PMCH हो या बिहार का कोई भी सरकारी अस्पताल, यहां पर नर्स, डॉक्टर, सफाई कर्मी, स्वास्थ्यकर्मी, टेक्नीशियन सभी का संघर्ष केवल नौकरी पाने तक है!
एक बार जैसे ही नौकरी मिल जाए उसके बाद सारी सेवा की भावना, उत्तरदायित्व और जीवन में संघर्ष... सब गायब!
कोई काम करने की जरूरत नहीं!
घाव साफ करना है, परिजन साफ करेंगे! कमरा या वार्ड साफ करना है, परिजन साफ करेंगे!
सलाइन चढ़ाना है तो परिजन लगाएगा!
साफ सफाई करना है तो परिजन समझेंगे!
शिकायत हुई तो परिजन और मरीज मार खाएंगे!
पोस्टमार्टम करवाने के लिए कमीशन दो!
बख्शीश दो!
पैसे खिलाओ तो सुविधा मिलेगी!
कहीं परेशान होकर वीडियो बना लिया या किसी से शिकायत कर दी तो मार खाना तय है!
चाहे लाख वीडियो सोशल मीडिया पर डाला जाए कुछ कार्रवाई नहीं होगी!
मुख्यमंत्री अनपढ़ पागल है!
स्वास्थ्य मंत्री बीमार है!
21 साल से यही सरकार है!
जनता ₹10000 पाकर समझ रही खुद को मालामाल है!!
#RJD #bihar #Corruption
पत्रकार महोदय, कुछ तो शर्म करो,
जी हजूरी छोड़ो, अपना कर्म करो।
देश समस्याओं से देखो जूझ रहा,
लोगों को कुछ भी नहीं सूझ रहा।
रोजगार शिक्षा और महंगाई ,
समस्या जैसे आसमां छू आई।
हर तरफ देखो, पसरी लाचारी,
त्राहिमाम करती जनता बेचारी।
तुम्हारा तो धर्म था सच दिखाना,
कर्म था वाजिब सवाल उठाना।
जनमानस की तकलीफ बताना,
सच्चाई लोगों तक था पहुंचाना।
तुम तो सत्ता से ऐसे डरने लगे,
सरकार का ही भजन करने लगे।
शान में उनकी कसीदे पढ़ते हो
उनके लिए लड़ते औ झगड़ते हो।
तुम्हे गलत कुछ लगता ही नहीं,
जो नेता जी कह दें, वो ही सही।
कानून कैसे भी बनाए जा रहे,
तुम अभिनंदन गीत गाए जा रहे।
हर फैसले को सही ठहराते हो,
नुकसान को भी नफा बताते हो।
साहिब का गुण गाकर सुनाते हो,
लोगों को तुम तो बस भरमाते हो।
खबर बताते नहीं, तुम बनाते हो,
फरमान सरकार का सुनाते हो।
प्रचार में ऐसे तुम रम जाते हो,
पार्टी प्रवक्ता खुद बन जाते हो।
सरकार की दलाली में सब भूले,
सत्ता के झूले में तुम तो ऐसे झूले।
नेताओं की जूतियां तक उठाते हो,
जूठन भी उनकी शौक से खाते हो।
तुम्हें तनिक भी लाज ना आई,
अपनी रोज़ी की गरिमा बिसराई।
अब भी समय है, थोड़ा मनन करो,
पत्रकार महोदय, कुछ तो शर्म करो,
जी हजूरी छोड़ो, अपना कर्म करो।
~ हनुमान गोपे
दुखद प्रसंग। परीक्षा का पेपर लीक होना अलग बात है अब तो परीक्षा देने वाला भी गटर में गिर जा रहा है। भारत जब विश्व गुरु बन गया तो ये लोग परीक्षा देकर छात्र क्यों बने रहना चाहते हैं ? ईश्वर से प्रार्थना है कि किसी अफ़सर के खिलाफ कार्रवाई न हो। जब शिक्षा मंत्री का इस्तीफ़ा नहीं हो सकता तो नगर पालिका के अधिकारी को भी कुछ नहीं करना चाहिए। छात्रों का क्या है, विपरीत परिस्थितियों में जी ही लेंगे। अभी चुनाव आने वाला है। धर्म की रक्षा भी करनी है। इतनी परीक्षाएं होंगी तो युवा धर्म की रक्षा की राजनीति कैसे करेंगे। परीक्षा धर्म के मार्ग में बाधा है। परीक्षा की औक़ात ही क्या है। औक़ात गोदी मीडिया का है। अब व्यंग्य के अलावा कुछ बचा नहीं है। किस हाल में आज का नौजवान है, वही बेहतर जान रहा होगा।
एक शहर जो मुझे भारत में सबसे अच्छा लगा।
पिछले दिनों गंगटोक सिक्किम गया तो पता चला हम यूपी, बिहार, मध्यप्रदेश, दिल्ली मुंबई आदि वाले कितने असभ्य और गंदे हैं।
वहां पहुंचते ही सबसे पहले ड्राइवर साहब ने बोला कि साहब, गाड़ी में जो भी खाओ पिओ, रोड पे कुछ मत फेंकना। गाड़ी में रखो मैं बाद में फेंक दूंगा। कार चलाते समय शायद ही हमने कभी हार्न सुना हो।
