. Jai Shree Ram! 🙏🚩
एक गरीब ब्राह्मण की स्थिति देखिए 👇
इनके लिए न कोई बजट आता है।
न कोई सवर्ण आयोग है , जो इनलोगों की मदद करे।
सरकार की नजरों में गरीब तो सिर्फ SC ST OBC है?
सत्ताधारी रही BJP और कांग्रेस के सवर्ण नेता कभी इनकी मदद नहीं करते हैं
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🚨 बरगदिया गाँव में भूख से जूझता एक ब्राह्मण परिवार …
सबसे दर्दनाक बात ये है कि …
बच्चों की थाली में महीनों से दाल-सब्जी नहीं, सिर्फ सूखे चावल, नमक और थोड़ा तेल है। 😢
अर्पिता पांडे नाम की यह महिला अपने तीन मासूम बच्चों के साथ ऐसी गरीबी में जी रही हैं, जिसे “गरीब” कहना भी कम होगा। यह परिवार महा-गरीब है। घर का हाल इतना बुरा है कि दीवारें टूट-फूट चुकी हैं, छत कहीं-कहीं धँसी हुई है और पूरा मकान खंडहर जैसा लगता है।
सबसे दर्दनाक बात यह है कि इनके तीन छोटे-छोटे बच्चे आज नहीं, बल्कि कई महीनों से भूखे पेट सो रहे हैं। उनका रोजाना का भोजन सिर्फ सूखे चावल में नमक और थोड़ा तेल मिलाकर बनाया जाता है। न दाल, न सब्जी, न दूध… सिर्फ वही एक थाली जो भूख मिटाने के बजाय सिर्फ जिंदा रहने के लिए काफी है।
जब अर्पिता पांडे ने रो-रोकर अपना दुख सुनाया तो रूहें थर्रा गई 🥹💔
अयोध्या के बरगदिया गाँव का यह परिवार अब आपकी नजर में है। अगर आप मदद करना चाहते हैं, तो आगे बढ़कर हाथ बढ़ाएँ।
क्योंकि भूख से लड़ते इन मासूम चेहरों को देखने के बाद, चुप रहना संभव नहीं।
माँ के निधन के बाद पैतृक गाँव लौटा बेटा, अब जान बचाने की गुहार, SC-ST Act की धमकियों से हालात ऐसे कि कह रहा है: “या तो गाँव छोड़ना पड़ेगा, या मेरी जान चली जाएगी!”
"मैं राजपूत ठाकुर जाति से संबंध रखता हूँ और मेरा जिला बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश है। दरअसल, मैं काफी लंबे समय से दिल्ली में रह रहा था। अभी दो महीने पहले मेरी माता का निधन हुआ, तो मुझे अपने पैतृक गाँव में आकर रहना पड़ा।
तो यहाँ की स्थिति ये है कि मेरे पड़ोसी जो भीम आर्मी संगठन से जुड़े हुए हैं। उन लोगों ने मुझे इतना बुरी तरह से प्रताड़ित कर रखा है कि वे मेरे घर में जबरदस्ती घुसने का प्रयास करते हैं, मुझे हमेशा गालियाँ देते हैं, धमकियाँ देते हैं और आते-जाते हुए रास्ते में मुझे परेशान करते हैं।
मेरे पास वीडियो साक्ष्य भी मौजूद हैं, जिसमें मुझसे ये तक कहा गया है कि, तू हमारी तरफ देखता क्यों है? तू हमारी तरफ देखेगा नहीं और तू जमीन कि तरफ नीचे नज़र करके चलेगा, हमारे सामने।
मैंने पुलिस को भी इस संबंध में कई बार शिकायत दी है। एक महीने से मैं कई बार पुलिस को शिकायत दे चुका हूँ। पुलिस का हमेशा आश्वासन रहता है कि कार्रवाई की जाएगी।
इसी क्रम में आज सुबह मेरे साथ इन लोगों ने मारपीट की है, गाली-गलौज की है और मुझे धमकी दी है कि हम तुम्हें फर्जी एससी-एसटी एक्ट और महिला उत्पीड़न के केस में किसी न किसी तरह फँसाकर जेल भेजवा देंगे। तुम्हें आज के आज यहाँ से जाना पड़ेगा, या तो तुम यहाँ से कहीं बाहर चले जाओ, नहीं तो हम तुम्हें जेल भेज देंगे।
मेरे घर में बहुत सारे लोग नहीं हैं। दरअसल, मैं अकेला हूँ और मेरे वृद्ध पिता हैं। मेरा बहुत बुरी तरह से शोषण और उत्पीड़न किया जा रहा है।
