"यह तस्वीर झकझोरने वाली है! @CMMadhyaPradesh@DrMohanYadav51 जी, आखिर मेहनत करने वाले युवाओं का गुनाह क्या है? चयन के बाद भी नियुक्ति के लिए अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करना पड़े, यह कैसा सुशासन है?
अहंकार छोड़कर इन युवाओं से बात कीजिए, इनका समाधान निकालिए। ये कल के भविष्य हैं, इन्हें सड़क पर नहीं, स्कूल में होना चाहिए
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@HIRA_ALAWA भर्ती में गिनती के पद दे रहे और ज्वाइनिंग उससे भी कम को दे रही सरकार लेकिन उस भर्ती परीक्षा के फॉर्म के पैसे लाखों बेरोजगारो से वसूल रही है।हमने एक ही भर्ती(शिक्षक भर्ती वर्ग1_2023) और एक ही पद के लिए दो बार परीक्षा दी,दो बार फॉर्म भरे!फिर भी वेटिंग क्लियर नहीं कर रही सरकार🥺
मध्यप्रदेश में वर्ग-1 शिक्षक भर्ती की वेटिंग लिस्ट अब शिक्षा नीति से ज्यादा इंतज़ार नीति बन गई है। एक साल बीत गया, पर सूची अब तक जारी नहीं हुई। हाईकोर्ट तीन बार पूछ चुका है, सरकार तीन बार जवाब टाल चुकी है—जैसे वेटिंग लिस्ट नहीं, कोई रहस्य कथा हो जिसका खुलासा सस्पेंस बनाए रखने के लिए रोका जा रहा हो।
जिन उम्मीदवारों ने मेहनत से परीक्षा पास की, दस्तावेज़ जमा किए, वे अब कोर्ट-कचहरी के चक्कर काट रहे हैं। कभी मुंडन कराते हैं, कभी दंडवत यात्रा करते हैं, कभी खून से पत्र लिखते हैं—और विभाग अभी भी विचाराधीन है। अधिकारी कहते हैं, ओबीसी आरक्षण मामला है, 2018 भर्ती का आदेश लंबित है —मतलब बहाने तैयार हैं, बस नियुक्ति की फाइल धूल खा रही है।
विडंबना ये है कि प्रदेश के स्कूलों में 13,000 से अधिक पद बढ़ चुके हैं, मगर शिक्षकों की कमी अब भी संवेदनशील विषय है। सरकार बताती है कि शिक्षा उसका प्राथमिक क्षेत्र है—शायद इसलिए उम्मीदवारों की प्राथमिकता अब न्यायालय बन गई है।
हाईकोर्ट ने अब अंतिम चेतावनी दी है—25 नवंबर को जवाब देना ही होगा। पर सवाल ये है कि क्या जवाब आएगा, या फिर सरकार अगली सुनवाई तक ही शिक्षकों के भविष्य को टालने की कला में नया अध्याय जोड़ देगी?
आज वर्ग-1 शिक्षक भर्ती 2023 की चयन परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों से मुलाकात की, जो 16 विषयों में उच्च माध्यमिक शिक्षकों के पदों के लिए पूर्णतः योग्य हैं। अभ्यर्थियों ने पदों की संख्या में सम्मानजनक वृद्धि, शीघ्र द्वितीय काउंसलिंग तथा नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता की माँग रखी। इस दौरान मेरे साथ विधायक सचिन यादव जी भी उपस्थित रहे ।
इन शिक्षकों की आशाएं और संघर्ष पूरी तरह जायज़ हैं। मैं इन सभी योग्य अभ्यर्थियों की माँगों को विधानसभा में पूरी मजबूती, संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ सरकार के समक्ष रखूँगा।
शिक्षा का भविष्य इन शिक्षकों के हाथों में है इन्हें न्याय मिलना चाहिए।
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