जिन्होंने अंग्रेजों के साथ मिलकर आदिवासियों का हमेशा शोषण अत्याचार किया था!!
आज उन्ही का राज आ गया है इसलिए मानगढ़ को "राष्ट्रीय स्मारक" का दर्जा नहीं देंगे!'
#मानगढ़_शहीदों_का_अपमान
बीजेपी सरकार ने ना केवल आदिवासी समुदाय का अपमान किया है बल्कि उन 1500 से आदिवासियों का भी अपमान किया है जो शहीद हुए है!!
बीजेपी वालो तुम्हे जीते जी आदिवासी समुदाय माफ नहीं करेगा!!
#मानगढ़_शहीदों_का_अपमान
जोहार साथियों! 🙏🏹
बहुत खुशी और उत्साह के साथ आप सभी से साझा कर रहा हूँ कि मेरी नई पुस्तक “संविधान सभा में आदिवासी” अब पूरी तरह तैयार होकर आपके बीच आ गई है।
जिन साथियों ने पुस्तक के लिए ऑनलाइन ऑर्डर किया था, उनके लिए पुस्तक भेजने की प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है। जल्द ही यह पुस्तक आप सभी के हाथों में होगी।
यह पुस्तक मेरे लिए केवल एक किताब नहीं, बल्कि भारतीय संविधान के निर्माण में आदिवासी समाज की भूमिका, उसकी आवाज़, उसके संघर्ष और उसके संवैधानिक अधिकारों को सामने लाने का एक प्रयास है।
अक्सर जब हम संविधान निर्माण की बात करते हैं तो हमारी चर्चा कुछ चुनिंदा नेताओं और मुद्दों तक सीमित रह जाती है। लेकिन संविधान सभा में आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने भी अपने समाज, जल-जंगल-जमीन, संस्कृति, परंपरा, स्वशासन, पहचान, शिक्षा, प्रतिनिधित्व और अधिकारों को लेकर बेहद महत्वपूर्ण हस्तक्षेप किए थे।
“संविधान सभा में आदिवासी” इन्हीं चर्चाओं, सवालों और संघर्षों को दस्तावेज़ों, बहसों और ऐतिहासिक संदर्भों के माध्यम से समझने का प्रयास है।
पुस्तक के अनुक्रम को देखकर ही आप अंदाजा लगा सकते हैं कि इसके भीतर संविधान सभा में आदिवासी समाज से जुड़े कितने महत्वपूर्ण और अनछुए सवालों पर चर्चा की गई है।
मेरी कोशिश रही है कि संविधान सभा की बहसों और ऐतिहासिक दस्तावेज़ों के आधार पर उन आवाज़ों को सामने लाया जाए, जिन्हें मुख्यधारा के इतिहास में अपेक्षित स्थान नहीं मिल पाया।
अगर आप आदिवासी इतिहास, भारतीय संविधान, संविधान सभा, लोकतंत्र, स्वशासन, आदिवासी अधिकार और राष्ट्र-निर्माण को समझना चाहते हैं, तो यह पुस्तक आपके लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।
मैं चाहता हूँ कि यह पुस्तक केवल विश्वविद्यालयों और पुस्तकालयों तक सीमित न रहे, बल्कि आदिवासी समाज के युवाओं, विद्यार्थियों, शोधार्थियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों, शिक्षकों और इतिहास में रुचि रखने वाले हर व्यक्ति तक पहुँचे।
जिन साथियों ने पहले ही ऑर्डर किया है, उनका दिल से आभार। और जो साथी इसे पढ़ना चाहते हैं, वे ऑनलाइन ऑर्डर कर सकते हैं।
आपका प्यार और समर्थन मेरी पहली पुस्तक “राष्ट्र निर्माण में आदिवासी” की तरह इस पुस्तक को भी मिले, यही उम्मीद है।पढ़िए, सवाल कीजिए और इतिहास को उसके वास्तविक संदर्भों में समझिए।
जोहार! 🌿
जय आदिवासी!
जय संविधान!
#संविधान_सभा_में_आदिवासी
आज कल उदयपुर में दिनों दिन बाइक चोरी की वारदात बढ़ती जा रही है
सवीना थाना क्षेत्र से सुबह अली मॉर्निंग 5/8/26
को 5 बजे मेरे रूम से यह बाइक ग़ायब हो गई हे
सवीना थाना पुलिस ढूंढने में सहायता करें
@IgpUdaipur@RajPoliceHelp@UdaipurPolice@PoliceRajasthan
आज कल उदयपुर में दिनों दिन बाइक चोरी की वारदात बढ़ती जा रही है
सवीना थाना क्षेत्र से सुबह अली मॉर्निंग 5/8/26
को 5 बजे मेरे रूम से यह बाइक ग़ायब हो गई हे
सवीना थाना पुलिस ढूंढने में सहायता करें
@IgpUdaipur@RajPoliceHelp@UdaipurPolice@PoliceRajasthan
मानगढ़ धाम केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि हजारों आदिवासी शहीदों के बलिदान का प्रतीक है। यदि इसे राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देने से इनकार किया जाता है, तो यह आदिवासी इतिहास और शहादत के सम्मान पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है।
#मानगढ़_धाम_विरोधी_बीजेपी