तो मेरा सभी संगठनों से, जो भी सवर्ण संगठन हैं या जो भी इस तरह के कुकृत्यों के संबंध में हम जैसे लोगों की रक्षा करते हैं या सुरक्षा करते हैं, उनसे निवेदन है कि मेरी सुरक्षा की जाए।
आज जिस तरह से मेरे साथ मारपीट की गई है, मुझे अपनी हत्या तक किए जाने का डर है। अगर मुझे कुछ होता है तो यही लोग, जिनके खिलाफ मैंने शिकायत और प्रार्थना पत्र में नाम दिया है, वही लोग उसके जिम्मेदार होंगे।
इन लोगों के द्वारा गलियों में तलवारें लहराई जाती हैं, गली में नीला गमछा डालकर और तरह-तरह से मुझे उत्पीड़ित किया जाता है।
तो मेरा यही निवेदन है कि सभी लोग मेरी सुरक्षा सुनिश्चित करें, क्योंकि मैं पुलिस में भी कई बार कंप्लेंट दे चुका हूँ। आज पुलिस के द्वारा मुझे आश्वासन दिया गया है कि जो संबंधित लोग मुझे प्रताड़ित कर रहे हैं, उनके खिलाफ आज मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
परंतु मेरा कहना ये है कि अगर मुझे इसी तरह प्रताड़ित किया गया और मेरे बचाव में कोई संस्था या कोई लोग नहीं आते हैं, या मेरे ऊपर किसी तरह का फर्जी मुकदमा दर्ज होता है, तो मेरे पास दो रास्ते होंगे। एक रास्ता होगा कि मैं अपने प्राणों की आहुति दे दूँ या अपनी जीवन समाप्त कर लूँ, क्योंकि मैं एक पढ़ा-लिखा व्यक्ति हूँ और मुझे इस तरह प्रताड़ित करके या जेल भेजने का अगर काम किया जाएगा, तो मैं अपने प्राण देने के लिए मजबूर रहूँगा और मेरे पास इसके अलावा कोई रास्ता नहीं होगा।
इसके अलावा, मुझे पलायन करना पड़ेगा। मुझे समझ में नहीं आता कि मेरे कई पीढ़ियों से मेरे पूर्वज यहाँ पर रहे हैं, तो अचानक ऐसा क्या हुआ है कि मुझे यहाँ से भगाया जा रहा है।
चूँकि मेरा घर इस गाँव में अंतिम पंक्ति में है, ठाकुरों के गाँव में जो घर होते हैं, उसकी अंतिम पंक्ति में मेरा घर है। इन लोगों की कम्युनिटी ने चारों तरफ घर बनाकर हमें चारों तरफ से घेर रखा है।
तो अब इन लोगों का ये है कि इन्होंने मुझे वल्नरेबल समझ लिया है कि मैं इनके लिए बहुत ईज़ी टारगेट हूँ।
तो अगर मेरी किसी तरह हत्या हो जाती है या मुझे किसी केस में फँसाया जाता है, तो उसके लिए वही लोग जिम्मेदार होंगे।
मेरे पास दूसरा रास्ता ये भी है, जो मेरे दिमाग में आ रहा है, कि मुझे धर्म परिवर्तन कर लेना चाहिए, ताकि मेरे ऊपर से ये ठाकुर वाला दाग हट जाए। इसको मैं दाग कहूँगा।
एक्चुअली, मैं इस पर पहले गर्व महसूस करता था। गर्व इसलिए महसूस करता था कि हमारे पूर्वजों ने काफी वीरताएँ दिखाई हैं, युद्ध लड़े हैं और कई युद्ध जीते हैं। उन्होंने देश को आगे बढ़ाने में प्रयास किया है।
लेकिन अभी मुझे इस बात का भय है कि जिस जाति से मैं बिलॉन्ग करता हूँ, वही जाति मेरे प्राणों के लिए काफी कष्टकर साबित हो रही है।"
निर्धन ब्राह्मण परिवार सरकारी योजनाओं से बाहर
फर्रुखाबाद जिले में एक ब्राह्मण परिवार को सरकारी राशन समेत कई कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलने को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा है।
तंज करते हुए लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब किसी परिवार को “क्रीमी लेयर” या संपन्न वर्ग मानकर योजनाओं से बाहर रखा जाता है, तो क्या वास्तव में उसे सरकारी राशन की जरूरत नहीं होती?