सड़के एकदम साफ। बहुत ढूंढा, पर एक भी जगह थूका हुआ या किसी भी टाइप का कचरा नहीं मिला रोड पर। सब अनुशासन में चल रहे हैं। ट्रैफिक चाहे कितना भी हो, क्या मजाल कि कोई लेन बदल ले।
और ये सब कोई डंडा मार के नहीं करवाया जा रहा था, सब की आदत में शामिल था ये। लोग सच्चे और ईमानदार एवं अपने शहर की सफाई और विरासत को लेकर अति संवेदनशील। ड्राइवर से लेकर होटल के वेटर या नॉर्मल दुकानदार तक, सब सभ्य और अनुशासित तरीके से बात करेंगे।
रास्ते में पहाड़ पर बने छोटे से ढाबे का टॉयलेट भी उतना ही साफ था, जितना होटल का। कुल मिलाकर प्राकृतिक सुंदरता हटा दें तो भी मुझे गंगटोक, देश के सबसे साफ शहर के नशे में डूबा, बेतरतीब ट्राफिक, रोड पर गुटखा थूकते लोगों वाले शहर इंदौर से सैकड़ों गुना अच्छा है।
मेरा बस चले तो देश में किसी को भी ड्राइविंग लाइसेंस देने से पहले, एक महीने की सिक्किम में ट्रेनिंग अनिवार्य कर देनी चाहिए।
फोटो, गंगटोक में जाते हुए ही कहीं का है।
मैं वही चंदू चौहान हूँ जिसको कई महीने तक पाकिस्तानियों ने यातनाएँ दी।
अब BJP का नेता
मेरी देशभक्ति पर सवाल उठाता है बताओ किस बॉर्डर पर चलकर देश के लिए अपनी जान देनी है?
@amitmalviya और पाकिस्तान की भक्ति करने वाले भाजपाइयों को जवान का संदेश।
वर्तमान सरकार की डोमिसाइल नीति ने बिहार के युवाओं को के साथ धोखा है।बल्कि बिहार के बेरोजगारी, पिछड़ेपन, पलायन वाद के लिए ...बिहार के लोग कभी माफ नही करेंगे...?
वर्तमान सरकार की डोमिसाइल नीति ने बिहार के युवाओं को के साथ धोखा है।बल्कि बिहार के बेरोजगारी, पिछड़ेपन, पलायन वाद के लिए ...बिहार के लोग कभी माफ नही करेंगे...?
इस बार की शिक्षक बहाली को देखते हुए अब बिहार सरकार को राज्य की सभी बहालियों में डोमिसाइल की नीति लागू करनी चाहिए।
या फिर कम-से-कम 85% सीटें बिहार के अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित होनी चाहिए।
@atulpmail बिहार bpsc tre 10+2 विषय इतिहास में भोजपुर जिले में सीट से कम अभ्यर्थी होने के बावजूद रोस्टर का पालन न करते हुए,सफल अभ्यर्थियों को सुदूर के अररिया, दरभंगा, समेत अन्य जिलों में भेजा जा गया है... चॉइस के 3 जिलों भोजपुर,रोहतास,पटना को छोड़कर कृपया इसपर संज्ञान लें !
@atulpmail सर अभी तक तो 11-12वी का सभी रिजल्ट घोषित भी नही हुआ ...हिस्ट्री (इतिहास), कंप्यूटर का...,9-10 वीं का तो । शिक्षा विभाग कछुआ और bpsc खरगोश वाली कहानी चरितार्थ हो रही है ।
'#संघर्ष कभी खत्म ना होने वाली एक प्रक्रिया है ।......✊
#बिहार की शिक्षा व्यस्था के मकड़ जाल
से जूझते नियोजित शिक्षक साथियों बार बार मरने से अच्छा है.......🕸️ ✊
सभी शिक्षक/संघ सक्षमता परीक्षा/विशिष्ट शिक्षक के विरूद्ध *निदेशक, माध्यमिक शिक्षा* के ईमेल आईडी
[email protected] पर 17/10/2023 तक ज्यादा से ज्यादा संख्या में ईमेल के माध्यम से आपत्ति दर्ज करें और विद्यालय अध्यापक में सीधा समायोजन की लिखित मांग करें!
राजनीति एक ....खेल है।
चालाक/धूर्त /मलिन यानी चादर ओढ़ के घी पीने वाले लोग इसे खेलते है...और मूर्ख जाहिल,अबोध लोग इस पर दिन भर अक्रामक /अराजक चर्चा करते है....।
@RCD_Bihar माननीय से निवेदन पूर्वक कहना है आप इस बीमारू लाइलाज सड़क की हालत देखिए जो वर्षो से अच्छे डॉक्टर की आस में है कोई तो हो जो प्रतिदिन हजारों गालियां सुनता हूँ पर इस गालियों का मुझ पर कोई असर नही ..लोकतंत्र में सब जायज है ...बरुणा -नानौर संपर्क पथ (सहार-अरवल) भोजपुर