@riyapathak123 कर्मनाशा यानी कर्मों का नाश. माना जाता है कि इस नदी में जो भी स्नान करेगा, उसके सारे अच्छे कर्मों का नाश हो जाता है. उसके सारे पुण्य इसके अपवित्र जल में धुल जाएंगे, इसलिए इसे श्रापित नदी भी कहा जाता है. इसमें कोई स्नान या पूजा-पाठ नहीं करता.
मगध-मैथिली इंटरसिटी एक्स्प्रेस ट्रेन चाहिए, जो जयनगर से गया जं. को चले I
जयनगर- 19:30
दरभंगा- 21:30-21:40
समस्तीपुर-22:45-22:55
बरौनी-00:15-00:25
मोकामा -01:23-01:25
बख्तियारपुर-02:10-02:40
बिहारशरीफ-03:15-03:20
नालंदा-03:38-03:40
राजगीर-04:15-04:20
तिलैया-05:25-05:30
गया-07:30
@TusharShiv97994@btetctet अगर ऐसी स्थिति बन रही है तो पिछले विद्यालय में एवं अभी वाले विद्यालय में अंतर देखिये I अगर फिर भी नया विद्यालय पुराने विद्यालय से नजदिक है तो अविलंब योगदान दे दीजिये I फिर मुचुअल् ढूंढ लीजिये