लोगों का कोई रोल नहीं है एक प्लानिंग के तहत बदनाम किया गया है अब कुछ दिन के बाद घुमा फिरा कर एस्सेल ग्रुप या जी न्यूज अंबानी या अदानी का हो जायेगा
लोगों का मसाला बाला टापिक्स चाहिए जो प्लानिंग के तहत दे दिया हाथ में
अच्छा खासा मामला 6.55 करोड़ में निपट रहा था लेकिन लोगों ने वायरल करके जहमत फैला दी।😀
आज NCLT की 5 सदस्यीय बेंच ने Subhash Chandra के रीपेमेंट प्लान की मंजूरी वाले ऑर्डर पर अस्थायी रोक लगा दी है।
साथ ही इसमें उन्होंने इन्सॉल्वेंसी में शामिल सभी पार्टियों को नोटिस भी भेजा है।
सुभाष चंद्रा को सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से किसी भी प्रॉपर्टी को बेचने पर भी रोक लगा रखी है।
अब इस इन्सॉल्वेंसी प्रक्रिया के तहत मिले 99.97% हेयरकट मामले में NCLT दोबारा सुनवाई करेगी।
कोलकाता में रहने वाली 70 साल की करुणा घोष की कहानी सुनकर सबकी आँखें भर आईं
जिस उम्र में लोग आराम करते हैं, उस उम्र में वो आज भी 3 घरों में बर्तन-झाड़ू का काम करती हैं
क्यों? क्योंकि घर पर उनके दो बच्चे हैं
जो उनका इंतजार करते हैं। बेटी 50 साल की
और बेटा 40 साल का...Real news
ये वीडियो आपको झकझोर देगी!
इनका नाम प्रीति है। बताया जा रहा है कि वह वर्ष 2019 से पायलट बनने की तैयारी कर रही हैं और SC समुदाय से आती हैं।
प्रीति का आरोप है कि जहां पायलट बनने की प्रक्रिया में सामान्यतः लगभग 3 साल लग सकते हैं, वहीं जातीय भेदभाव के कारण उन्हें इस संस्थान में 7 साल से संघर्ष करना पड़ रहा है। उनकी उम्र 34 साल की है अब और 35 साल तक पायलट बन सकते हैं और उनका कहना है कि उनके बाद आने वाले कई विद्यार्थी पायलट बन चुके हैं, लेकिन उनका सपना अभी भी अधूरा है।
अगर उनके आरोप सही हैं, तो यह बेहद गंभीर और दुखद मामला है। किसी की जाति उसके सपनों और अवसरों के बीच दीवार नहीं बननी चाहिए।
बहन प्रीति के संघर्ष को देखकर सच में बहुत दुख हुआ। उम्मीद है कि उन्हें न्याय मिले और उनका पायलट बनने का सपना जल्द पूरा हो। 🙏
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मां बाप से पैसे लिए इलाज किया फिर गंभीर बच्चे को अस्पताल से बाहर कर दिया माता-पिता बच्चे को लेकर बाहर बैठे है क्या यही सिस्टम है भारत देश का 😡
सभी साथी सपोर्ट करिए ये सामाजिक मुद्दा है करवाई होनी चाहिए