@dmraebareli@UPGovt@raebarelipolice विषय है कि रायबरेली के जगतपुर स्थित "राणा बेनी माधव सिंह स्मारक इंटर कॉलेज, शंकरपुर" के सामने लगा हमारा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फट गया है।राष्ट्र गौरव और तिरंगे की गरिमा को बनाए रखने के लिए कृपया इसका तुरंत संज्ञान लें #FlagCodeOfIndia
@dmraebareli@UPGovt@raebarelipolice विषय है कि रायबरेली के जगतपुर स्थित "राणा बेनी माधव सिंह स्मारक इंटर कॉलेज, शंकरपुर" के सामने लगा हमारा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फट गया है।राष्ट्र गौरव और तिरंगे की गरिमा को बनाए रखने के लिए कृपया इसका तुरंत संज्ञान लें #FlagCodeOfIndia
@dmraebareli@UPGovt@raebarelipolice विषय है कि रायबरेली के जगतपुर स्थित "राणा बेनी माधव सिंह स्मारक इंटर कॉलेज, शंकरपुर" के सामने लगा हमारा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फट गया है।राष्ट्र गौरव और तिरंगे की गरिमा को बनाए रखने के लिए कृपया इसका तुरंत संज्ञान लें #FlagCodeOfIndia
@dmraebareli@UPGovt@raebarelipolice विषय है कि रायबरेली के जगतपुर स्थित "राणा बेनी माधव सिंह स्मारक इंटर कॉलेज, शंकरपुर" के सामने लगा हमारा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फट गया है।राष्ट्र गौरव और तिरंगे की गरिमा को बनाए रखने के लिए कृपया इसका तुरंत संज्ञान लें #FlagCodeOfIndia
@isro के पूर्व वैज्ञानिक प्रवीण जी @praveen_isro को कभी A. P. J. Abdul Kalam जैसे महान वैज्ञानिक और पूर्व राष्ट्रपति द्वारा सम्मान मिला,
आज उसी आवाज़ को दबाने की कोशिश की जा रही है।
अगर सच बोलना गुनाह है,
तो इस देश में अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाने वाला हर इंसान अपराधी कहलाएगा।
जो व्यक्ति देश के भीतर छिपे भ्रष्ट तंत्र, दलाल मानसिकता और जनता के साथ हो रहे अन्याय को उजागर करे,
उसे झूठे आरोपों और साज़िशों में फँसाना
लोकतंत्र की नहीं, तानाशाही की पहचान है।
यह लड़ाई सिर्फ प्रवीण मौर्य की नहीं,
यह लड़ाई हर उस नागरिक की है
जो सच, न्याय और देशहित के लिए खड़ा होने का साहस रखता है।
याद रखिए—
सच्चाई को कुछ समय तक दबाया जा सकता है,
लेकिन कभी मिटाया नहीं जा सकता।
मौर्य, कुशवाहा, शाक्य, सैनी, गेहलोत, माली, फुले, राजभर, पटेल, बिन्द सहित हर समाज के लोग
आज न्याय और सच्चाई के समर्थन में एकजुट खड़े हैं।
✊ न्याय की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता।
✊ सच अंत में जीतता है।
#प्रवीण_मौर्य_को_न्याय_दो
ISRO के पूर्व वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रवीण मौर्य का मामला सिर्फ एक व्यक्ति की लड़ाई नहीं, बल्कि संस्थाओं की जवाबदेही का सवाल है।
जिस वैज्ञानिक ने गगनयान मिशन की संवेदनशील जानकारी लीक होने का विरोध किया, उसी पर आरोप लगा दिए गए। बिना पारदर्शी जांच के उन्हें “गद्दार” कहा गया, निलंबित किया गया और मानसिक उत्पीड़न झेलना पड़ा।
अब सुप्रीम कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए मानवाधिकार आयोग को सौंपा है। ईमानदार लोगों को सज़ा नहीं, न्याय मिलना चाहिए।
#प्रवीण_मौर्य_को_न्याय_दो
अगर देश के लिए आवाज़ उठाने वाले प्रवीण मौर्य जैसे लोगों को ही सुरक्षा और न्याय के लिए संघर्ष करना पड़े, तो यह पूरे सिस्टम पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
आज जरूरत है कि हर युवा, हर जागरूक नागरिक और हर सच पसंद इंसान खुलकर उनके समर्थन में आवाज़ उठाए।
#प्रवीण_मौर्य_को_न्याय_दो