केन्द्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में स्पष्ट कर दिया है कि SC/ST कोटा में ‘क्रीमी लेयर’ की अवधारणा नहीं लागू होगी क्योंकि वह केवल OBC के लिए थी। तो मोदी जी, OBC रिजर्वेशन तो पहले था ही नहीं, फिर वो क्यों आया और आपकी पार्टी ने उसका समर्थन क्यों किया था?
दूसरी बात, आपके वकील ने कहा कि ‘आय के आधार पर’ SC/ST आरक्षण बिलकुल नहीं होगा क्योंकि उसका आधार केवल ‘आर्थिक पिछड़ापन’ ही नहीं, ‘ऐतिहासिक उत्पीड़न और अन्याय’ है। ‘केवल’ आर्थिक पिछड़ापन कहाँ, आप तो इनकम को कहीं भी आधार नहीं मानते!
जिस EWS का आप ढोल पीटते हैं, उसमें न तो फॉर्म के दाम कम हैं, न हॉस्टल की फीस, न कोर्स फीस… तो ये दो कौड़ी का राजनैतिक झुनझुने का सामान्य वर्ग करे क्या? @narendramodi यह बताएँ कि सामान्य वर्ग के टैक्स के पैसों से फंड हो रही SC/ST आरक्षण सब्सिडी का लाभ, सामान्य वर्ग के EWS को ही क्यों नहीं मिलता?
कोई तर्क है इसका कि आप जिसे सर्टिफाइड गरीब मानते हैं, वो प्रमाण पत्र उससे माँगते हैं, उसे सत्यापित करते हैं और उसे नौ लाख से सोलह लाख तक का लोन ले कर पढ़ाई करनी पड़ती है। फिर आप 1000 SC और 1000 OBC जातियों के शून्य प्रतिनिधित्व पर मौन हो जाते हैं कि इन जातियों का आरक्षण कहाँ है?
सत्य यह है कि आपका ‘विकसित भारत’ टूटते हायवे और निम्न गुणवत्ता के 50% लोगों से भरे कॉलेजों और विद्यालयों से कभी पूरा नहीं हो सकता। आरक्षण की समीक्षा करनी ही होगी, उसे तार्किक रूप से लाना ही होगा।
१. शून्य प्रतिनिधित्व वाली जातियों की पहचान
२. EWS की SC के स्तर की आर्थिक छूट
३. न्यूनतम अंक का विधान, GC से 10% से अधिक का कटऑफ में अंतर न हो SC/ST में
४. सक्षम लोगों को फर्जी तर्क के कारण आरक्षण न दिया जाए
५. हर श्रेणी में सबसे गरीब, पिछड़े को ही आरक्षण मिले
६. हर दस वर्ष में जातियों की समीक्षा और निष्कासन, नई जातियों को लिस्ट में जोड़ना बंद करें
आरक्षण पर चर्चा किसी भी पार्टी को असहज करेगी, और अब वही करना पड़ेगा। पटरी उखाड़ कर आरक्षित हो जाना, सामाजिक न्याय नहीं, राजनैतिक गिरोहबाज़ी है। अब जबकि प्रताड़ित वर्ग इस पर लामबंद हो रहा है, तो सत्ता के चाटुकारों को समस्या होने लगी है कि ये 'मूर्खता' है।
UGC, NEET, CBSE पर बोलना भी सबको मूर्खता और षड्यंत्र ही लग रहा था, फिर एक भीड़ आई, आप पर थूका और आपको चाटना पड़ा। अंततः, हुआ वही जो हम आपको बता रहे थे।
अब आरक्षण पर भी एक संगठित, सघन और गंभीर चर्चा होगी। इसके चक्कर में चुनावों पर असर पड़ना चाहिए कि कौन इन विषयों पर चर्चा से भाग रहे हैं, कौन इसे नकार रहे हैं, और कौन एक ही श्वास में 'विकसित भारत' और निजी क्षेत्र में आरक्षण ढूँढ रहे हैं।
अब मुझे यह मैटर नहीं करता कि कौन सत्ता में है और किसको होना चाहिए, मैंने पिछले 7 महीनों में जो देखा और फिर गत शनिवार को जो हुआ, उस से में आश्वस्त हूँ कि बिखरा हुआ, बिका हुआ नैरेटिव काम नहीं आता। सत्ता में रहने या निकाले जाने की चिंता राजनैतिक दलों को होनी चाहिए, आम नागरिक को नहीं।
आरक्षण की पूर्ण समाप्ति लक्ष्य है, जो की संविधान का भी लक्ष्य है, तो हम तो वही कर रहे हैं जो संविधान निर्माताओं ने सोचा था। ठीक है, समय सीमा नहीं थी, पर OBC आरक्षण भी तो नहीं था? उस समय के वंचित-पीड़ित-शोषित यदि आज भी वंचित-पीड़ित-शोषित ही हैं, तो इस पर सर्वेक्षण होना चाहिए कि तथाकथित सामाजिक न्याय तक पहुँचने के लिए कोई और मार्ग है क्या?
