श्रीमान जी @MdPvvnl क्या आपको जानकारी है कि एक Exen को द��षी और सजा होने के बाद भी संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण पद पर विराजमान किया हुआ है। @myogiadityanath माननीय मुख्यमंत्री जी आपकी जीरो टॉलरेंस नीति पर कुठाराघात है।कृपया संज्ञान ले @aksharmaBharat @myogioffice @UPGovt @UPPCLLKO
*निजीकरण के विरोध में 22 जून को होने वाली बिजली महापंचायत में किसानों और उपभोक्ताओं के बड़े राष्ट्रीय संगठन सम्मिलित होंगे: निजीकरण को लेकर संघर्ष समिति ने पावर कार्पोरेशन प्रबंधन से पूछे पांच सवाल*
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के बैनर तले आगामी 22 जून को लखनऊ में होने वाली बिजली महापंचायत में देश के किसानों और उपभोक्ताओं के कुछ बड़े संगठन सम्मिलित होंगे। संघर्ष समिति ने बताया कि बिजली महापंचायत का ऐलान होते ही कई संगठनों ने संघर्ष समिति से संपर्क किया है। संघर्ष समिति ने आज पावर कार्पोरेशन प्रबंधन से निजीकरण पर पांच प्रश्न पूछे हैं। संघर्ष समिति ने कहा है कि प्रत्येक शनिवार और रविवार को संघर्ष समिति 5 - 5 प्रश्न निजीकरण को लेकर प्रबंधन से प���छेगी।
संघर्ष समिति ने पावर कार्पोरेशन प्रबंधन से आज पांच प्रश्न पूछे जो निम्नवत है।
पहला प्रश्न है कि ऊर्जा मंत्री श्री अरविंद कुमार शर्मा जी ने 06 जून को चंडीगढ़ में हुए विद्युत मंत्रियों के सम्मेलन में कहा है कि उत्तर प्रदेश की बिजली वितरण व्यवस्था देश में श्रेष्ठतम है। सवाल यह है कि जब सरकारी क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की बिजली व्यवस्था देश में श्रेष्ठतम हो गई है तब पूर्वांचल विद��युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम का निजीकरण क्यों किया जा रहा है ?
दूसरा प्रश्न है कि यदि घाटे के नाम पर निजीकरण किया जा रहा है तो चंडीगढ़ और दादरा नगर हवेली दमन एवं दीव जहां ए टी एंड सी हानियां क्रमशः तीन प्र��िशत और 8% थी, और इन दोनों स्थानों पर विद्युत विभाग मुनाफे में था तो दादरा नगर हवेली दमन एवं दीव और चंडीगढ़ का बिजली का निजीकरण क्यों किया गया ?
तीसरा प्रश्न है कि दिल्ली में निजीकरण के 22 साल बाद भी दिल्ली विद्युत बोर्ड के कर्मचारियों को पेंशन देने के लिए उपभोक्ताओं के बिजली बिल में निजी कंपनियां 07% की दर से पेंशन का सरचार्ज वसूलती है तो सवाल है कि निजीकरण के बाद उत्तर प्रदेश में पेंशन देने के ��वज में निजी कंपनियां उपभोक्ताओं से कितने प्रतिशत सरचार्ज वसूलेंगी ?
चौथा प्रश्न है कि निजीकरण के बाद बिजली कनेक्शन देने के लिए क्या निजी कंपनियों को उपभोक्ताओं से मनमाना बिल वसूलने का अधिकार मिल जाएगा ? उदाहरण के तौर पर 12 फरवरी 2025 को आगरा में टोरेंट पावर के एक बिल की कॉपी संलग्न की जा रही है जिसमें 02 किलो वाट का कनेक्शन देने के लिए उपभोक्ता से 09 लख रुपए वसूल गया है । उपभोक्ता द्वारा 09 लाख रुप��� के भुगतान की रसीद भी संलग्न है। ऐसे अनेक उदाहरण हैं। क्या निजीकरण के बाद उत्तर प्रदेश में पूर्वांचल और दक्षिणांचल की गरीब जनता के साथ यही ह��ने जा रहा है ?
