SMART Cities? Or SINKING cities? A newly built road in Surat collapses, swallowing a water tanker. Every monsoon exposes the same story: poor construction, zero accountability, and public money literally sinking into the potholed ground. Will Govt give us an audit of where the Smart City funds went? Or some questions can’t be asked? 😡
This was too depressing to watch!
Two college girls were electrocuted after rainwater under Nerul's LP Bridge became electrified due to a short circuit.
These politicians are living lavishly while ordinary people are left to die.
मध्य प्रदेश का छिंदवाड़ा इतना विकसित हो गया है कि,
एक गर्भवती महिला को अस्पताल लेने जाने के लिए एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई।
और एंबुलेंस के रूप न्यूली अपडेटेड चारपाई गाड़ी का प्रयोग किया गया
भ्रष्टाचार के आरोपों का जवाब, भ्रष्टाचार का आरोप नहीं होता!!!
मैथ्स समझ रखा है क्या
माइनस x माइनस = प्लस
दूसरे का भ्रष्टाचार तुम्हारा अपना भ्रष्टाचार कैंसिल नहीं कर देता!!😂😂😂
हिंदुओं को गुरुद्वारा जाने की चुल्ल मची रहती है, इसलिए ये लोग मारते हैं। वीर पुरुष हैं, निहंग हैं, निहत्थों पर वीरता ऐसे ही निकलती है। मज़ार और गुरुद्वारा जाना ही क्यों है? तुम्हारे मंदिर कम हो गए हैं? वो नहीं मानते तुम्हें अपना, तुम क्यों चिपकना चाहते हो? उनका समाज भी कभी इस पर सामूहिक रूप से नहीं बोलता।
उनके लिए तुम बिहारी, भैये और कुत्ते-सूअर जैसे हो। नस्लभेद, घटिया जातिवाद और क्षेत्रवाद का भौंडा प्रदर्शन हो रहा है।
राम मंदिर चढ़ावा केस में नया विस्फोट, चांदी के कागभुसुंडि भी गायब होने का आरोप। अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा और दान से जुड़े विवाद में अब एक और हैरान करने वाला दावा सामने आया है। आरोप है कि रामलला को दान में दिए गए चांदी के कागभुसुंडि भी गायब हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अनीता भारद्वाज नाम की महिला श्रद्धालु का दावा है कि उन्होंने महासचिव चंपत राय को चांदी के कागभुसुंडि सौंपे थे। मंदिर में अत्यधिक भीड़ होने के कारण उन्होंने कारसेवकपुरम में दान दिया था, लेकिन कई बार संपर्क करने के बाद भी उन्हें रसीद नहीं दी गई। इससे पहले भी कई श्रद्धालुओं और संगठनों की ओर से चांदी की ईंटें, रत्नजड़ित हार और चांदी की चरण पादुका गायब होने के आरोप लगाए जा चुके हैं।
#Breakingnews #Ayodhyarammandir | @ayodhya_police@dmayodhya@UPGovt
चंपत राय ट्रस्ट का गिरोह ऐसा अनैतिक है कि इन लोगों ने अभी तक मंदिर परिसर से स्वयं को अलग नहीं किया है। ये वहीं जमे हुए हैं।
हर दिन ऐसी कहानियाँ आ रही हैं कि हमारी चाँदी की 200 ईंटें रख लीं, रसीद नहीं दिया; हमारी कागभुशुंडी की मूर्ति ले ली, रसीद नहीं दिया; हमारे सोने की मूर्ति ले ली, रसीद नहीं दिया…
ये लोग इतने आरोपों के उपरांत भी न तो ट्रस्ट से सांकेतिक रूप से हट रहे हैं, न इसका खंडन कर रहे हैं। पर हाँ, भाजपा-संघ आदि ने अब त्यागपत्र, पद से हटने की परंपरा समाप्त कर दी है।
चार छोटे लोग हटा दिए जाएँगे, सही जवाबदेही कभी तय
नहीं हो पाएगी।
बिहार में जब से राज्यपाल सैयद अता हसनैन साहब आए हैं, विश्वविद्यालयों में विचित्र समस्याएँ होने लगी हैं। पहले की एड-हॉक नियुक्तियाँ रद्द की जा रही हैं, और उनकी जगह पर किसे रखा जाएगा यह पता नहीं है।
लेकिन मुख्य समाचार वह नहीं है। हाल ही में बिहार में 'डिग्री कॉलेज' खुले हैं और उसमें नियुक्तियाँ होनी थी। चूँकि कॉलेज है तो, अर्हता कॉलेज स्तर के प्रोफेसर की होनी चाहिए, परंतु इन्होंने कह दिया कि स्कूल के जिन शिक्षकों के पास पीएचडी है, वो इन डिग्री कॉलेजों में पढ़ा सकते हैं। कोई लॉजिक नहीं है इस बात का।
इन्होंने विश्वविद्यालयों में नियुक्तियों के लिए जितनी बार ड्राफ्ट नियम निकाले, हर बार वो UGC के विरोध में थे। जैसे कि MPhil का कॉन्सेप्ट अब नहीं है, पर इन्होंने वो भी जोड़ा। पीएचडी सर्वोच्च डिग्री है, पर वेटेज JRF का 18, पीएचडी का 10 किया है।
डिग्री कॉलेज का सत्र 1 जुलाई से आरम्भ होना है और आज यह अधिसूचना आई है कि 9-12 तक को पढ़ाने वाले शिक्षक, इन कॉलेजों में पढ़ाएँगे। गवर्नर साहब यह तो बताएँ कि 7 दिनों में शिक्षक से प्राध्यापक वो कैसे बन जाएँगे और विषय की गहराई कैसे माप लेंगे?
और, ये नियुक्तियाँ आप प्राध्यापक के पदों पर पूरे राज्य में एड-हॉक पर पढ़ाने वाले युवा प्रत्याशियों को नहीं दे सकते थे? इतने दिन से विभाग कर क्या रहा था? क्या UGC की गाइडलाइंस पढ़ने वाला कोई नहीं मिला या अपने विवेक से ऐसे निर्णय लिए गए?
आपने PET के माध्यम से जो बच्चे नियुक्ति पाते थे, उसे किस कारण से निरस्त कर दिया गया? अब बिहार के बच्चे क्या करेंगे जो NET की जगह PET के माध्यम से आया करते थे? आप बिहार में एकरूपता कैसे ला सकते हैं जहाँ बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में कॉलेज ३ महीने चल ही नहीं पाते?
राज्यपाल महोदय से आग्रह है कि थोड़ी प्रैक्टिकैलिटी लाएँ, CM @samrat4bjp इसे देखें कि उच्च शिक्षा विभाग कर क्या रहा है। बिहार आख़िर UGC रेगुलेशन को क्यों फॉलो नहीं कर रहा? बच्चे NET क्वालीफाई कर के बैठे हुए हैं और आप स्कूल के शिक्षकों को किस आधार पर प्रमोट कर रहे हैं?
@ABVPVoice आप लोग क्या कर रहे हो? सड़कों पर उतरो ये आप ही लोगों के अधिकार की बात है।