मेरा उद्देश्य प्रथम चरण में चर्चा का है, सरकार से इस पर संसद में आँकड़े रखवाने का है कि किस जाति समूह कि किन जातियों में कितनों को आरक्षण मिला, उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति क्या है, उन्हीं जाति समूहों में कौन ऐसे लोग हैं जो अभी तक घिसट कर जीने को विवश हैं?
सामान्य वर्ग के लोगों में कितने लोग आर्थिक रूप से विपन्न हैं, उनके लिए सरकार की क्या नीतियाँ हैं, उन्हें फॉर्म भरने से ले कर हॉस्टल और कोर्स की फीस में छूट क्यों नहीं है? यदि आरक्षण EWS से दिया है तो यह इतना घटिया रूप में क्यों है कि निर्धन सामान्य वर्ग का विद्यार्थी लोन चुकाने में ही जवानी खपा देता है?
इसके बाद, हर राजनैतिक व्यक्ति को, दल को हम चुनावों के समय पूछेंगे कि उन्हें सामान्य वर्ग वोट क्यों दे? उनका मेरिट को ले कर क्या स्टैंड है, विकसित भारत में मेरिट की कितनी जगह है और शिक्षा व्यवस्था में आरक्षण के कारण राष्ट्र को कब तक नकारात्मक दिशा में ले जाया जाता रहेगा?
यही आरम्भ है, और यदि आवश्यकता पड़ी तो हम और भी विकल्प देखेंगे। हमें इस से अब मतलब नहीं है कि कौन आ जाएगा तो क्या हो जाएगा, उसका लोड वो लें जिनकी विधायकी और सांसदी जाएगी। हमें अपने बच्चों और इस समाज की चिंता हैं। हम बस अपने हिस्से की चिंता कर रहे हैं।
भोजपुर एनकाउंटर का मामला सम्राट चौधरी सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है क्योंकि अब सत्ताधारी बीजेपी के भीतर से ही सवाल उठाए जा रहे हैं. बीजेपी के कई नेताओं और मंत्रियों ने उस पुलिस कार्रवाई पर चिंता जताई है जिसमें भरत भूषण तिवारी की मौत हो गई.
पूरी खबर : https://t.co/QDLLAKgpvA
#BiharPolitics #BhojpurEncounter #SamratChoudhary #BJP #BiharNews
भरत तिवारी...
हिंदू था... तिवारी था... सिस्टम से नाराज़ था
इसलिए 4 गोली मार कर मार दिया
खान होता...या भीम होता तो... जिन्दा होता✍️
आतंकवादी सरेंडर करे तो माफ़ी
तिवारी करेंगे तो बिहार पुलिस 4 गोली मारेगी
ई बिहार है बबुआ... इहाँ एही चलत बा 🚨
Note - शायद किसी ने भी नहीं कहा होगा कि
भरत ने गलती नहीं की थी, गलती भी की अपराध भी किया... और सरेंडर भी....
एक भी ऐसा कारण नहीं है जहाँ भरत के इनकाउंटर को जस्टिफाई किया जा सके....
गोली मारने वाले सस्पेंड किये गए...
जबकि गोली मारने का आदेश देने वाला हत्यारा है
और उसपर टार्गेटेड हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए....
