ऐसी अनियमितताओं पर लगाम लगाने के लिए अबुआ आवास योजना सहित हर सरकारी योजना में स्थलीय निरीक्षण और भूमि की प्रकृति की सख्त जांच को अनिवार्य करना चाहिए। इससे न तो नियमों का उल्लंघन होगा और न ही जनता या सरकारी खजाने को नुकसान होगा।
गिरिडीह जिला स्थित बगोदर प्रखंड के खेतको गांव में वन विभाग द्वारा एक निर्माणाधीन मकान को तोड़ने की कार्रवाई को लेकर काफी चर्चा हो रही है।
वन विभाग की कार्रवाई वैधानिक और पर्यावरणीय दृष्टिकोण से सही है। वनरक्षियों ने अपने कर्तव्य का पालन किया है।
बगोदर खेतको के अंचल द्वारा गलत तरीके से भूमि प्रतिवेदन दे कर वनभूमि में अबुआ आवास का अवैध निर्माण भी करवाया गया और साथ ही नियमसंगत करवाई करने वाले वनरक्षियों पर FIR भी करवाया। अवैध निर्माण को ध्वस्त करने वाले कर्तव्यनिष्ठ वनरक्षियों के खिलाफ राजनीति चमकाने के लिए रैली भी निकला
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव से चौंकाने वाला मामला सामने आया है. शिक्षकों की मांग को लेकर डीईओ कार्यालय पहुंची बच्चियों को डीईओ ने फटकार लगा दी और जेल भेजने की धमकी दे दी.
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पिछली भाजपा सरकार की तरह आपकी अबुआ सरकार ने
❌ लाखों राशन कार्ड निरस्त नहीं किए
✅ बल्कि 20 लाख नये बनाये
❌ लाखों लोगों को पेंशन से वंचित नहीं किया
✅बल्कि 25 लाख नये जोड़े
✅ बिजली में 200 यूनिट मुफ़्त देते हुए भी बिजली विभाग मुनाफ़े की ओर
✅ 66 लाख परिवारों को वर्ष में दो बार कपड़े
भाजपा के सरकार गिराने, विधायकों की ख़रीद - फ़रोख़्त, कोरोना एवं मुझे जेल भेजने के कुत्सित प्रयासों के बावजूद हम कार्य करते रहें और करेंगे।