तानाशाह हर तरीके के तर्क और प्रश्न से घबराता है, उसे साधारण अपना हक मांगने वाली आवाज़ भी उसे डराती है...
इसलिए तानाशाह मोदी ने हर वो बंदोबस्त किया कि उससे उसके काले कारनामों और क्रूरता को लेकर कोई प्रश्न ना पूछे
और मीडिया को मूर्ख, क्रूर और खूनी भीड़ बनाने के काम पर लगा दिया।
सीतामढ़ी में अकेले 7400 HIV के केस पाये गए! 400 से ज़्यादा बच्चे।
मेडिकल ऑफ़िसर सवाल पूछने पर कहते हैं “ इससे ज़्यादा संख्या मोतिहारी, मुजफ्फरपुर और अन्य जिलों में है!”
स्वास्थ्य मंत्री मंडल पांडे का कोई पता नहीं!
जब 10 हज़ार में लोकतंत्र ख़रीदने का गुमान हो तो कितनों को HIV हो या AIDS इससे सरकार को क्या मतलब है!
अरे फ्लाइट में थोड़ी समस्या आ गई तो सरकार को कोसने लगे..? तुम्हारा इंटरव्यू ही तो नहीं हो पाया. तुम अपनी शादी के रिस्पेशन में ही तो शामिल नहीं हो पाए। दूसरी एयरलाइन को दो गुने पैसे ही तो चुकाए हैं। एयरपोर्ट पर 10 की पानी की बोतल 100 में ही तो ली है। रात बंजारों की तरह खुले आसमान के नीचे ही तो गुजारी है। होटल का कमरा दो गुना किराए पर ही तो लिया है।
कोविड में लाखों लोग दर दर भटके, खाने को तरसे, हफ्तों तक बंधक रहे, पुलिस की लाठियां खाईं, कई हज़ार किलोमीटर पैदल चले। तुम्हारा हौसला तो तब भी नहीं टूटा, जब बैंकों की लाइन में लगे लगे दम तोड़ दिया। घर में बीमार थे, पैसे नहीं थे। बेटी की शादी थी और पैसा बैंक में था।
तुम हर मुश्किल से पार पा लेते हो। अब SIR के लिए भटक रहे हो। सरकार जानती है, तुम जीवट वाले लोग हो। तुम धर्म बचाने वाले योद्धा हो। तुम्हें सब कुछ सहना है, बस धर्म बचाना है। तुम्हें किसी से नफरत करनी है। उसी नफरत की खुराक रोज दी जा रही है। बस ऐसे ही जीवट बने रहो।
खाद की किल्लत, काला बाज़ारी और नकली DAP की खुलेआम बिक्री ने किसानों की मेहनत और फसल पर सीधी चोट की है।
आज किसान नकली खाद के असली कट्टे अपने साथ लेकर DC रेवाड़ी पहुँचे ताकि प्रशासन के सामने सच्चाई साफ रखी जा सके।
जय किसान आंदोलन ने DC कार्यालय में औपचारिक शिकायत दर्ज कर करवाई है और नकली DAP के कट्टे प्रमाण के तौर पर प्रस्तुत किए है।
यदि सरकार एवं प्रशासन द्वारा कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की जाती, तो यह माना जाएगा कि नकली खाद के इस अवैध कारोबार में हरियाणा सरकार और प्रशासन की मिलीभगत है। ऐसी स्थिति में किसान आंदोलन करने को विवश होंगे।
आज़म ख़ान साहब का मामला सिर्फ़ एक व्यक्ति का मामला नहीं है
यह भारत के लोकतांत्रिक ढाँचे, राजनीतिक आचार, सत्ता की जवाबदेही और न्यायिक प्रक्रिया की निष्पक्षता पर एक गंभीर सवाल है।
77 साल के दिलेर आज़म खान साहब 55 दिनों पहले जेल से रिहा होकर घर आए थे. उन्होंने पूरी दुनियां के सामने भारतीय न्याय व्यवस्था नंगा कर दिया था, बकौल आज़म खान साहब "जेल में खाना जो खाना दिया जा रहा था उसे कोई कुत्ता भी खा सकता."
आज़म खान ने कहा अब पहले मैं अपना इलाज कराना चाहता हूँ, क्यों कि मैं काफी बीमार हूँ.
लेकिन डबल पैनकार्ड बनाने के आरोप में आज़म खान और उनके बेटे अब्दुल्ला को सात साल की सज़ा सुनाकर जेल भेज दिया गया.
प्रो जी एन साई बाबा के साथ कुछ यूंही क्रूरता हुई थी।
योगी आदित्यनाथ अपने ऊपर लगे सभी मुकदमों को सीएम बनते ही बर्खास्त कर दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी डिग्री मिल नही रही है. स्मृति ईरानी को अपनी डिग्री दिखानी चाहिए. सत्ता में बैठकर खुद को यह लोग बचा रहे हैं.
एक बीमार बूढ़े नेता को जेल भेजा जा रहा है. क्या सच में देश में लोकतंत्र है ?
आज़म खान जी के साथ जो हो रहा है उसकी जड़ गोलवलकर के राष्ट्र कल्पना में है .... ।
यह भयावह है, अलोकतांत्रिक है, अमानवीय है।
18 नवंबर 1962 की रेजांगला की लड़ाई एक गौरवान्वित करने वाला युद्ध था जिसमें 120 में से 114 वीर अहीरों ने चीन के 1300 से अधिक सैनिकों को मार गिराया था . यादव शौर्य दिवस के अवसर पर श्रद्धांजलि सभा
@TheYadavShiv@YadavSenaOffice#Ahir_Regiment
One of the most corrupt species of India is Army officers. My father was in Army, My Grandpa was freedom fighters, and both spoke same thing. Have you capacity to reveal the corruption of Army. The situation of Army soldiers are worsen in comparison of Army officers, Even officers provide better facility to their dogs.
'62000 करोड़ का घोटाला है '
'हम कोई गाय बकरी हैं कि चुप हो जाएं'
'किसी साले का कर्जा खाए हैं '
' सब कागज़ हम जांच लिए तो क्यों चुप हो जाएं ? '
' नीतीश कुमार को कुछ बुझाता है ? '
अपनी ही पार्टी और अपनी ही सरकार को घेरते पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता आरके सिंह .
आरके सिंह के बागी तेवर वाले इंटरव्यू का लिंक कॉमेंट बॉक्स में ...
बिहार में नीतीश-मोदी की सरकार ने अडानी के साथ मिलकर 62 हजार करोड़ का भ्रष्टाचार किया है। इसकी CBI जांच होनी चाहिए।
- ये बात BJP के सीनियर लीडर और मोदी सरकार में बिजली मंत्री रहे आरके सिंह ने कही है
मोदी+अडानी की साठ-गांठ और भ्रष्टाचार की पोल अब BJP के नेता ही खोल रहे हैं।
इस भ्रष्टाचार की जोड़ी ने देश को बहुत नुकसान पहुंचाया है, लेकिन अब सच सबके सामने है।
लल्लन सिंह से अनंत सिंह की गुंडागर्दी के बारे में सवाल पूछो तो मृतक दुलारचंद यादव की जगह रीतलाल यादव की बात करने लगते हैं।
वहीं सूरजभान सिंह भी RJD में है उसके नाम पहचान पर हमला नहीं करते हैं।
भूमिहार सब भाई, यादव सब माफिया!
ये जातिवाद है, ये जंगलराज है।