और पांचवा प्रश्न यह है कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम का निजीकरण होने के बाद गरीब किसानों, बुनकरों और गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले उपभोक्ताओं को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सब्सिडी दी जाएगी या नहीं ? उदाहरण के तौर पर ग्रेटर नोएडा में निजीकरण के 34 साल बाद भी किसानों को सब्सिडी नहीं मिलती जबकि पूरे प्रदेश में किसानों को मुफ्त बिजली दी जा रही।
संघर्ष समिति ने कहा कि निजीकरण के बाद उपभोक्ताओं और कर्मचारियों को होने वाली दिक्कतों के बारे में प्रत्येक शनिवार और रविवार को संघर्ष समिति पांच - पांच प्रश्न पूछेगी। शनिवार को आम उपभोक्ताओं के विषय में प्रश्न पूछे जाएंगे और रविवार को कर्मचारियों के विषय में प्रश्न पूछे जाएंगे।
आज अवकाश का दिन होने के कारण बावजूद बिजली कर्मचारियों ने सभी जनपदों परियोजनाओं और राजधानी लखनऊ आपस में बैठक कर निजीकरण के विरोध चल रहे आंदोलन को और तेज और सशक्त बनाने पर विचार विमर्श किया।
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बिजली के निजीकरण के नाम पर ऊर्जा निगमों में हो रहे भ्रष्टाचार की सबसे बड़ी खबर:
ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल इंडिया ने उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री जी को पत्र भेजकर बिजली के निजीकरण की प्रक्रिया में चल रहे भ्रष्टाचार पर कार्यवाही करने की मांग की। यह पहली बार हुआ है जब ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल द्वारा उत���तर प्रदेश की ऊर्जा निगमों में हो रहे बड़े घोटाले को उजागर किया है। ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल भ्रष्टाचार के मामलों को उजागर करने वाली एक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय संस्था है। माननीय मुख्यमंत्री जी से अनुरोध है ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के द्वारा उजागर भ्रष्टाचार के मामले को संज्ञान में लेकर उपरोक्त बड़े भ्रष्टाचार में लिप्त सभी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की कृपा करें। जिससे भ्रष्टाच���र के मामले में जीरो टॉलरेंस की आपकी नीति का प्रदेश की जनता का विश्वास बना रहे।
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जब से पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम की प्रबंध निदेशक ईशा दुहन बनी है तब से पश्चिमांचल निगम में कार्य का वातावरण समाप्त हो गया है, प्रबंध निदेशक को ऊर्जा विभाग का कोई भी अनुभव नहीं है और ना ही ऊर्जा विभाग के बारे में उन्हे�� कुछ आता है, जबरदस्ती लगभग प्रतिदिन दिनभर व देर रात तक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और मीटिंग कर अभियंता अधिकारियों को धमकाती रहती हैं, अनाप-शनाप ड्यूटी लगवाती हैं इसी प्रकार की ड्यूटी से वापस आ रहे आज इं• संजीव कुमार वर्मा अधीक्षण अभियंता एवं उनके ड्राइवर का सड़क दुर्घटना में आकस्मिक निधन हो गया है, जब दिन भर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की जा रही है तो अनावश्यक डिस्कॉम में कार्यरत अभियन्ताओं को 200 किलोमीटर दौड़ाकर बैठक कराने का क्या औचित्य है, जबकि क्षेत्रीय अभियंता समीक्षा कर रहे हैं यह भी संज्ञान में आया है कि जिन अभियंताओं की बाहर ड्यूटी लगाई जा रही है उनको विभागीय वाहन एवं ड्राइवर भी उ���लब्ध नहीं कराया जा रहा है, अभियंताओं को जबरदस्ती फोर्स किया जाता है कि वह अपने व्यक्तिगत वाहन से जाये। प्रबंध निदेशक की अक्षमता के कारण पश्चिमांचल डिस्कॉम का प्रतियूनिट रेवेन्यू रिलाइजेशन पिछले वर्ष की तुलना में 25 पैसा प्रति यूनिट तक गिर गया है और यह गिरावट लगभग सभी क्षेत्र में आई है, प्रबंध निदेशक अपनी विफलता का ठीकरा अभियंता व कर्मचारियों पर कार्रवाई कर फोड़ती है परंतु इन पर अभी तक कोई ��ी कार्रवाई नहीं हुई है, ��नकी किसी भी प्रकार की कोई भी जिम्मेदारी तय नहीं हुई है, यदि किसी एक डिवीजन, सर्कल या क्षेत्र के पैरामीटर खराब होते हैं तो उन संबंधित अभियंताओं पर कार्रवाई होती है लेकिन जब पूरे डिस्कॉम का पैरामीटर खराब होता है तो संबंधित प्रबंध निदेशक पर भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उनकी भी जवाब देही तय की जाए। लेकिन इन पर कोई कार्रवाई नहीं होती है, इस समय पश्चिमांचल के अभियंता भय के वातावरण एवं भयानक तनाव म���ं कार्य कर रहे है, अभियंता व कर्मचारी को वास्तविक धरातल पर कार्य करने तक का भी समय नहीं मिल रहा है, सभी लोग प्रबंधन स्तर से की जा रही मीटिंग एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से तंग आ चुके हैं और पूरे डिस्कॉम के अभियंताओं में प्रबंधन के प्रति भारी गुस्सा है और यह गुस्सा कभी भी फूट सकता है।
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आजादी के 77वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर #Pvvnl के अंतर्गत विभिन्न जनपदों में स्वयं सहायता समूह के अंतर्गत विद्युत राजस्व कलेक्शन का कार्य कर रही विद्युत सखियों में से अपने ब्लॉक में सर्वाधिक राजस्व कलेक्शन करने वाली सखियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया l
प्रदेश के समस्त विद्युत अभियंताओं से अपील है कि मा• ऊर्जा मंत्री श्री @aksharmaBharat जी की मंशानुरूप आगामी सप्ताह अर्थात दिनांक 31 जुलाई दिन सोमवार से 6 अगस्त 2023 तक चलाए जा रहे "विद्युत जनसंपर्क अभियान" को प्रत्येक जनपद में विशेष रूचि लेकर सफल बनाएं।
प्रदेश के समस्त विद्युत अभियंताओं से संघठन की अपील:
मा• ऊर्जा मंत्री श्री @aksharmaBharat जी की मंशानुरूप आगामी सप्ताह अर्थात दिनांक 31 जुलाई दिन सोमवार से 6 अगस्त 2023 तक चलाए जा रहे "विद्युत जनसंपर्क अभियान" को प्रत्येक जनपद में विशेष रूचि लेकर सफल बनाएं।
@myogiadityanath