2014 से प्रधानमंत्री मोदी जी की कौशल योजना के तहत कार्यरत वोकेशनल शिक्षकों ने सैलरी समस्या ओर जॉब सुरक्षा को लेकर भीलवाड़ा विधायक महोदय @AshokKothari02 जी से की मुलाकात
विधायक साहब ने जल्द ही मुख्यमंत्री जी ओर शिक्षा मंत्री जी तक मांग रखने का दिया आश्वासन
@RajCMO@pantlp
केंद्र सरकार द्वारा संचालित व्यावसायिक शिक्षा को राजस्थान में हाशिये पर ला रखा हैं। 20 October को प्रदेश के 2502 शिक्षकों को बेरोजगार कर दिया क्योंकि यह शिक्षा 21 से ज्यादा कंपनियों द्वारा ठेका प्रथा पर चलाई जा रही हैं जिसमें शिक्षकों को 5 से 14माह हुए हैं वेतन नहीं दिया हैं
One of our VTs,Bashir Ah,died of a heart attack.He had been without salary for the last 6 months,battling severe financial strain while carrying the responsibility of his 3 children,his wife & his parents.
This is not merely a death, it is a brutal consequence of a failed system.
राजस्थान के व्यावसायिक प्रशिक्षकों का 5 से 11 महीने का मानदेय बकाया है, लेकिन शिक्षा विभाग 'लाइट हाउस पोर्टल' पर 3 दिन में एंट्री का अल्टीमेटम दे रहा है! काम के लिए प्रशासनिक कार्रवाई की धमकी, लेकिन महीनों से अटके वेतन पर कोई जवाबदेही नहीं? विभाग और एजेंसियों की खींचतान में प्रशिक्षकों का आर्थिक शोषण बंद हो।
जागो राजस्थान सरकार
#स्थाई_जॉब_पालिसी_लागू_करो
#CSR_2022
@rajeduofficial@RajCMO@RajGovOfficial@BhajanlalBjp@madandilawar
📢
राजस्थान के व्यावसायिक प्रशिक्षक वर्षों से विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में जुटे हैं, लेकिन स्वयं का भविष्य आज भी असुरक्षित है!
न समय पर वेतन, न स्थायी रोजगार, न सामाजिक सुरक्षा!
📢 हरियाणा मॉडल की तर्ज पर स्थायी सेवा नीति लागू कर व्यावसायिक प्रशिक्षकों को न्याय एवं रोजगार सुरक्षा प्रदान करें।
#हरियाणा_मॉडल_लागू_करो #VocationalTrainers #Rajasthan
जागो राजस्थान सरकार
#स्थाई_जॉब_पालिसी_लागू_करो
#CSR_2022
@rajeduofficial@RajCMO@RajGovOfficial@BhajanlalBjp@madandilawar
राजस्थान के सरकारी स्कूलों में 11 साल से रोजगारपरक शिक्षा दे रहे व्यावसायिक प्रशिक्षक आज खुद स्थायी नौकरी के इंतजार में हैं। एक तरफ 10 से 14 महीने का वेतन बकाया है, वहीं सरकार फिर से प्लेसमेंट एजेंसी के जरिये शोषण का रास्ता खोल रही है।
हमारी प्रमुख मांगें:
👉 ठेका प्रथा/प्लेसमेंट एजेंसी सिस्टम तत्काल समाप्त कर पदों पर सीधी भर्ती हो।
👉 बकाया 10-14 महीने के मानदेय का तुरंत भुगतान किया जाए।
👉 हरियाणा और दिल्ली की तर्ज पर स्थायी जॉब पॉलिसी (हरियाणा मॉडल) लागू की जाए।
सरकार यदि वास्तव में कौशल शिक्षा को मजबूत करना चाहती है, तो व्यावसायिक शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित करे।
@CMORajasthan@madandilawar @dpr_rajasthan @RajGovOfficial
निवेदक: व्यवसायिक प्रशिक्षक संघर्ष समिति
#VocationalTrainersRajasthan #StopExploitation #RajasthanTeachers #EndContractSystem
ठेकाकर्मियों को लेकर अपना विज़न स्पष्ट करे भजनलाल सरकार :
अभी मैं ठेका प्रथा (Contract) पर काम करने वाले लोगों से मिला। वे लोग भारी तकलीफ में हैं। हमारी सरकार के समय अस्पतालों और अन्य जगहों पर काम करने वाले करीब 1 लाख संविदा कर्मी थे, जिन्हें हमने स्थायी (Permanent) करने का फैसला किया था। लेकिन सरकार बदलते ही वह काम रोक दिया गया। आज वे लोग रो रहे हैं, गुहार लगा रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इस सरकार ने तो जैसे किसी की सुनवाई न करने की कसम खा रखी है।
आप उनकी दयनीय स्थिति देखिए—20-25 साल से काम करने के बावजूद उन्हें मुश्किल से 7-8 हज़ार रुपये मिलते हैं। उनके जीवन स्तर को सुधारने और बेहतर मानदेय दिलाने के लिए, हमने पूर्व सैनिकों की तर्ज़ पर एक संस्था (एजेंसी) बनाई थी, जिसके माध्यम से उन्हें काम मिलना था। लेकिन सरकार बदलते ही वह योजना भी बंद कर दी गई।
मैं मुख्यमंत्री श्री भजनलाल जी से आग्रह करना चाहूंगा कि जनहित (Public Interest) के कुछ काम ऐसे होते हैं, जिनमें यह नहीं देखा जाना चाहिए कि फैसले पिछली सरकार के हैं। नई सरकार को यह देखना चाहिए कि उन फैसलों को कैसे लागू किया जाए, जिससे गरीबों, कर्मचारियों और समाज के हर वर्ग को उसका सीधा लाभ मिले।
संविदा कर्मियों को नियमित (Regular) कैसे किया जाए, उन्हें पक्का कैसे किया जाए—इन तमाम मुद्दों पर सरकार को आगे आकर अपना विजन स्पष्ट करना चाहिए और जनता को विश्वास में लेना चाहिए।