69k शिक्षक भर्ती के अलावा इतिहास में ऐसी कोई भर्ती हुई है??? जिसमें सेवा के 6 वर्ष बाद कर्मी ख़ुद 25000/ रुपए देकर प्रशिक्षण ले, और परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य हुआ हो।
@ncte@CMOfficeUP@niostweet1@EduMinOfIndia
सूत्रों के हवाले से ख़बर आ रही है कि एक बड़े न्यूज चैनल ने आज करीब 120 लोगों को नौकरी से निकाल दिया
जिसमें ऐसे कई एंकर भी हैं जो पिछले 10,12 सालों से चैनल से जुड़े थे, कई कैमरामैन, एडिटर, ग्राउंड रिपोर्टर।
लोगों का न्यूज से भरोसा उठ गया है, TRP नहीं आ रही है ऐड से रेवेन्यू नहीं बन पा रहा है।
मीडिया अपनी विश्वसनीयता खोता जाएगा तो उसकी कमाई गिरती जाएगी।
गोदी मीडिया से निपटने का एक ही आसान तरीका है घर के टीवी पर भूलकर भी न्यूज चैनल मत लगाइये इससे इनकी TRP गिरेगी और इन्हें ऐड मिलना बंद हो जाएगा।
हो सके तो टाटा स्काई, DTH पर कॉल करके वाकायदा नाम ले लेकर गोदी चैनलों को ब्लॉक करा दें इससे भी बड़ा फायदा होगा।
इस मुहीम को आगे बढ़ाए,
गोदी मीडिया आपकी परेशानी टीवी पर नहीं दिखाती तो आप ऐसा करके उन्हें परेशानी में डाल दो।
जय हिंद
@reliancejio you are offering for valentine's offer to switch Airtel Xtreme user into jio fiber user while you are unable to serve your jio customers. Your are spreading your service to far areas but don't have more slots to serve in a area where you are already available. poor
उदयपुर में जो उन्मादी हत्या हुई है उसकी जितनी निंदा हो वो कम है। आज समाज के हर एक व्यक्ति को आगे आना होगा और देश के भाईचारे को नफ़रत की भेंट चढ़ने से बचाना होगा।
ऐसे आपराधिक तत्वों को समय रहते सख़्त से सख़्त सज़ा दी जाए जिससे देश के अमन-चैन के दुश्मन इसका लाभ न उठा सकें।
चौरी-चौरा की बगावत के लिए अब्दुल्ला, भगवान अहीर, बिकरम अहीर, दुधई, कालीचरन कहार, लवटू कहार, रघुबीर सुनार, रामस्वरूप बरई, रूदली केवट, संपत चमार आदि को फांसी दी गई थी. अहीर जाति के 4, कहार 3, मुसलमान 3 और केवट जाति के 2 लोगों को फांसी दी गई. https://t.co/Tva7iE2Dl5
4 फरवरी 1922 की चौरी-चौरा की घटना विश्व इतिहास की महत्वपूर्ण घटना है. चौरी-चौरा के डुमरी खुर्द के लाल मुहम्मद, बिकरम अहीर, नजर अली, भगवान अहीर और अब्दुल्ला के नेतृत्व में किसानों ने ज़मींदारों और ब्रिटिश सत्ता के प्रतीक चौरी-चौरा थाने को फूंक दिया. https://t.co/Tva7iEkMzd
मेरे हैलिकॉप्टर को अभी भी बिना किसी कारण बताए दिल्ली में रोककर रखा गया है और मुज़फ़्फ़रनगर नहीं जाने दिया जा रहा है। जबकि भाजपा के एक शीर्ष नेता अभी यहाँ से उड़े हैं। हारती हुई भाजपा की ये हताशा भरी साज़िश है।
जनता सब समझ रही है…
No more #NFSScam (non found suitable) please. Recruit Dalit/Tribal/Backward faculties. Diversity is good for the production of knowledge. @dpradhanbjp@EduMinOfIndia
कैराना में “पलायन” का मामला BJP सांसद हुकुम सिंह ने उठाया था। लेकिन मरने से पहले श्री हुकुम सिंह 2017 में बता गए थे कि ये सांप्रदायिक मामला नहीं है। क़ानून और व्यवस्था का मामला है। @AmitShah को शर्म आनी चाहिए कि चंद वोट के लिए अपनी पार्टी के दिवंगत सांसद की बात को झुठला रहे हैं।