सहमत हैं तो शेयर करें... और आवाज
हत्यारे सिस्टम तक पंहुचायें ✊
भोजपुर जनपद के शाहपुर में हुई घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। इस दुःखद घटना में युवक भरत तिवारी की मृत्यु से पूरा क्षेत्र मर्माहत है। मेरी गहरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं।
एक जनप्रतिनिधि के रूप में मेरा यह स्पष्ट मानना है कि यदि स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा समय रहते उचित, कुशल और व्यावहारिक कदम उठाए जाते तो कानून-व्यवस्था की स्थिति को अधिक संवेदनशीलता से संभाला जा सकता था।
हमारी सरकार न्याय, पारदर्शिता और सुशासन के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए संबंधित पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है ताकि चल रही उच्च स्तरीय जांच पूरी तरह निष्पक्ष और प्रभावमुक्त रह सके। इसके साथ ही, इस पूरे घटनाक्रम की जांच राज्य मानवाधिकार आयोग द्वारा भी की जाएगी ताकि हर तथ्य सामने आ सके। क्षेत्र में शांति और सौहार्द बनाए रखने में सभी साथी सहयोग करें।
@BJP4Bihar@bhojpur_police@BJP4India
एक फेक स्क्रीनशॉट पर मुझे @NCSC_GoI & दिल्ली पुलिस ने SC/ST एक्ट का नोटिस भेजा।
लेकिन राजकुमार भाटी जो खुलेआम ब्राह्मणों के खिलाफ बोल रहा है, क्या कोई नेशनल कमीशन सवर्णों के लिए है जो उसे नोटिस भेजेगा?
क्या इस देश में सवर्णों की कोई सुनवाई नहीं है?
FIR संख्या 196/26 दिनांक 06/04/2026 (बहेड़ा थाना, दरभंगा) में अब तक किसी भी अभियुक्त की गिरफ्तारी नहीं हुई है। कृष्ण बिहारी ठाकुर एवं रोशन ठाकुर जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। माननीय @samrat4bjp@NitishKumar जी, @BiharHomeDept@bihar_police@DarbhangaPolice से विनम्र अनुरोध है कि तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें। #JusticeForVictims #Darbhanga
@samrat4bjp@BiharHomeDept@bihar_police@DarbhangaPolice#JusticeForVictims#Darbhanga#RuleOfLaw Urgent: Attention Hon’ble Bihar Home Minister & Senior Darbhanga SP — In FIR No. 196/26 (Bahera P.S.), offences under IPC Sections 307, 325, 34 have been registered. Victims Krishna Bihari Thakur and Roshan Thakur are battling for life, but no arrests have been made so far. We humbly request your kind intervention to ensure the immediate arrest of all named accused and timely justice.
Shocked to see that @bihar_police has registered an FIR against @ajeetbharti for speaking on Kanhaiya Kumar five months ago.
Kanhaiya Kumar is a Naxalite who has infiltrated Congress party. Why take stand for him?
व्यक्ति अपराधी कब बनता है? वह ऐसे ही घटनाओं के कारण बनता है।
बिहार में एक जिला है सीतामढ़ी। माता सीता की जन्मभूमि। नेपाल बॉर्डर पर स्थित है। सीतामढ़ी से काटकर शिवहर जिला बनाया गया था। इसमे एक गांव है दोस्तियां। गांव के एक यादव जिला पार्षद की नज़र एक ब्राह्मण की बेटी पर पड़ी। वह लड़की को जबर्दस्ती उठा ले जाता और 10-10 दिन तक रखता। लड़की का एक भाई था। इंटर में पढ़ता था। लड़का और उसका पिता उस यादव से मिन्नत करता बहन-बेटी को छोड़ दो। लेकिन हर दो दिन में यादव आता या उसके गुर्गे, और लड़की ले जाता। लड़की का बाप-भाई पुलिस, नेता सबके पास गया लेकिन कोई सुनवाई नहीं। एक बार फिर यादव उसकी बहन को उठाने आया। बाप बेटे ने जमकर विरोध किया। अबकी दोनों को मारा गया। लड़का को इतना मारा गया कि बस उसकी सांसे चलती रही, बाकी अधमरा कर दिया। लड़का हारदार कर गांव के ही एक नक्सली कमांडर से मिलने चला गया। गौरीशंकर झा से। कुछ दिन बाद लौटा। सीधे उस यादव के दरवाजे पहुँचा। डायनामाइट लगा यादव के घर को उड़ा दिया। लेकिन ये बच निकला। फिर बाद में सरेआम सबके सामने यादव को Ak-47 की गोलियों से भून दिया। यह लड़का था संतोष झा। उत्तर बिहार का हार्डकोर गैंगस्टर बाहुबली। 