छात्र । नौकरी, पेशा की तैयारी ।।
पढाई नहीं कर पाता । कारण स्पष्ट नहीं ।
पर्यावरण से जुडाव । मजबूरी के कारण कोई विशेष रूचि नहीं।
विज्ञान में ज्यादा विश्वास ।
देश को गर्वित कर देने वाले पलों के बीच अनेक देशवासियों का ये आग्रह भी सामने आया है कि खेल रत्न पुरस्कार का नाम मेजर ध्यानचंद जी को समर्पित किया जाए। लोगों की भावनाओं को देखते हुए, इसका नाम अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार किया जा रहा है।
जय हिंद!
मास्टर स्ट्रोक | अगले साल कई राज्यों में चुनाव हैं, इसलिए नेताओं का 'किसान प्रेम' फिर उमड़ आया है... संसद से जंतर-मंतर तक आ क्या हुआ...
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कोरोना के ख़िलाफ भारत की सबसे बड़ी लड़ाई के रूप में PM @narendramodi जी ने #SabkoVaccineMuftVaccine कार्यक्रम की शुरुआत की थी। आज इस अभियान ने ऐतिहासिक 50 करोड़ वैक्सीनेशन डोज़ का आँकड़ा पार कर लिया है।
आने वाले दिनों में समस्त पात्र आबादी के टीकाकरण के साथ यह संख्या और बढ़ेगी।
श्री @RahulGandhi जी ने दरिंदगी का शिकार हुई दिवंगत मासूम दलित बच्ची के परिजनों से मुलाकात कर उनके प्रति अपनी संवेदना व्यक्त कर ढांढस बंधाया।
दिवंगत बेटी को न्याय दिलाने की लड़ाई में परिजनों की हरसंभव मदद करने का भरोसा दिया।
#JusticeForDelhiCanttGirl#राहुल_का_हाथ_न्याय_के_साथ
@Hindi_panktiyan पितृसत्ता के इस देश मे
द्रोणाचार्यों के भेष मे
कितने एकलव्य मार दिए
हमारी घटिया सोच ने
लड़की होगी तो मार देंगे
लड़का होगा तो सम्मान देंगे
कैसे उड़े देश की बेटियां
इन बहेलियों के परिवेश मे
संपत्ति के संताप मे
सिर्फ लड़कों की आश में
न जाने कितने ओलंपिक मेडल
मार दिए जीते-जी कोख़ मे
हम जिस पर विश्वास करते है उस पर भरोसा भी करते है उसकी हर बात सही लगती हैं।ये खरे व सच्चे सम्बंध होते हैं जो आत्मा से जुड़े होते हैं।इस विश्वास और ऐसे खरे रिश्तों की हमेशा कद्र करें ये बहुत ख़ुशक़िस्मती से मिलते हैं वरना आज की दुनिया में कौन किसको पूछता है।
यदि सफलता एक सुन्दर पुष्प है
तो विनम्रता उसकी सुगन्ध
जिंदगी में जो चाहो हासिल कर लो,
बस इतना ख्याल रखना कि, आपकी मंजिल का रास्ता
लोगो के दिलों को तोड़ता हुआ न गुजरे
"अच्छी सोच"
अच्छा विचार"
अच्छी भावना
मन को हल्का करती है!
हम जिस पर विश्वास करते है उस पर भरोसा भी करते है उसकी हर बात सही लगती हैं।ये खरे व सच्चे सम्बंध होते हैं जो आत्मा से जुड़े होते हैं।इस विश्वास और ऐसे खरे रिश्तों की हमेशा कद्र करें ये बहुत ख़ुशक़िस्मती से मिलते हैं वरना आज की दुनिया में कौन किसको पूछता है।
अगर विश्वास न हो तो सामने वाले की साँस भी गरम लगती है, हर बात बुरी लगती है. विश्वास हो तो बिना कुछ कहे ही बात समझ में आ जाती है. इसलिये विश्वास सम्बंध की आत्मा होती है.
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जी ज्ञान व कर्मठता के अद्वितीय प्रतीक थे जिन्होंने अपने जीवन का क्षण-क्षण भारत को सशक्त बनाने में लगाया। उन्होंने देश के युवाओं को सदैव नया सोचने व करने के लिए प्रेरित किया। उनका सादगी व आदर्शों से परिपूर्ण जीवन हमें सदैव राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता रहेगा।
सब धरती कागज करूँ, लिखनी सब बनराय।
सात समुद्र की मसि करूँ, गुरु गुण लिखा न जाय।।
व्याख्या : समस्त पृथ्वी को कागज, सब जंगल को कलम, सातों समुद्रों को स्याही बनाकर लिखने पर भी गुरु के गुण नहीं लिखे जा सकते।
~ कबीरदास
#Gurupurnima#गुरुपूर्णिमा