700 करोड़ का सम्पत्ति बनाया। लगभग 400 करोड़ नेपाल में सूद ब्याज पर दे रखा था। नेपाल के बड़े बड़े नेता और शीर्ष नेता (राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री) तक इसका लिंक था। बाद में संतोष झा 2018 पेशी के लिए सीतामढ़ी कोर्ट में आया जहाँ अपने ही खास दोस्त मुकेश पाठक जिससे वर्चस्व की अदावत थी, उसके द्वारा शूटरों से मरवा दिया गया। दुसरा यह भी है, झा 2019 में शिवहर लोकसभा चुनाव लड़ने वाला था। हत्या का एक कारण यह भी है।
कहानी का सार कुछ नहीं है, बस ये कि वह पढ़ाई कर रहा लड़का जिसपर हर तरह का अत्याचार हो रहा था। उसकी इज्जत सरेआम उठा ली जा रही थी। हर जगह अपने इस अत्याचार को लेकर गया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। ऐसे परिस्थिति में क्या करेगा कोई? ऐसे परिस्थिति में वही करेगा जो संतोष झा ने किया।
अब भी कुछ नहीं बदला। वह समय तो एक संतोष के साथ हो रहा था, एक ब्राह्मण के साथ हो रहा था, आज यह कृत्य सारे सवर्णों के साथ हो रहा। प्रशासन से शासन तक की मिलीभगत है। सरेआम बोली लगाई जा रही सवर्ण स्त्रियों की। सवर्णों की सुनने वाला कोई नहीं है। कबतक बर्दाश्त करेगा? कभी न कभी प्रतिक्रिया करेगा ही। क्योंकि अपराधी सिस्टम बनाता है।
By Fb post raj k Sharma
The Saran gang-rape case is heartbreaking beyond words 💔
Some tough questions :-
- What action has Nitish Kumar taken so far?
- Has HM Samrat Choudhary taken action against police for their inaction?
- Why does media hide caste when the culprits belong to Dalit community?
हमारी बिहार पुलिस ने सारण की घटना को प्रेम प्रसंग बताते हुए, मृत्यु का कारण कुएँ में गिर कर डूबना बता दिया है। मृतका के वजाइनल स्वाब में किसी भी बलात्कार की पुष्टि नहीं हो सकी है, पुनर्परीक्षण होगा। परिणाम वही आएगा।
यही सब पटना की नीट वाली लड़की वाले में भी हुआ था। यहाँ बिहार पुलिस ने घटना से एक दिन पहले की डेट लगा कर प्रेस विज्ञप्ति चला दी, बाद में एडिट कर उसे 14/03 किया गया।
सब संदिग्ध है। घटना दो एक दिन में दबा दी जाएगी। आइटीसेल फिर टैग कर के हमें बताएगा कि हम (मीडिया और माता के बयानों के आधार पर) झूठ फैला रहे थे। मोदी जी और भाजपा के बदनाम किया जा रहा है।
आइटीसेल यह नहीं बता पाएगा कि अम्बेडकरवादी जो कर रहे हैं, जो भाषणबाजी हो रही है, उसके कारण जो समाज में हो रहा है वही भी फोरेंसिक में झूठ निकल गया क्या? ब्राह्मण घृणा का सामान्यीकरण भी फोरेंसिक में झूठ निकल आएगा?
What a tragic and heartbreaking picture this is...
It is a big test for the sitting CM @NitishKumar. He must ensure justice for the family and set an example.....
This incident also breaks the myth that victims can belong only to one caste group. In this era, victims and oppressors can be anyone...
🚨A Class 10 girl’s body was found in a well in Bihar’s Saran district, with her family alleging she was gang-raped and thrown into it by five men from the same village.
The case has sparked outrage and a ‘Rajput vs Paswan’ narrative battle on social media as the victim was Rajput while the accused are Paswan (Mahadalit).
Police have arrested one accused and say they are awaiting the post-mortem report while searching for the others.
https://t.co/9FyDUCnDDp